धार के जेतपुरा में पानी टंकी के पास कचरा:दूषित पानी से बीमारी का खतरा, सरपंच ने सचिव को ठहराया जिम्मेदार
धार के जेतपुरा में पानी टंकी के पास कचरा:दूषित पानी से बीमारी का खतरा, सरपंच ने सचिव को ठहराया जिम्मेदार
धार जिले के जेतपुरा गांव में पानी की टंकी के पास भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। इससे आसपास गंदगी फैल रही है और पीने के पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। गांव में बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर लोग चिंतित हैं। कई दिनों से नहीं उठा कचरा स्थानीय निवासी नरभय सिंह सोलंकी ने बताया कि पानी की टंकी के पास कचरा कई दिनों से पड़ा हुआ है। कचरे से बदबू फैल रही है और मच्छर-मक्खियां बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि इसी टंकी से पूरे गांव में पानी की सप्लाई होती है, ऐसे में अगर पानी गंदा हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं। कचरा गाड़ी बंद होने से बिगड़ी व्यवस्था ग्राम पंचायत की सरपंच वर्दी बाई जगदीश डावर ने बताया कि गांव की कचरा गाड़ी कई दिनों से बंद है। उन्होंने कहा कि कचरा गाड़ी के संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सचिव अजीत बोड़ाने की है। सरपंच के अनुसार, उन्होंने कई बार कचरा गाड़ी चालू करने को कहा, लेकिन हर बार बजट नहीं होने की बात कहकर टाल दिया गया। कचरा गाड़ी बंद होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में खाली जगहों और पानी की टंकी के पास कचरा फेंक रहे हैं। इससे गांव की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। पानी की टंकी के पास कचरे का ढेर लगना पंचायत और प्रशासन की लापरवाही को दिखाता है। दूषित पानी से पहले भी हो चुकी हैं मौतें ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जेतपुरा में इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पंचायत सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई जवाब नहीं मिला। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कचरा गाड़ी चालू कराई जाए और पानी की टंकी के आसपास सफाई कराई जाए, ताकि उन्हें साफ पानी और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
धार जिले के जेतपुरा गांव में पानी की टंकी के पास भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। इससे आसपास गंदगी फैल रही है और पीने के पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। गांव में बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर लोग चिंतित हैं। कई दिनों से नहीं उठा कचरा स्थानीय निवासी नरभय सिंह सोलंकी ने बताया कि पानी की टंकी के पास कचरा कई दिनों से पड़ा हुआ है। कचरे से बदबू फैल रही है और मच्छर-मक्खियां बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि इसी टंकी से पूरे गांव में पानी की सप्लाई होती है, ऐसे में अगर पानी गंदा हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं। कचरा गाड़ी बंद होने से बिगड़ी व्यवस्था ग्राम पंचायत की सरपंच वर्दी बाई जगदीश डावर ने बताया कि गांव की कचरा गाड़ी कई दिनों से बंद है। उन्होंने कहा कि कचरा गाड़ी के संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सचिव अजीत बोड़ाने की है। सरपंच के अनुसार, उन्होंने कई बार कचरा गाड़ी चालू करने को कहा, लेकिन हर बार बजट नहीं होने की बात कहकर टाल दिया गया। कचरा गाड़ी बंद होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में खाली जगहों और पानी की टंकी के पास कचरा फेंक रहे हैं। इससे गांव की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। पानी की टंकी के पास कचरे का ढेर लगना पंचायत और प्रशासन की लापरवाही को दिखाता है। दूषित पानी से पहले भी हो चुकी हैं मौतें ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जेतपुरा में इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पंचायत सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई जवाब नहीं मिला। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कचरा गाड़ी चालू कराई जाए और पानी की टंकी के आसपास सफाई कराई जाए, ताकि उन्हें साफ पानी और स्वस्थ वातावरण मिल सके।