तेंदूपत्ता परिवहन में पारदर्शिता लाने, अब जेम पोर्टल से होगी निविदा
तेंदूपत्ता परिवहन में पारदर्शिता लाने, अब जेम पोर्टल से होगी निविदा
जगदलपुर, 11 मार्च। राज्य शासन की नवीन तेंदूपत्ता नीति 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन के दौरान बोरों के सुगम और पारदर्शी परिवहन के लिए इस बार जेम पोर्टल के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को जगदलपुर वन वृत्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें वन वृत्त में समाहित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर के परिवहन ठेकेदारों को आमंत्रित कर नई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक एवं पदेन मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार तिवारी ने उपस्थित ट्रांसपोर्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य तेंदूपत्ता परिवहन कार्य में पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा प्रक्रिया अपनाने से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि कार्यप्रणाली भी अधिक विश्वसनीय बनेगी। बैठक के दौरान मुख्य वन संरक्षक श्री तिवारी ने ठेकेदारों द्वारा उठाई गई विभिन्न तकनीकी समस्याओं और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया, ताकि आगामी सीजन के दौरान परिवहन कार्य में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न न हो।
बैठक में उपस्थित उप प्रबंधक गुलशन कुमार साहू और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने भी नई नीति के अंतर्गत आने वाली निविदा शर्तों और नियमों पर चर्चा की। वन विभाग द्वारा सभी परिवहन ठेकेदारों से आग्रह किया गया है कि वे आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यम को अपनाते हुए जेम पोर्टल पर सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आगामी वर्ष में तेंदूपत्ता संग्रहण के बाद उनके उठाव और परिवहन की प्रक्रिया पहले से अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकेगी।
जगदलपुर, 11 मार्च। राज्य शासन की नवीन तेंदूपत्ता नीति 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन के दौरान बोरों के सुगम और पारदर्शी परिवहन के लिए इस बार जेम पोर्टल के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को जगदलपुर वन वृत्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें वन वृत्त में समाहित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर के परिवहन ठेकेदारों को आमंत्रित कर नई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक एवं पदेन मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार तिवारी ने उपस्थित ट्रांसपोर्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य तेंदूपत्ता परिवहन कार्य में पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा प्रक्रिया अपनाने से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि कार्यप्रणाली भी अधिक विश्वसनीय बनेगी। बैठक के दौरान मुख्य वन संरक्षक श्री तिवारी ने ठेकेदारों द्वारा उठाई गई विभिन्न तकनीकी समस्याओं और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया, ताकि आगामी सीजन के दौरान परिवहन कार्य में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न न हो।
बैठक में उपस्थित उप प्रबंधक गुलशन कुमार साहू और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने भी नई नीति के अंतर्गत आने वाली निविदा शर्तों और नियमों पर चर्चा की। वन विभाग द्वारा सभी परिवहन ठेकेदारों से आग्रह किया गया है कि वे आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यम को अपनाते हुए जेम पोर्टल पर सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आगामी वर्ष में तेंदूपत्ता संग्रहण के बाद उनके उठाव और परिवहन की प्रक्रिया पहले से अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकेगी।