सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, सुबह से रहा कोहरा:3 दिनों से रात का पारा 9° से नीचे, अगले 72 घंटों में और बढ़ेगी ठिठुरन

उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से सागर में ठिठुरा देने वाली ठंड पड़ रही है। रात के साथ ही दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले तीन दिनों से सागर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के नीचे बना हुआ है। गुरुवार सुबह से हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह करीब 8 बजे धूप खिली। दिन चढ़ने के साथ ही धूप का असर बढ़ा। लेकिन सर्द हवाओं से सूरज की तपिश बेअसर रही। इस समय सागर का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 8.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। लगातार तापमान में आ रही गिरावट से फसलों को पाले के प्रकोप से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने मेड़ों पर धुआं करने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी माह में कड़ाके की ठंड का दौर बना रहेगा। आगामी 2 से 3 दिन बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा। क्योंकि हिमालय के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जब यह आगे बढ़ेगा तो बर्फ पिघलने लगेगी और बर्फीली हवाओं की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। जिसके असर से ठंड बढ़ेगी और तापमान में गिरावट आएगी। ठंड में फसलों को बचाने की सलाह कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, कोहरे और गिरते तापमान के बीच फसलों की निगरानी जरूरी है। यदि पारा 6 डिग्री से नीचे जाता है तो किसान खेत की मेड़ों पर सूखा व गीला कचरा जलाकर धुआं करें। इससे खेत के पास का तापमान स्थिर रहता है और फसलें पाले से बचती हैं। गेहूं की फसल में आ रहे पीलेपन को दूर करने के लिए एनपीके एक किलो और 300 ग्राम जिंक सल्फेट को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। धनिया और मसूर में माहू का प्रकोप दिखते ही थायोमेथॉक्सिम 25 या इमिडाकलोपिड 17.5 एसएल की 100 मिली मात्रा को 1500 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ में छिड़काव करें। जनवरी माह में पड़ती है कड़ाके की ठंड मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने में से दो महीने जुलाई और अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं महीनों में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है। ठीक इसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़के की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीनों में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए तापमान में गिरावट आती है और सर्द हवाएं भी चलती हैं। जिससे सर्दी अपने तेवर दिखाती है।

सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, सुबह से रहा कोहरा:3 दिनों से रात का पारा 9° से नीचे, अगले 72 घंटों में और बढ़ेगी ठिठुरन
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से सागर में ठिठुरा देने वाली ठंड पड़ रही है। रात के साथ ही दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले तीन दिनों से सागर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के नीचे बना हुआ है। गुरुवार सुबह से हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह करीब 8 बजे धूप खिली। दिन चढ़ने के साथ ही धूप का असर बढ़ा। लेकिन सर्द हवाओं से सूरज की तपिश बेअसर रही। इस समय सागर का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 8.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। लगातार तापमान में आ रही गिरावट से फसलों को पाले के प्रकोप से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने मेड़ों पर धुआं करने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी माह में कड़ाके की ठंड का दौर बना रहेगा। आगामी 2 से 3 दिन बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा। क्योंकि हिमालय के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जब यह आगे बढ़ेगा तो बर्फ पिघलने लगेगी और बर्फीली हवाओं की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। जिसके असर से ठंड बढ़ेगी और तापमान में गिरावट आएगी। ठंड में फसलों को बचाने की सलाह कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, कोहरे और गिरते तापमान के बीच फसलों की निगरानी जरूरी है। यदि पारा 6 डिग्री से नीचे जाता है तो किसान खेत की मेड़ों पर सूखा व गीला कचरा जलाकर धुआं करें। इससे खेत के पास का तापमान स्थिर रहता है और फसलें पाले से बचती हैं। गेहूं की फसल में आ रहे पीलेपन को दूर करने के लिए एनपीके एक किलो और 300 ग्राम जिंक सल्फेट को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। धनिया और मसूर में माहू का प्रकोप दिखते ही थायोमेथॉक्सिम 25 या इमिडाकलोपिड 17.5 एसएल की 100 मिली मात्रा को 1500 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ में छिड़काव करें। जनवरी माह में पड़ती है कड़ाके की ठंड मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने में से दो महीने जुलाई और अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं महीनों में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है। ठीक इसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़के की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीनों में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए तापमान में गिरावट आती है और सर्द हवाएं भी चलती हैं। जिससे सर्दी अपने तेवर दिखाती है।