कृषि मंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण जागरूकता का दिया संदेश

छत्तीसगढ़ संवाददाता बलरामपुर, 25 सितम्बर। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आदिम जाति विकास, पशुपालन एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में अपनी माँ के नाम महोगनी का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री नेताम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक पेड़ मा के नाम अनूठा प्रयास है ।उन्होंने कहा कि सभी को कम से कम एक पौधा अपनी माँ के नाम लगाना चाहिए और उसके संरक्षण भी करनी चाहिए। वृक्षारोपण से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी साथ ही आने वाले पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। उन्होंने उपस्थित जनों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और स्थानीय समुदायों को इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

कृषि मंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण जागरूकता का दिया संदेश
छत्तीसगढ़ संवाददाता बलरामपुर, 25 सितम्बर। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आदिम जाति विकास, पशुपालन एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में अपनी माँ के नाम महोगनी का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री नेताम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक पेड़ मा के नाम अनूठा प्रयास है ।उन्होंने कहा कि सभी को कम से कम एक पौधा अपनी माँ के नाम लगाना चाहिए और उसके संरक्षण भी करनी चाहिए। वृक्षारोपण से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी साथ ही आने वाले पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। उन्होंने उपस्थित जनों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और स्थानीय समुदायों को इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।