गोंदिया में आरओआर का काम जारी:4-5 जून को सीआरएस जांच, ट्रेनों की लेट लतीफी से यात्री परेशान

बालाघाट में रेल यात्रियों को इन दिनों ट्रेनों की देरी से जूझना पड़ रहा है। गोंदिया में बन रहे आरओआर (रेल ओवर रेल) के कारण रेलवे विभाग को बार-बार ब्लॉक लगाना पड़ रहा है। जेडआरयुसी सदस्य मोनिल जैन के अनुसार, 4-5 जून को आरओआर की सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) जांच होगी। इसके बाद 6 जून से ट्रेनों का ट्रायल शुरू होगा। जैन ने बताया कि आरओआर बनने के बाद बालाघाट से चलने वाली सभी ट्रेनों को फायदा होगा और देरी की समस्या दूर हो जाएगी। रेलवे स्टेशन के सहायक प्रबंधक सुधीर बाजपेयी ने कहा कि वरिष्ठ स्तर पर इस समस्या के समाधान पर काम चल रहा है। यात्रियों को हो रही असुविधा का सीधा उदाहरण गोंदिया निवासी कौशल्या हैं। उन्हें ढाई बजे की विदर्भ एक्सप्रेस पकड़नी थी, लेकिन ट्रेन की देरी के कारण अब उन्हें महंगा किराया देकर बस से यात्रा करनी पड़ेगी। यात्रियों की एक और मांग है कि कोरोना काल से पहले चलने वाली सुबह 6:45 बजे की बालाघाट-गोंदिया लोकल पैसेंजर और रात 10 बजे गोंदिया से बालाघाट आने वाली ट्रेन को फिर से शुरू किया जाए। ये ट्रेनें यात्रियों को रायपुर और नागपुर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करती थीं।

गोंदिया में आरओआर का काम जारी:4-5 जून को सीआरएस जांच, ट्रेनों की लेट लतीफी से यात्री परेशान
बालाघाट में रेल यात्रियों को इन दिनों ट्रेनों की देरी से जूझना पड़ रहा है। गोंदिया में बन रहे आरओआर (रेल ओवर रेल) के कारण रेलवे विभाग को बार-बार ब्लॉक लगाना पड़ रहा है। जेडआरयुसी सदस्य मोनिल जैन के अनुसार, 4-5 जून को आरओआर की सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) जांच होगी। इसके बाद 6 जून से ट्रेनों का ट्रायल शुरू होगा। जैन ने बताया कि आरओआर बनने के बाद बालाघाट से चलने वाली सभी ट्रेनों को फायदा होगा और देरी की समस्या दूर हो जाएगी। रेलवे स्टेशन के सहायक प्रबंधक सुधीर बाजपेयी ने कहा कि वरिष्ठ स्तर पर इस समस्या के समाधान पर काम चल रहा है। यात्रियों को हो रही असुविधा का सीधा उदाहरण गोंदिया निवासी कौशल्या हैं। उन्हें ढाई बजे की विदर्भ एक्सप्रेस पकड़नी थी, लेकिन ट्रेन की देरी के कारण अब उन्हें महंगा किराया देकर बस से यात्रा करनी पड़ेगी। यात्रियों की एक और मांग है कि कोरोना काल से पहले चलने वाली सुबह 6:45 बजे की बालाघाट-गोंदिया लोकल पैसेंजर और रात 10 बजे गोंदिया से बालाघाट आने वाली ट्रेन को फिर से शुरू किया जाए। ये ट्रेनें यात्रियों को रायपुर और नागपुर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करती थीं।