मजदूरों के पलायन पर जिला प्रशासन सख्त:खरगोन के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी; मनरेगा में होगी रोजगार की व्यवस्था

खरगोन जिला प्रशासन ने मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर जिला टास्क फोर्स कमेटी स्थानीय स्तर पर मनरेगा में काम की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। जिला प्रभारी श्रम अधिकारी अमित डोडवे ने बताया कि पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर विशेष निगरानी व्यवस्था की जा रही है। मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह कार्रवाई 10 मार्च को महाराष्ट्र से छुड़ाए गए 20 गन्ना कटाई मजदूर परिवारों की घटना के बाद की गई है। भगवानपुरा क्षेत्र के ये मजदूर नवंबर में एक ठेकेदार के बुलावे पर टेंभूर्णी गए थे। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता अंतिम सिटोले की मदद से इन्हें वहां से छुड़ाया गया था। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें बंधक बनाकर पीटा और 7 लाख रुपए की मांग की। एक दंपति को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिनके टांके लगे। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। खरगोन कलेक्टर ने महाराष्ट्र प्रशासन से समन्वय कर मजदूरों को छुड़वाया।

मजदूरों के पलायन पर जिला प्रशासन सख्त:खरगोन के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी; मनरेगा में होगी रोजगार की व्यवस्था
खरगोन जिला प्रशासन ने मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर जिला टास्क फोर्स कमेटी स्थानीय स्तर पर मनरेगा में काम की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। जिला प्रभारी श्रम अधिकारी अमित डोडवे ने बताया कि पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर विशेष निगरानी व्यवस्था की जा रही है। मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह कार्रवाई 10 मार्च को महाराष्ट्र से छुड़ाए गए 20 गन्ना कटाई मजदूर परिवारों की घटना के बाद की गई है। भगवानपुरा क्षेत्र के ये मजदूर नवंबर में एक ठेकेदार के बुलावे पर टेंभूर्णी गए थे। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता अंतिम सिटोले की मदद से इन्हें वहां से छुड़ाया गया था। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें बंधक बनाकर पीटा और 7 लाख रुपए की मांग की। एक दंपति को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिनके टांके लगे। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। खरगोन कलेक्टर ने महाराष्ट्र प्रशासन से समन्वय कर मजदूरों को छुड़वाया।