जबलपुर से भेजा गया कोल्ड्रिफ सिरप निकला दूषित:कटारिया फार्मास्यूटिकल ने बगैर अनुमति रखा दवाओं का स्टॉक, क्रय-विक्रय का भी रिकॉर्ड नहीं; गोदाम-ऑफिस सील

छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के बाद जबलपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस सिरप सहित अन्य दवाओं का स्टॉक करने वाले कटारिया फार्मास्यूटिकल को नोटिस जारी किया है। दरअसल, उनके पास गोदाम में दवाओं का स्टॉक रखने की प्रशासनिक अनुमति नहीं थी। प्रशासन ने ऑफिस और गोदाम की सील कर दिया है। शॉप व गोदाम के निरीक्षण के दौरान शुक्रवार को संचालक ने दुकान का लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज खाद्य एवं औषधि विभाग की निरीक्षण टीम के सामने पेश किए थे, लेकिन वे गोदाम से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। जबकि गोदाम में ही बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखा था। इसके अलावा, फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जो गंभीर अनियमितता मानी जा रही है। विभाग ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर लेकर जांच की अनुमति प्राप्त कर ली है। बता दें कि पहले यहीं से कफ सिरप के 26 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे, जिनमें कई गंभीर कमियां पाई गई हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत यह जांच की जा रही है। विभाग ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची जो स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी और जिससे कई बच्चों की जान चली गई। एक दिन में मांगा जबाव कटारिया फार्मास्यूटिकल का ऑफिस नोदरा ब्रिज के पास बताया गया है। यहां कल दिनभर कार्रवाई चली। विभाग ने फर्म को नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। पूरा मामला अब कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। गोदाम में रेफ्रिजरेटर भी नहीं था अनदेखी और लापरवाही का आलम यह था कि गोदाम में दवाओं का स्टॉक तो किया गया, पर वहां रेफ्रिजरेटर तक नहीं था, जबकि रेफ्रिजरेटर रखना अनिवार्य है। क्योंकि कई दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें निर्धारित तापमान में ही रखना पड़ता है। कम या अधिक तापमान में ऐसी दवाओं के खराब होने का खतरा रहता है। महाकौशल क्षेत्र में इकलौता डीलर महाकौशल क्षेत्र में कोल्ड्रिफ कफ सिरप का एक ही डीलर है, जिससे क्षेत्र के छोटे मेडिकल संचालक दवाएं लेकर जाते हैं। जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा है ताकि इस लापरवाही की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। कार्रवाई के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन और प्रवीण पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जबलपुर से भेजे सेंपल भी दूषित गौरतलब है कि तमिलनाडु की श्री सन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाए गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप से अब तक 24 बच्चों की मौत हो चुकी है। छिंदवाड़ा के बाद जबलपुर से भेजे गए सैंपलों में भी दूषित केमिकल की पुष्टि हुई है, जो मौतों का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

जबलपुर से भेजा गया कोल्ड्रिफ सिरप निकला दूषित:कटारिया फार्मास्यूटिकल ने बगैर अनुमति रखा दवाओं का स्टॉक, क्रय-विक्रय का भी रिकॉर्ड नहीं; गोदाम-ऑफिस सील
छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के बाद जबलपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस सिरप सहित अन्य दवाओं का स्टॉक करने वाले कटारिया फार्मास्यूटिकल को नोटिस जारी किया है। दरअसल, उनके पास गोदाम में दवाओं का स्टॉक रखने की प्रशासनिक अनुमति नहीं थी। प्रशासन ने ऑफिस और गोदाम की सील कर दिया है। शॉप व गोदाम के निरीक्षण के दौरान शुक्रवार को संचालक ने दुकान का लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज खाद्य एवं औषधि विभाग की निरीक्षण टीम के सामने पेश किए थे, लेकिन वे गोदाम से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। जबकि गोदाम में ही बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखा था। इसके अलावा, फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जो गंभीर अनियमितता मानी जा रही है। विभाग ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर लेकर जांच की अनुमति प्राप्त कर ली है। बता दें कि पहले यहीं से कफ सिरप के 26 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे, जिनमें कई गंभीर कमियां पाई गई हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत यह जांच की जा रही है। विभाग ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची जो स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी और जिससे कई बच्चों की जान चली गई। एक दिन में मांगा जबाव कटारिया फार्मास्यूटिकल का ऑफिस नोदरा ब्रिज के पास बताया गया है। यहां कल दिनभर कार्रवाई चली। विभाग ने फर्म को नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। पूरा मामला अब कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। गोदाम में रेफ्रिजरेटर भी नहीं था अनदेखी और लापरवाही का आलम यह था कि गोदाम में दवाओं का स्टॉक तो किया गया, पर वहां रेफ्रिजरेटर तक नहीं था, जबकि रेफ्रिजरेटर रखना अनिवार्य है। क्योंकि कई दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें निर्धारित तापमान में ही रखना पड़ता है। कम या अधिक तापमान में ऐसी दवाओं के खराब होने का खतरा रहता है। महाकौशल क्षेत्र में इकलौता डीलर महाकौशल क्षेत्र में कोल्ड्रिफ कफ सिरप का एक ही डीलर है, जिससे क्षेत्र के छोटे मेडिकल संचालक दवाएं लेकर जाते हैं। जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा है ताकि इस लापरवाही की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। कार्रवाई के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन और प्रवीण पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जबलपुर से भेजे सेंपल भी दूषित गौरतलब है कि तमिलनाडु की श्री सन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाए गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप से अब तक 24 बच्चों की मौत हो चुकी है। छिंदवाड़ा के बाद जबलपुर से भेजे गए सैंपलों में भी दूषित केमिकल की पुष्टि हुई है, जो मौतों का प्रमुख कारण माना जा रहा है।