छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल, 4 जनवरी। वनमंडल केशकाल अंतर्गत परिक्षेत्र केशकाल में पदस्थ रहे वनपाल धनीराम सलाम की सेवानिवृत्ति के अवसर पर रविवार को पंचवटी के गरिमामय वातावरण में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।
इस सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डीएफओ दिव्या गौतम शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेंजर कृष्ण कुमार नेताम समेत परिक्षेत्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने धनीराम सलाम के दीर्घ सेवाकाल, कार्यशैली एवं विभाग के प्रति उनके योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानजनक सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। धनीराम सलाम ने वन विभाग में अपने सेवाकाल की शुरुआत वर्ष 1983 में एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में की थी। अपनी निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के बल पर उन्होंने निरंतर प्रगति करते हुए वर्ष 2007 में शासकीय वन रक्षक पद प्राप्त किया तथा तत्पश्चात वनपाल पद तक पदोन्नति पाकर विभाग में उल्लेखनीय सेवाएं दीं।
उनका सम्पूर्ण सेवाकाल वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में समर्पित रहा। धनीराम सलाम अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व एवं सहयोगी भावना के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे।
केशकाल के विश्राम गृह पंचवटी में निवास के दौरान भी उन्होंने विभागीय समन्वय एवं अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल, 4 जनवरी। वनमंडल केशकाल अंतर्गत परिक्षेत्र केशकाल में पदस्थ रहे वनपाल धनीराम सलाम की सेवानिवृत्ति के अवसर पर रविवार को पंचवटी के गरिमामय वातावरण में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।
इस सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डीएफओ दिव्या गौतम शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेंजर कृष्ण कुमार नेताम समेत परिक्षेत्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने धनीराम सलाम के दीर्घ सेवाकाल, कार्यशैली एवं विभाग के प्रति उनके योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानजनक सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। धनीराम सलाम ने वन विभाग में अपने सेवाकाल की शुरुआत वर्ष 1983 में एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में की थी। अपनी निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के बल पर उन्होंने निरंतर प्रगति करते हुए वर्ष 2007 में शासकीय वन रक्षक पद प्राप्त किया तथा तत्पश्चात वनपाल पद तक पदोन्नति पाकर विभाग में उल्लेखनीय सेवाएं दीं।
उनका सम्पूर्ण सेवाकाल वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में समर्पित रहा। धनीराम सलाम अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व एवं सहयोगी भावना के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे।
केशकाल के विश्राम गृह पंचवटी में निवास के दौरान भी उन्होंने विभागीय समन्वय एवं अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।