बिल्डरों को लाभ पहुंचाने लोगों को बेघर करना उचित नहीं- ओस्तवाल

राजनांदगांव, 3 दिसंबर। पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने कहा कि चंद बिल्डरों को लाभ पहुंचाने गंज चौक से कन्हारपुरी के लोगों को बेघर करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि गरीबों का आक्रोश भाजपा के अहंकार को ले डूबेगा। श्री ओस्तवाल ने महापौर, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मांग करते कहा कि जिस तरह से भाजपा सरकार बनने के बाद से आम गरीब जनता पर कानून का खौफ दिखाकर हजारों गरीबों के मकानों को ध्वस्त कर जो चंद बिल्डरों की बड़ी कॉलोनी को विकसित करने के जिस उद्देश्य से गंज चौक से लेकर कन्हारपुरी तक सडक़ चौड़ीकरण की जो योजना लाई गई है, उसका खुलासा शहर की आम जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर का मास्टर प्लान सन् 2031 का जो लागू है, क्या उसका परिपालन पूरी ईमानदारी से प्रशासन में बैठे वे अधिकारी कर रहे हैं क्या? श्री ओस्तवाल ने कहा कि क्या शहर की बढ़ती आबादी को देखते गंज चौक से कन्हारपुरी सडक़ का चौड़ीकरण का प्रस्ताव लाया गया या चंद बिल्डरों की सैकड़ों एकड़ जमीन लगी कालोनी के आसपास जो खरीदी गई है, उन्हें लाभ पहुंचाने उन गरीब मजदूर छोटे तपके के आवासीय एवं गैर आवासीय लोगों के पानठेला, गुमटी, होटल आदि का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है, उन्हें बेदखल कर चंद बिल्डरों को लाभ पहुंचाना, कहां तक उचित है।

बिल्डरों को लाभ पहुंचाने लोगों को बेघर करना उचित नहीं- ओस्तवाल
राजनांदगांव, 3 दिसंबर। पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने कहा कि चंद बिल्डरों को लाभ पहुंचाने गंज चौक से कन्हारपुरी के लोगों को बेघर करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि गरीबों का आक्रोश भाजपा के अहंकार को ले डूबेगा। श्री ओस्तवाल ने महापौर, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मांग करते कहा कि जिस तरह से भाजपा सरकार बनने के बाद से आम गरीब जनता पर कानून का खौफ दिखाकर हजारों गरीबों के मकानों को ध्वस्त कर जो चंद बिल्डरों की बड़ी कॉलोनी को विकसित करने के जिस उद्देश्य से गंज चौक से लेकर कन्हारपुरी तक सडक़ चौड़ीकरण की जो योजना लाई गई है, उसका खुलासा शहर की आम जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर का मास्टर प्लान सन् 2031 का जो लागू है, क्या उसका परिपालन पूरी ईमानदारी से प्रशासन में बैठे वे अधिकारी कर रहे हैं क्या? श्री ओस्तवाल ने कहा कि क्या शहर की बढ़ती आबादी को देखते गंज चौक से कन्हारपुरी सडक़ का चौड़ीकरण का प्रस्ताव लाया गया या चंद बिल्डरों की सैकड़ों एकड़ जमीन लगी कालोनी के आसपास जो खरीदी गई है, उन्हें लाभ पहुंचाने उन गरीब मजदूर छोटे तपके के आवासीय एवं गैर आवासीय लोगों के पानठेला, गुमटी, होटल आदि का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है, उन्हें बेदखल कर चंद बिल्डरों को लाभ पहुंचाना, कहां तक उचित है।