भोपाल में 2 दिन मृत और गायब-शिफ्टेड वोटर्स का वेरिफिकेशन:कलेक्टर ने पूछा-रामबाई क्या यहां रहती हैं? जवाब मिला नहीं; ऐसे ही 92 मतदाता का जिम्मा
भोपाल में 2 दिन मृत और गायब-शिफ्टेड वोटर्स का वेरिफिकेशन:कलेक्टर ने पूछा-रामबाई क्या यहां रहती हैं? जवाब मिला नहीं; ऐसे ही 92 मतदाता का जिम्मा
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में ASDR यानी, मृत, एबसेंट, शिफ्टेड, डबल और अन्य कैटेगरी के वोटर्स की जांच करने के लिए सोमवार से भोपाल के अफसर मैदान में उतर गए हैं। अगले 2 दिन तक वे 4 लाख से ज्यादा वोटर्स की जांच करेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने खुद 92 वोटर्स के वेरिफिकेशन का जिम्मा लिया है। अनकलेक्टेबल कैटेगिरी में शामिल मतदाताओं की जांच के लिए कुल 551 अधिकारी, बीएलओ और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय की गई है। हर अधिकारी और कर्मचारी को बूथ का जिम्मा सौंपा गया है। 15 और 16 दिसंबर को वे घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। निगम कमिश्नर, एडीएम-एसडीएम को भी जिम्मा
कलेक्टर सिंह ने भोपाल मध्य विधानसभा के पोलिंग बूथ नंबर-150 का जिम्मा लिया है। यहां कुल 92 वोटर्स की जांच वे करेंगे। सोमवार सुबह 11 बजे से उन्होंने वेरिफिकेशन शुरू कर दिया। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को 104, जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को 108, एडीएम सुमित पांडेय को 109, अंकुर मेश्राम को 106, पीसी शाक्य को 103, प्रकाश नायक के पास 101 वोटर्स की जांच का जिम्मा सौंपा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता के साथ सभी ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिला अधिकारियों को भी विधानसभा के हिसाब से जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर ने पूछा- रामबाई यहां रहती हैं?
कलेक्टर सिंह सुभाषनगर पहुंचे। एक मकान में रहने वाली लड़की से पूछा कि क्या यहां रामबाई रहती हैं? इस पर लड़की ने कहा कि वे और उनके पति उमाशंकर अशोका गार्डन में शिफ्ट हो गए हैं। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित वोटर का मोबाइल नंबर और पते की जानकारी ली। ताकि, दूसरी जगह पर वेरिफिकेशन किया जा सके। सोमवार को सभी अधिकारी मैदान में उतर गए। आज अधिकांश वोटर्स के घरों पर जांच कर वे पता लगाएंगे कि एसआईआर के दौरान जो जानकारी दी गई है, वह सही है या गलत? उप जिला निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि ऐसे मतदाता जो मृत, एबसेंट, शिफ्टेड, डबल और अन्य कैटेगरी में दर्ज हैं, उनकी लिस्ट विधानसभावार जिले की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। मतदाता भी लिस्ट देखें और बताएं क्या गलती है। उसको ठीक किया जाएगा। गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा शिफ्ट हुए; नरेला में मृतकों की संख्या ज्यादा
भोपाल की वोटर्स लिस्ट से 4 लाख 7944 वोटर्स ऐसे हैं, जो एसआईआर में या तो अपने पत्ते पर नहीं मिले या फिर और कहीं शिफ्ट हो गए। इनमें से 31 हजार से ज्यादा मतदाता मृत भी हो चुके हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा में 61 हजार से ज्यादा वोटर शिफ्ट हुए हैं। वहीं, मंत्री विश्वास सारंग की विधानसभा नरेला में 5679 वोटर मृत मिले। हुजूर विधानसभा में भी मृत वोटर की संख्या 5 हजार से ज्यादा है। हालांकि लगातार वेरिफिकेशन के बाद यह संख्या 2 लाख 7 हजार 378 हो गई है। गोविंदपुरा से 61382 मतदाता शिफ्ट
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में ASDR यानी, मृत, एबसेंट, शिफ्टेड, डबल और अन्य कैटेगरी के वोटर्स की जांच करने के लिए सोमवार से भोपाल के अफसर मैदान में उतर गए हैं। अगले 2 दिन तक वे 4 लाख से ज्यादा वोटर्स की जांच करेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने खुद 92 वोटर्स के वेरिफिकेशन का जिम्मा लिया है। अनकलेक्टेबल कैटेगिरी में शामिल मतदाताओं की जांच के लिए कुल 551 अधिकारी, बीएलओ और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय की गई है। हर अधिकारी और कर्मचारी को बूथ का जिम्मा सौंपा गया है। 15 और 16 दिसंबर को वे घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। निगम कमिश्नर, एडीएम-एसडीएम को भी जिम्मा
कलेक्टर सिंह ने भोपाल मध्य विधानसभा के पोलिंग बूथ नंबर-150 का जिम्मा लिया है। यहां कुल 92 वोटर्स की जांच वे करेंगे। सोमवार सुबह 11 बजे से उन्होंने वेरिफिकेशन शुरू कर दिया। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को 104, जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को 108, एडीएम सुमित पांडेय को 109, अंकुर मेश्राम को 106, पीसी शाक्य को 103, प्रकाश नायक के पास 101 वोटर्स की जांच का जिम्मा सौंपा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता के साथ सभी ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिला अधिकारियों को भी विधानसभा के हिसाब से जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर ने पूछा- रामबाई यहां रहती हैं?
कलेक्टर सिंह सुभाषनगर पहुंचे। एक मकान में रहने वाली लड़की से पूछा कि क्या यहां रामबाई रहती हैं? इस पर लड़की ने कहा कि वे और उनके पति उमाशंकर अशोका गार्डन में शिफ्ट हो गए हैं। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित वोटर का मोबाइल नंबर और पते की जानकारी ली। ताकि, दूसरी जगह पर वेरिफिकेशन किया जा सके। सोमवार को सभी अधिकारी मैदान में उतर गए। आज अधिकांश वोटर्स के घरों पर जांच कर वे पता लगाएंगे कि एसआईआर के दौरान जो जानकारी दी गई है, वह सही है या गलत? उप जिला निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि ऐसे मतदाता जो मृत, एबसेंट, शिफ्टेड, डबल और अन्य कैटेगरी में दर्ज हैं, उनकी लिस्ट विधानसभावार जिले की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। मतदाता भी लिस्ट देखें और बताएं क्या गलती है। उसको ठीक किया जाएगा। गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा शिफ्ट हुए; नरेला में मृतकों की संख्या ज्यादा
भोपाल की वोटर्स लिस्ट से 4 लाख 7944 वोटर्स ऐसे हैं, जो एसआईआर में या तो अपने पत्ते पर नहीं मिले या फिर और कहीं शिफ्ट हो गए। इनमें से 31 हजार से ज्यादा मतदाता मृत भी हो चुके हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा में 61 हजार से ज्यादा वोटर शिफ्ट हुए हैं। वहीं, मंत्री विश्वास सारंग की विधानसभा नरेला में 5679 वोटर मृत मिले। हुजूर विधानसभा में भी मृत वोटर की संख्या 5 हजार से ज्यादा है। हालांकि लगातार वेरिफिकेशन के बाद यह संख्या 2 लाख 7 हजार 378 हो गई है। गोविंदपुरा से 61382 मतदाता शिफ्ट