पुलिस का आओ संवारें कल अपना अभियान, मोबाइल छोड़ बच्चे मैदान में उतरे

बिलासपुर, 23 अप्रैल। जिला पुलिस द्वारा संचालित चेतना अभियान के तहतआओ संवारें कल अपनाकार्यक्रम महमंद,तोरवा क्षेत्र में किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को नशे और मोबाइल की लत से दूर कर खेलकूद,अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करना है। इस अभियान की शुरुआत बिलासपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कियुवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। यदि हम उन्हें समय रहते सही दिशा दें,तो वे नशा और अपराध की ओर नहीं जाएंगे। खेलकूद और सामूहिक गतिविधियाँ उनके भीतर आत्मविश्वास,अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करती हैं। कार्यक्रम में बच्चों को वॉलीबॉल,फुटबॉल,बैडमिंटन,फ्रिस्बी जैसे खेलों की किट प्रदान की गई। आगामी एक महीने तक इन खेलों का आयोजन प्रशिक्षकों की देखरेख में किया जाएगा,जिसमें बच्चे नियमित रूप से भाग लेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा ने कहा कितकनीक की लत बच्चों के विकास को बाधित कर रही है। इस अभियान के माध्यम से हम बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखकर उन्हें एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर ले जा रहे हैं।

पुलिस का आओ संवारें कल अपना अभियान, मोबाइल छोड़ बच्चे मैदान में उतरे
बिलासपुर, 23 अप्रैल। जिला पुलिस द्वारा संचालित चेतना अभियान के तहतआओ संवारें कल अपनाकार्यक्रम महमंद,तोरवा क्षेत्र में किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को नशे और मोबाइल की लत से दूर कर खेलकूद,अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करना है। इस अभियान की शुरुआत बिलासपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कियुवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। यदि हम उन्हें समय रहते सही दिशा दें,तो वे नशा और अपराध की ओर नहीं जाएंगे। खेलकूद और सामूहिक गतिविधियाँ उनके भीतर आत्मविश्वास,अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करती हैं। कार्यक्रम में बच्चों को वॉलीबॉल,फुटबॉल,बैडमिंटन,फ्रिस्बी जैसे खेलों की किट प्रदान की गई। आगामी एक महीने तक इन खेलों का आयोजन प्रशिक्षकों की देखरेख में किया जाएगा,जिसमें बच्चे नियमित रूप से भाग लेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा ने कहा कितकनीक की लत बच्चों के विकास को बाधित कर रही है। इस अभियान के माध्यम से हम बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखकर उन्हें एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर ले जा रहे हैं।