कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल: दूसरे दिन निकाली रैली

छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 30 दिसंबर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले पूरे राज्य के कर्मचारी वेतन विसंगति दूर करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के 4,50,000 सरकारी कर्मचारी सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसी क्रम में केशकाल के रावणभाठा मैदान में भी केशकाल विकासखंड के सभी विभागों के अधिकारी- कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर बैठे हैं। जिससे शासकीय कामकाज पर भी खासा असर पड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को हड़ताल के दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने धरना स्थल से आईटीआई चौक तक हाथों में बैनर पोस्टर लिए पैदल रैली निकाल कर राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भविष्य में हम उग्र आंदोलन करेंगे। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार बने दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मोदी की गारंटी के तहत रुका हुआ महंगाई भत्ता एरियर्स के रूप में नहीं दिया गया है। इसके अलावा केंद्र के समान देय तिथि से डीए देने, चार स्तरीय वेतनमान लागू करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे प्रमुख वादे अब तक अधूरे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की असंवेदनशीलता के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। फेडरेशन संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो तीन दिवसीय हड़ताल के बाद आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में तब्दील किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य रूप से जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर, जिला सचिव हीरा सिंह, प्रांतीय सचिव चमनलाल वर्मा, डॉ. सुरेंद्र नाग, सचिव गिरिजाशंकर साहू, श्यामलाल कोर्राम, रोशन हिरवानी मौजूद रहे।

कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल: दूसरे दिन निकाली रैली
छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 30 दिसंबर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले पूरे राज्य के कर्मचारी वेतन विसंगति दूर करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के 4,50,000 सरकारी कर्मचारी सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसी क्रम में केशकाल के रावणभाठा मैदान में भी केशकाल विकासखंड के सभी विभागों के अधिकारी- कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर बैठे हैं। जिससे शासकीय कामकाज पर भी खासा असर पड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को हड़ताल के दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने धरना स्थल से आईटीआई चौक तक हाथों में बैनर पोस्टर लिए पैदल रैली निकाल कर राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भविष्य में हम उग्र आंदोलन करेंगे। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार बने दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मोदी की गारंटी के तहत रुका हुआ महंगाई भत्ता एरियर्स के रूप में नहीं दिया गया है। इसके अलावा केंद्र के समान देय तिथि से डीए देने, चार स्तरीय वेतनमान लागू करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे प्रमुख वादे अब तक अधूरे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की असंवेदनशीलता के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। फेडरेशन संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो तीन दिवसीय हड़ताल के बाद आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में तब्दील किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य रूप से जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर, जिला सचिव हीरा सिंह, प्रांतीय सचिव चमनलाल वर्मा, डॉ. सुरेंद्र नाग, सचिव गिरिजाशंकर साहू, श्यामलाल कोर्राम, रोशन हिरवानी मौजूद रहे।