पन्ना में कृष्णगढ़ के मजदूर की ट्रेन हादसे में मौत:रेवाड़ी स्टेशन पर घायल हुआ था, पन्ना में इलाज के दौरान दम तोड़ा
पन्ना में कृष्णगढ़ के मजदूर की ट्रेन हादसे में मौत:रेवाड़ी स्टेशन पर घायल हुआ था, पन्ना में इलाज के दौरान दम तोड़ा
पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत ग्राम कृष्णगढ़ निवासी 30 वर्षीय मजदूर जितेंद्र रैकवार की 9 दिसंबर को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक के भाई राकेश ने बताया कि जितेंद्र रैकवार (पिता गुक्खी रैकवार) हरियाणा में मजदूरी करता था। 3 दिसंबर को सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच वह काम पर जा रहा था। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास उसे कथित तौर पर किसी ने धक्का दे दिया, जिससे वह चलती ट्रेन की चपेट में आ गया। घटना के बाद जितेंद्र को रोहतक जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद वे रोहतक पहुंचे। परिजनों ने बताया कि हादसे में जितेंद्र के दोनों पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। 7 दिसंबर को परिजन उसे पन्ना जिला अस्पताल ले आए, जहां दो दिन के इलाज के बाद 9 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। जितेंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण मजदूरी करके करता था। वह दो भाइयों में से एक था, दोनों मजदूरी करते थे। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और मां विकलांग हैं। पुलिस ने घटना के संबंध में पंचनामा कार्यवाही पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत ग्राम कृष्णगढ़ निवासी 30 वर्षीय मजदूर जितेंद्र रैकवार की 9 दिसंबर को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक के भाई राकेश ने बताया कि जितेंद्र रैकवार (पिता गुक्खी रैकवार) हरियाणा में मजदूरी करता था। 3 दिसंबर को सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच वह काम पर जा रहा था। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास उसे कथित तौर पर किसी ने धक्का दे दिया, जिससे वह चलती ट्रेन की चपेट में आ गया। घटना के बाद जितेंद्र को रोहतक जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद वे रोहतक पहुंचे। परिजनों ने बताया कि हादसे में जितेंद्र के दोनों पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। 7 दिसंबर को परिजन उसे पन्ना जिला अस्पताल ले आए, जहां दो दिन के इलाज के बाद 9 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। जितेंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण मजदूरी करके करता था। वह दो भाइयों में से एक था, दोनों मजदूरी करते थे। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और मां विकलांग हैं। पुलिस ने घटना के संबंध में पंचनामा कार्यवाही पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।