धान खरीदी अव्यवस्था पर किसानों का फूटा गुस्सा, छह दिन की मोहलत, नहीं तो उग्र आंदोलन

छत्तीसगढ़ संवाददाता प्रतापपुर, 5 दिसंबर। शुक्रवार को तहसील प्रांगण किसानों की बुलंद आवाज से गूंज उठा। धान खरीदी केंद्रों में रकबा कटौती, ऑनलाइन टोकन की अव्यवस्था, सहकारी समितियों द्वारा किसानों से जबरन बोरी पलटी व छल्ली करवाने जैसी समस्याओं के विरोध में हजारों किसान एक दिवसीय धरने पर बैठे। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि छह दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन की शुरुआत होगी। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश महामंत्री शिव भजन मरावी ने किया। इस दौरान विद्यासागर सिंह, जगतलाल आयाम, नवीन जायसवाल, इम्तियाज़ जफऱ, त्रिभुवन सिंह, संजीव श्रीवास्तव, हरि कुशवाहा, विजयनारायण कुशवाहा, सुमन प्रजापति, उमेश राजवाड़े, कमलेश राजवाड़े, बृजलाल, रामसुंदर मरकाम, जितेंद्र पैकरा, विफन रजक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मरावी का सरकार पर तीखा हमला सभा को संबोधित करते हुए मरावी ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार की किसान-विरोधी नीतियों ने खेत-खलिहानों में संकट ला दिया है। धान रकबा कटौती और टोकन अव्यवस्था से किसान परेशान हैं। समितियों में किसानों से जबरन बोरी पलटी करवाना असंवेदनशील प्रशासन की पहचान है। मरावी ने चेतावनी दी6 दिनों में व्यवस्था नहीं सुधरी तो प्रतापपुर से सूरजपुर तक ऐसा आंदोलन उठेगा जिसे रोकना सरकार के बस में नहीं होगा। शशि सिंह के आगमन से बढ़ा किसानों का मनोबल धरने के दौरान नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह भी किसानों के समर्थन में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसके साथ हो रहा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और धान खरीदी केंद्रों में हो रही अव्यवस्था पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा। कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन धरना स्थल से किसानों ने कलेक्टर सूरजपुर के नाम अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इसमें सभी धान खरीदी केंद्रों पर जबरन करवाए जा रहे बोरी पलटी और छल्ली कार्य को तत्काल बंद करने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि यह उनकी मेहनत और अधिकार का प्रश्न है, और यदि समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा।

धान खरीदी अव्यवस्था पर किसानों का फूटा गुस्सा, छह दिन की मोहलत, नहीं तो उग्र आंदोलन
छत्तीसगढ़ संवाददाता प्रतापपुर, 5 दिसंबर। शुक्रवार को तहसील प्रांगण किसानों की बुलंद आवाज से गूंज उठा। धान खरीदी केंद्रों में रकबा कटौती, ऑनलाइन टोकन की अव्यवस्था, सहकारी समितियों द्वारा किसानों से जबरन बोरी पलटी व छल्ली करवाने जैसी समस्याओं के विरोध में हजारों किसान एक दिवसीय धरने पर बैठे। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि छह दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन की शुरुआत होगी। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश महामंत्री शिव भजन मरावी ने किया। इस दौरान विद्यासागर सिंह, जगतलाल आयाम, नवीन जायसवाल, इम्तियाज़ जफऱ, त्रिभुवन सिंह, संजीव श्रीवास्तव, हरि कुशवाहा, विजयनारायण कुशवाहा, सुमन प्रजापति, उमेश राजवाड़े, कमलेश राजवाड़े, बृजलाल, रामसुंदर मरकाम, जितेंद्र पैकरा, विफन रजक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मरावी का सरकार पर तीखा हमला सभा को संबोधित करते हुए मरावी ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार की किसान-विरोधी नीतियों ने खेत-खलिहानों में संकट ला दिया है। धान रकबा कटौती और टोकन अव्यवस्था से किसान परेशान हैं। समितियों में किसानों से जबरन बोरी पलटी करवाना असंवेदनशील प्रशासन की पहचान है। मरावी ने चेतावनी दी6 दिनों में व्यवस्था नहीं सुधरी तो प्रतापपुर से सूरजपुर तक ऐसा आंदोलन उठेगा जिसे रोकना सरकार के बस में नहीं होगा। शशि सिंह के आगमन से बढ़ा किसानों का मनोबल धरने के दौरान नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह भी किसानों के समर्थन में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसके साथ हो रहा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और धान खरीदी केंद्रों में हो रही अव्यवस्था पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा। कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन धरना स्थल से किसानों ने कलेक्टर सूरजपुर के नाम अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इसमें सभी धान खरीदी केंद्रों पर जबरन करवाए जा रहे बोरी पलटी और छल्ली कार्य को तत्काल बंद करने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि यह उनकी मेहनत और अधिकार का प्रश्न है, और यदि समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा।