सोन नदी से अतिथि शिक्षक का शव मिला:SDRF ने सुबह 7 बजे शुरू की तलाश; मछली पकड़ते समय डूबे थे

अनूपपुर के जैतहरी थाना क्षेत्र में जैतहरी थाना क्षेत्र के दूधिया घाट के पास सोन नदी में रविवार शाम डूबे अतिथि शिक्षक महेंद्र चौधरी (40) का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने सुबह करीब 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया था। शव उसी स्थान के आसपास मिला, जहां शिक्षक के डूबने की बात सामने आई थी। साथी शिक्षक के साथ मछली पकड़ने गए थे महेंद्र चौधरी रविवार सुबह अपने साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। दोनों ने घाट के एक हिस्से में मछली पकड़ने के बाद दूसरे छोर पर जाने का फैसला किया। शाम करीब 4:30 बजे नदी पार करते समय किनारे से करीब 10 मीटर पहले महेंद्र का पैर पानी के अंदर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। साथी विजय ने उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरकर मदद करने की कोशिश की। हालांकि, पानी के अंदर खुद खिंचने का खतरा महसूस होने पर उन्होंने महेंद्र का हाथ छोड़ दिया। इसके बाद महेंद्र पानी में डूब गए। रात तक तलाश, सुबह मिला शव घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम रविवार शाम से रात करीब 9 बजे तक तलाश करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया। कुछ देर बाद टीम ने शव बरामद कर लिया। ग्रामीणों ने घाट के गहरे और ऊबड़-खाबड़ होने के कारण पानी में उतरकर तलाश करने से मना कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ टीम बुलाई थी। पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी भेजा गया है। शव पर चोट या कटने के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। कुछ स्थानों पर कीड़े या मछलियों से खुरचने जैसे निशान मिले हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, घटनास्थल पर पानी गहरा और गड्ढेनुमा है। प्रारंभिक तौर पर पैर जलकुंभी या किसी अन्य वस्तु में उलझने की आशंका है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। टीचर स्कूल परिसर में ही रहते थे महेंद्र चौधरी शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर, मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक थे और स्कूल परिसर में ही रहते थे। रविवार को वे साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी पार करते समय हादसा हो गया।

सोन नदी से अतिथि शिक्षक का शव मिला:SDRF ने सुबह 7 बजे शुरू की तलाश; मछली पकड़ते समय डूबे थे
अनूपपुर के जैतहरी थाना क्षेत्र में जैतहरी थाना क्षेत्र के दूधिया घाट के पास सोन नदी में रविवार शाम डूबे अतिथि शिक्षक महेंद्र चौधरी (40) का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने सुबह करीब 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया था। शव उसी स्थान के आसपास मिला, जहां शिक्षक के डूबने की बात सामने आई थी। साथी शिक्षक के साथ मछली पकड़ने गए थे महेंद्र चौधरी रविवार सुबह अपने साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। दोनों ने घाट के एक हिस्से में मछली पकड़ने के बाद दूसरे छोर पर जाने का फैसला किया। शाम करीब 4:30 बजे नदी पार करते समय किनारे से करीब 10 मीटर पहले महेंद्र का पैर पानी के अंदर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। साथी विजय ने उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरकर मदद करने की कोशिश की। हालांकि, पानी के अंदर खुद खिंचने का खतरा महसूस होने पर उन्होंने महेंद्र का हाथ छोड़ दिया। इसके बाद महेंद्र पानी में डूब गए। रात तक तलाश, सुबह मिला शव घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम रविवार शाम से रात करीब 9 बजे तक तलाश करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया। कुछ देर बाद टीम ने शव बरामद कर लिया। ग्रामीणों ने घाट के गहरे और ऊबड़-खाबड़ होने के कारण पानी में उतरकर तलाश करने से मना कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ टीम बुलाई थी। पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी भेजा गया है। शव पर चोट या कटने के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। कुछ स्थानों पर कीड़े या मछलियों से खुरचने जैसे निशान मिले हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, घटनास्थल पर पानी गहरा और गड्ढेनुमा है। प्रारंभिक तौर पर पैर जलकुंभी या किसी अन्य वस्तु में उलझने की आशंका है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। टीचर स्कूल परिसर में ही रहते थे महेंद्र चौधरी शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर, मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक थे और स्कूल परिसर में ही रहते थे। रविवार को वे साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी पार करते समय हादसा हो गया।