नक्सल डंप से 10 लाख नगदी-ऑटोमैटिक हथियार बरामद
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 31 मार्च। सुकमा जिले में सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल में छिपाकर रखा गया नगद और हथियारों का डंप बरामद किया है। साथ ही 16 लाख की इनामी दो नक्सल कैडर ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास की प्रक्रिया अपनाई है।
बरामद सामग्री में 10 लाख रुपये नगद, एक इंसास राइफल, दो एके-47 राइफल, तीन 303 राइफल, 14 राउंड (एके-47) और 13 राउंड (303) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सर्चिंग अभियान के दबाव के कारण माओवादी संगठन अपने हथियार और सामग्री जंगल में छिपाकर पीछे हट रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर में जनिला उर्फ मडक़म हिंडमे ( 30 वर्ष), निवासी ग्राम एलगुंडा, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा, संगठन में कंपनी नंबर 08 की पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम 8 लाख रुपये है। वहीं सोनी उर्फ माड़वी कोसी (24 वर्ष), निवासी ग्राम गोरगुंडा, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा, संगठन में कंपनी नंबर 08 की पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम 8 लाख रुपये है।
दोनों कैडर ओडिशा के केकेबीएन डिवीजन में सक्रिय थे। दोनों पर कुल 16 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण की प्रक्रिया रक्षित आरक्षी केंद्र सुकमा में बस्तर के आईजी सुन्दरराज पी., डीआईजी सुकमा रेंज आनंद राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा, अति. पुलिस अधीक्षक सुकमा, मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुुकमा, रविकांत सहारे उप पुलिस अधीक्षक विआशा. सुकमा की उपस्थिति में पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
नक्सल डंप से 10 लाख नगदी-ऑटोमैटिक हथियार बरामद
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 31 मार्च। सुकमा जिले में सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल में छिपाकर रखा गया नगद और हथियारों का डंप बरामद किया है। साथ ही 16 लाख की इनामी दो नक्सल कैडर ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास की प्रक्रिया अपनाई है।
बरामद सामग्री में 10 लाख रुपये नगद, एक इंसास राइफल, दो एके-47 राइफल, तीन 303 राइफल, 14 राउंड (एके-47) और 13 राउंड (303) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सर्चिंग अभियान के दबाव के कारण माओवादी संगठन अपने हथियार और सामग्री जंगल में छिपाकर पीछे हट रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर में जनिला उर्फ मडक़म हिंडमे ( 30 वर्ष), निवासी ग्राम एलगुंडा, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा, संगठन में कंपनी नंबर 08 की पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम 8 लाख रुपये है। वहीं सोनी उर्फ माड़वी कोसी (24 वर्ष), निवासी ग्राम गोरगुंडा, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा, संगठन में कंपनी नंबर 08 की पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम 8 लाख रुपये है।
दोनों कैडर ओडिशा के केकेबीएन डिवीजन में सक्रिय थे। दोनों पर कुल 16 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण की प्रक्रिया रक्षित आरक्षी केंद्र सुकमा में बस्तर के आईजी सुन्दरराज पी., डीआईजी सुकमा रेंज आनंद राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा, अति. पुलिस अधीक्षक सुकमा, मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुुकमा, रविकांत सहारे उप पुलिस अधीक्षक विआशा. सुकमा की उपस्थिति में पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।