बीएड फर्स्ट सेमेस्टर में कई छात्रों को 0 अंक:खरगोन यूनिवर्सिटी ने विरोध के बाद जांच कमेटी बनाई
बीएड फर्स्ट सेमेस्टर में कई छात्रों को 0 अंक:खरगोन यूनिवर्सिटी ने विरोध के बाद जांच कमेटी बनाई
खरगोन के क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय के बीएड फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। खंडवा और बुरहानपुर सहित कई कॉलेजों के छात्रों को 'पाठ्यचर्या विकास एवं विद्यालय विषय' में शून्य अंक दिए गए। कंचन खरे, विरेंद्र ठाकरे, नीता कनासे, ज्योति और सोनू हारवे जैसे छात्रों ने कहा कि उन्होंने नियमित कक्षाएं ली थीं और परीक्षा में सही उत्तर लिखे थे। उनका आरोप है कि शून्य अंक मिलने के पीछे मूल्यांकन में लापरवाही है। छात्रों का कहना है कि इससे उनका भविष्य प्रभावित होगा और दोबारा परीक्षा देने में समय और आर्थिक नुकसान होगा। विश्वविद्यालय ने वरिष्ठ मूल्यांकन समिति गठित की विद्यार्थियों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीनियर मूल्यांकनकर्ताओं की एक जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी 20 नवंबर तक अपनी समीक्षा रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंपेगी। परीक्षा परिणाम 29 सितंबर को जारी हुआ था, जबकि कुछ कॉलेजों का परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किया गया था। ABVP भी छात्रों के समर्थन में देर से जारी हुए परिणामों और मूल्यांकन में लापरवाही को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी छात्रों का समर्थन किया है। परिषद ने समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कुलसचिव मनोहर सोमानी ने बताया कि छात्रों ने परीक्षा परिणाम को लेकर अपनी समस्या बताई है। उन्होंने पुष्टि की कि वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं की एक समिति समीक्षा कर रही है। कुलसचिव ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
खरगोन के क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय के बीएड फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। खंडवा और बुरहानपुर सहित कई कॉलेजों के छात्रों को 'पाठ्यचर्या विकास एवं विद्यालय विषय' में शून्य अंक दिए गए। कंचन खरे, विरेंद्र ठाकरे, नीता कनासे, ज्योति और सोनू हारवे जैसे छात्रों ने कहा कि उन्होंने नियमित कक्षाएं ली थीं और परीक्षा में सही उत्तर लिखे थे। उनका आरोप है कि शून्य अंक मिलने के पीछे मूल्यांकन में लापरवाही है। छात्रों का कहना है कि इससे उनका भविष्य प्रभावित होगा और दोबारा परीक्षा देने में समय और आर्थिक नुकसान होगा। विश्वविद्यालय ने वरिष्ठ मूल्यांकन समिति गठित की विद्यार्थियों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीनियर मूल्यांकनकर्ताओं की एक जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी 20 नवंबर तक अपनी समीक्षा रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंपेगी। परीक्षा परिणाम 29 सितंबर को जारी हुआ था, जबकि कुछ कॉलेजों का परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किया गया था। ABVP भी छात्रों के समर्थन में देर से जारी हुए परिणामों और मूल्यांकन में लापरवाही को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी छात्रों का समर्थन किया है। परिषद ने समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कुलसचिव मनोहर सोमानी ने बताया कि छात्रों ने परीक्षा परिणाम को लेकर अपनी समस्या बताई है। उन्होंने पुष्टि की कि वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं की एक समिति समीक्षा कर रही है। कुलसचिव ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।