आगर मालवा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे:एसडीएम बोले-लगभग 50 गांवों में फसल नुकसानी की सूचना, सर्वे होगा
आगर मालवा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे:एसडीएम बोले-लगभग 50 गांवों में फसल नुकसानी की सूचना, सर्वे होगा
आगर मालवा में मंगलवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कानड़ और तनोड़िया क्षेत्रों में ओले गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कानड़ क्षेत्र के चौमा, गाजरिया, घोसली, भड़भूजी, हरगनखेड़ी, कलमोई और सूतड़ा सहित कई गांवों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। ओलों और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और अन्य दलहन-तिलहन फसलों को क्षति पहुंची है। फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना किसानों का कहना है कि कई खेतों में फसलें अभी प्रारंभिक अवस्था में थीं, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। तनोड़िया क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम अचानक बदला और बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जो लगभग 15 मिनट तक जारी रहे। किसानों के अनुसार, यदि केवल बारिश होती तो कुछ फसलों को फायदा हो सकता था, लेकिन ओलावृष्टि से फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है।
खेतों की खड़ी फसलें आड़ी हो गई इस क्षेत्र में विशेष रूप से गेहूं, धनिया, चना और मसूर की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सैकड़ों बीघा में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है, जिससे गेहूं के उत्पादन में भारी कमी की आशंका है। तनोड़िया के साथ-साथ आसपास के गांव ठिकरिया, आखाखेड़ी, थडोदा, सुठेली, खीमाखेड़ी, दौड़खेड़ी, हड़ाई और पिपलिया आदि क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की सूचना मिली है।
एसडीएम बोले-लगभग 50 गांवों में फसलों की नुकसानी की सूचना कृषि विस्तार अधिकारी बीएल निनामा ने बताया कि भ्याना, किशनपुरा और जैतपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि कम रही, लेकिन बारिश और तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। एसडीएम मिलिंद ढोके ने जानकारी दी कि लगभग 50 गांवों में फसलों की नुकसानी की सूचना है। कहीं ओले गिरे हैं तो कहीं बारिश और हवा से फसलें खराब हुई हैं। एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर दल गठित कर दिए गए हैं और जल्द ही सर्वे रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
आगर मालवा में मंगलवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कानड़ और तनोड़िया क्षेत्रों में ओले गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कानड़ क्षेत्र के चौमा, गाजरिया, घोसली, भड़भूजी, हरगनखेड़ी, कलमोई और सूतड़ा सहित कई गांवों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। ओलों और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और अन्य दलहन-तिलहन फसलों को क्षति पहुंची है। फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना किसानों का कहना है कि कई खेतों में फसलें अभी प्रारंभिक अवस्था में थीं, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। तनोड़िया क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम अचानक बदला और बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जो लगभग 15 मिनट तक जारी रहे। किसानों के अनुसार, यदि केवल बारिश होती तो कुछ फसलों को फायदा हो सकता था, लेकिन ओलावृष्टि से फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है।
खेतों की खड़ी फसलें आड़ी हो गई इस क्षेत्र में विशेष रूप से गेहूं, धनिया, चना और मसूर की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सैकड़ों बीघा में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है, जिससे गेहूं के उत्पादन में भारी कमी की आशंका है। तनोड़िया के साथ-साथ आसपास के गांव ठिकरिया, आखाखेड़ी, थडोदा, सुठेली, खीमाखेड़ी, दौड़खेड़ी, हड़ाई और पिपलिया आदि क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की सूचना मिली है।
एसडीएम बोले-लगभग 50 गांवों में फसलों की नुकसानी की सूचना कृषि विस्तार अधिकारी बीएल निनामा ने बताया कि भ्याना, किशनपुरा और जैतपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि कम रही, लेकिन बारिश और तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। एसडीएम मिलिंद ढोके ने जानकारी दी कि लगभग 50 गांवों में फसलों की नुकसानी की सूचना है। कहीं ओले गिरे हैं तो कहीं बारिश और हवा से फसलें खराब हुई हैं। एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर दल गठित कर दिए गए हैं और जल्द ही सर्वे रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।