कांग्रेस सरकार ने काले धन को जमीन में खपाने घटाई थी गाइडलाइन दरें: भाजपा
कांग्रेस सरकार ने काले धन को जमीन में खपाने घटाई थी गाइडलाइन दरें: भाजपा
संभाग प्रभारी शिवरतन शर्मा की प्रेस वार्ता
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15दिसंबर।भाजपा के संभाग प्रभारीशिवरतन शर्माने कांग्रेस की पूर्व भूपेश बघेल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गाइडलाइन दरें बढ़ाने के बजाय30प्रतिशत तक घटा दीं,ताकि कोयला,शराब,पीएससी,महादेव ऐप,धान और डीएमएफ जैसे बड़े घोटालों से आएहजारों करोड़ रुपये के काले धन को जमीन में खपाया जा सके।
रविवार को न्यू सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में शिवरतन शर्मा ने दावा किया कि वर्ष2022में कांग्रेस सरकार ने कुछ खास क्षेत्रों मेंगाइडलाइन दरें40प्रतिशत तक कमकर दी थीं। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार से अर्जित काले धन को उन्हीं इलाकों में जमीनों के रूप में निवेश कराना था।
उन्होंने कहा किईडी की जांचमें यह साफ हो चुका है कि कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों ने पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर जमीन-जायदाद खरीदी। सैकड़ों एकड़ में फार्म हाउस बनाए गए और अबसैकड़ों से अधिक संपत्तियां अटैचकी जा चुकी हैं।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शासन में ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन कीदो अलग-अलग दरेंलागू थींवर्ग मीटर और हेक्टेयर दर।500वर्ग मीटर तक वर्ग मीटर दर और उससे बड़े भूखंडों पर हेक्टेयर दर लागू होती थी,जिनमें5से20गुना तक का अंतरथा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी अंतर का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले किए गए।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल मेंभारत माला प्रोजेक्ट,एनटीपीसी अल्ट्रा मेगा पावर,अरपा-भैंसाझार परियोजना,उरगा-कटघोरा और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओंमें भी भूमि अधिग्रहण को लेकर गंभीर घोटाले हुए।
शर्मा ने कहा कि अब नियमों में बदलाव करपरिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि की दर से शुल्कलिया जा रहा है। असिंचित भूमि पर20प्रतिशत की छूटदी जा रही है। पहले दो फसली भूमि पर रजिस्ट्री में25प्रतिशत अतिरिक्त शुल्कलगता था,जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में फ्लैट और बहुमंजिला भवनों में अबकेवल बिल्टअप एरिया पर ही रजिस्ट्री शुल्कलिया जाएगा। पहले सुपर बिल्टअप एरिया के आधार पर शुल्क लिया जाता था,जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को20से30प्रतिशत तक का लाभमिलने की बात कही गई। भाजपा संभाग प्रभारी ने कहा कि सरकारजनभावनाओं के अनुरूप नियमों में संशोधनके लिए हमेशा तैयार है और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
संभाग प्रभारी शिवरतन शर्मा की प्रेस वार्ता
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15दिसंबर।भाजपा के संभाग प्रभारीशिवरतन शर्माने कांग्रेस की पूर्व भूपेश बघेल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गाइडलाइन दरें बढ़ाने के बजाय30प्रतिशत तक घटा दीं,ताकि कोयला,शराब,पीएससी,महादेव ऐप,धान और डीएमएफ जैसे बड़े घोटालों से आएहजारों करोड़ रुपये के काले धन को जमीन में खपाया जा सके।
रविवार को न्यू सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में शिवरतन शर्मा ने दावा किया कि वर्ष2022में कांग्रेस सरकार ने कुछ खास क्षेत्रों मेंगाइडलाइन दरें40प्रतिशत तक कमकर दी थीं। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार से अर्जित काले धन को उन्हीं इलाकों में जमीनों के रूप में निवेश कराना था।
उन्होंने कहा किईडी की जांचमें यह साफ हो चुका है कि कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों ने पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर जमीन-जायदाद खरीदी। सैकड़ों एकड़ में फार्म हाउस बनाए गए और अबसैकड़ों से अधिक संपत्तियां अटैचकी जा चुकी हैं।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शासन में ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन कीदो अलग-अलग दरेंलागू थींवर्ग मीटर और हेक्टेयर दर।500वर्ग मीटर तक वर्ग मीटर दर और उससे बड़े भूखंडों पर हेक्टेयर दर लागू होती थी,जिनमें5से20गुना तक का अंतरथा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी अंतर का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले किए गए।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल मेंभारत माला प्रोजेक्ट,एनटीपीसी अल्ट्रा मेगा पावर,अरपा-भैंसाझार परियोजना,उरगा-कटघोरा और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओंमें भी भूमि अधिग्रहण को लेकर गंभीर घोटाले हुए।
शर्मा ने कहा कि अब नियमों में बदलाव करपरिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि की दर से शुल्कलिया जा रहा है। असिंचित भूमि पर20प्रतिशत की छूटदी जा रही है। पहले दो फसली भूमि पर रजिस्ट्री में25प्रतिशत अतिरिक्त शुल्कलगता था,जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में फ्लैट और बहुमंजिला भवनों में अबकेवल बिल्टअप एरिया पर ही रजिस्ट्री शुल्कलिया जाएगा। पहले सुपर बिल्टअप एरिया के आधार पर शुल्क लिया जाता था,जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को20से30प्रतिशत तक का लाभमिलने की बात कही गई। भाजपा संभाग प्रभारी ने कहा कि सरकारजनभावनाओं के अनुरूप नियमों में संशोधनके लिए हमेशा तैयार है और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।