नौकरी का झांसा दे सरगुजा की 2 युवतियों को एमपी में बेचा, एक वापस लौटी: दूसरी की शादी कराई, खरीदार समेत दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 5 दिसंबर। सरगुजा जिले की 2 युवतियों को अच्छे वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर मध्य प्रदेश में ढाई लाख रुपए में बेच दिए जाने व उन्हें उज्जैन में बंधक बनाकर रखने के मामले में मणिपुर पुलिस ने खरीदार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि एक युवती वापस लौट गई , वहीं दूसरी युवती की शादी करा दी गई । एक युवती को एमपी पुलिस ने बरामद कर सखी सेंटर भेज दिया था। जिसके बाद उसको सुरक्षित वापस परिजनों के पास लौटा दिया गया। उसने लखनपुर थाने में खुद को बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराई । पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दरअसल, जिन युवतियों को बेचा गया, वे शादी पार्टियों में वेटर का काम करती हैं। इनमें एक लखनपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती है, जो 12वीं की पढ़ाई करने के बाद पारिवारिक कारणों से आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी। दूसरी 23 वर्षीय युवती अंबिकापुर की है। शादी पार्टियों में काम करने के दौरान दोनों का परिचय अंबिकापुर की युवती अलका और धनी राम से हुआ था। दोनों ने उन्हें अच्छे वेतन पर काम दिलाने का झांसा दिया। दोनों उनके साथ काम पर जाने को तैयार हो गईं। अलका और धनी राम कुजूर के झांसे में आकर दोनों युवतियां 15 नवंबर की दोपहर लगभग 1 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई। उन्हें अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास एक घर में ले जाया गया, जहां उनके दो अन्य साथी अशोक और नीतेश कुजुर मौजूद थे। चारों ने उन्हें एक घर में ले जाकर दोनों युवतियों के गहने और मोबाइल ले लिए और फिर ट्रेन में बैठाकर उज्जैन ले गए। उज्जैन के घटिया थाना क्षेत्र में चारों ने दोनों युवतियों को एक घर में बंद रखा। एक दिन रुकने के बाद अलका उरांव, धनी कुजूर और नीतेश वापस लौट गए। युवतियों को अशोक और उसके साथी ने कमरे में बंद रखा और उसे कहीं जाने या किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी। लखनपुर की युवती ने बताया कि दोनों ने जब वापस जाने की जिद की। इसके जवाब में अशोक ने कहा कि उन्होंने उसे ढाई लाख रुपए में खरीदा है और अब उसे वहीं रहना पड़ेगा। एक सप्ताह बाद अशोक और उसका साथी युवती को कहीं और ले जाने के लिए निकले। घर से बाहर निकलते समय युवती ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोगों ने घटिया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी युवती को लेकर थाने पहुंचे और उसके परिजनों से बात की। इसके बाद युवती को सखी सेंटर भेज दिया गया। सूचना मिलने पर परिजन तीन दिन बाद उज्जैन पहुंचे और युवती को लेकर घर लौट आए। घर पहुंचने के बाद युवती ने लखनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 143 (2), 3 (5) के तहत केस दर्ज किया था। मामले में अवैध तरीके से युवती को खरीद बिक्री करने वाले 2 मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार थे। विवेचना दौरान प्रकरण के आरोपी का पता हेतु उज्जैन पुलिस टीम रवाना की गई। जहां उज्जैन में भंवर सिंह के कब्जे से पीडि़ता को बरामद कर उसके अन्य साथी मुकेश को गिरफ्त कर रिमांड पर भेजा गया था। मणिपुर पुलिस टीम फरार आरोपियों की सरगर्मी से पता तलाश कर रही थी। पांच दिसम्बर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर आरोपी अशोक परमार उज्जैन (म.प्र.) एवं अन्य महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जिसने घटना करना स्वीकार किया। अपराध सबूत पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

नौकरी का झांसा दे सरगुजा की 2 युवतियों को एमपी में बेचा, एक वापस लौटी: दूसरी की शादी कराई, खरीदार समेत दो गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 5 दिसंबर। सरगुजा जिले की 2 युवतियों को अच्छे वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर मध्य प्रदेश में ढाई लाख रुपए में बेच दिए जाने व उन्हें उज्जैन में बंधक बनाकर रखने के मामले में मणिपुर पुलिस ने खरीदार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि एक युवती वापस लौट गई , वहीं दूसरी युवती की शादी करा दी गई । एक युवती को एमपी पुलिस ने बरामद कर सखी सेंटर भेज दिया था। जिसके बाद उसको सुरक्षित वापस परिजनों के पास लौटा दिया गया। उसने लखनपुर थाने में खुद को बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराई । पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दरअसल, जिन युवतियों को बेचा गया, वे शादी पार्टियों में वेटर का काम करती हैं। इनमें एक लखनपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती है, जो 12वीं की पढ़ाई करने के बाद पारिवारिक कारणों से आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी। दूसरी 23 वर्षीय युवती अंबिकापुर की है। शादी पार्टियों में काम करने के दौरान दोनों का परिचय अंबिकापुर की युवती अलका और धनी राम से हुआ था। दोनों ने उन्हें अच्छे वेतन पर काम दिलाने का झांसा दिया। दोनों उनके साथ काम पर जाने को तैयार हो गईं। अलका और धनी राम कुजूर के झांसे में आकर दोनों युवतियां 15 नवंबर की दोपहर लगभग 1 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई। उन्हें अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास एक घर में ले जाया गया, जहां उनके दो अन्य साथी अशोक और नीतेश कुजुर मौजूद थे। चारों ने उन्हें एक घर में ले जाकर दोनों युवतियों के गहने और मोबाइल ले लिए और फिर ट्रेन में बैठाकर उज्जैन ले गए। उज्जैन के घटिया थाना क्षेत्र में चारों ने दोनों युवतियों को एक घर में बंद रखा। एक दिन रुकने के बाद अलका उरांव, धनी कुजूर और नीतेश वापस लौट गए। युवतियों को अशोक और उसके साथी ने कमरे में बंद रखा और उसे कहीं जाने या किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी। लखनपुर की युवती ने बताया कि दोनों ने जब वापस जाने की जिद की। इसके जवाब में अशोक ने कहा कि उन्होंने उसे ढाई लाख रुपए में खरीदा है और अब उसे वहीं रहना पड़ेगा। एक सप्ताह बाद अशोक और उसका साथी युवती को कहीं और ले जाने के लिए निकले। घर से बाहर निकलते समय युवती ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोगों ने घटिया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी युवती को लेकर थाने पहुंचे और उसके परिजनों से बात की। इसके बाद युवती को सखी सेंटर भेज दिया गया। सूचना मिलने पर परिजन तीन दिन बाद उज्जैन पहुंचे और युवती को लेकर घर लौट आए। घर पहुंचने के बाद युवती ने लखनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 143 (2), 3 (5) के तहत केस दर्ज किया था। मामले में अवैध तरीके से युवती को खरीद बिक्री करने वाले 2 मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार थे। विवेचना दौरान प्रकरण के आरोपी का पता हेतु उज्जैन पुलिस टीम रवाना की गई। जहां उज्जैन में भंवर सिंह के कब्जे से पीडि़ता को बरामद कर उसके अन्य साथी मुकेश को गिरफ्त कर रिमांड पर भेजा गया था। मणिपुर पुलिस टीम फरार आरोपियों की सरगर्मी से पता तलाश कर रही थी। पांच दिसम्बर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर आरोपी अशोक परमार उज्जैन (म.प्र.) एवं अन्य महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जिसने घटना करना स्वीकार किया। अपराध सबूत पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।