सीहोर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज:घने बादल छाए, कोहरे से विजिबिलिटी कम; फसल नुकसान की आशंका

सीहोर जिले में आज न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे करीब 8 बजे तक धूप नहीं निकल पाई। कई इलाकों में हल्का तो कहीं घना कोहरा रहा, जिससे दृश्यता घटकर लगभग 50 मीटर तक रह गई। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। श्यामपुर और जावर तहसील के कुछ गांवों में बीमित फसलों के गिरने की जानकारी सामने आई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर मौसम साफ होता है और धूप निकलती है, तो बारिश और ओलों से गिरी फसलें दोबारा खड़ी हो सकती हैं। इससे नुकसान कुछ हद तक कम हो सकता है। फसल बीमा के लिए 14447 पर कॉल करें कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपने नुकसान की जानकारी जरूर दें। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके या फसल बीमा ऐप के माध्यम से फसल नुकसान की सूचना दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क बनाए रखें। फसल नुकसान के आकलन के लिए बीमा कंपनी द्वारा जीटी पॉइंट भी लगाए जा रहे हैं, ताकि नुकसान का सही मूल्यांकन किया जा सके।

सीहोर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज:घने बादल छाए, कोहरे से विजिबिलिटी कम; फसल नुकसान की आशंका
सीहोर जिले में आज न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे करीब 8 बजे तक धूप नहीं निकल पाई। कई इलाकों में हल्का तो कहीं घना कोहरा रहा, जिससे दृश्यता घटकर लगभग 50 मीटर तक रह गई। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। श्यामपुर और जावर तहसील के कुछ गांवों में बीमित फसलों के गिरने की जानकारी सामने आई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर मौसम साफ होता है और धूप निकलती है, तो बारिश और ओलों से गिरी फसलें दोबारा खड़ी हो सकती हैं। इससे नुकसान कुछ हद तक कम हो सकता है। फसल बीमा के लिए 14447 पर कॉल करें कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपने नुकसान की जानकारी जरूर दें। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके या फसल बीमा ऐप के माध्यम से फसल नुकसान की सूचना दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क बनाए रखें। फसल नुकसान के आकलन के लिए बीमा कंपनी द्वारा जीटी पॉइंट भी लगाए जा रहे हैं, ताकि नुकसान का सही मूल्यांकन किया जा सके।