नसीर अहमद ने अरमान बनकर शादी युवती से शादी की:पीड़िता ने लव-जिहाद का लगाया आरोप, बोली-धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है
नसीर अहमद ने अरमान बनकर शादी युवती से शादी की:पीड़िता ने लव-जिहाद का लगाया आरोप, बोली-धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है
जबलपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर के गोहलपुर में रहने वाले नसीर अहमद ने अरमान सिंह के नाम से गोरखपुर की एक युवती से दोस्ती की। जैसे ही दोनों के बीच प्रेम संबंध गहरे हुए और युवती ने विवाह की इच्छा जताई, तब दस्तावेजों से सामने आया कि अरमान बनकर दोस्ती करने वाला युवक असल में नसीर अहमद है। पीड़िता ने जबलपुर एएसपी से शिकायत की है कि नसीर उसे परेशान कर जान से मारने की धमकी दे रहा है और उसे जबरन अपने साथ रखने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, वह धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा है। एएसपी ने गोरखपुर थाना प्रभारी को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती गोरखपुर की 31 वर्षीय युवती ने करीब तीन साल पहले सोशल मीडिया के जरिए गोहलपुर के 38 वर्षीय नसीर अहमद से दोस्ती की। बातचीत के दौरान नसीर ने अपना नाम अरमान सिंह बताया और कहा कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। दोनों ने नंबर साझा किया और नियमित रूप से मिलने लगे। जैसे ही दोस्ती गहरी हुई, युवती ने अरमान से शादी की बात की, तो उसने शुरुआत में इनकार किया। फिर वह कोर्ट मैरिज करने के लिए तैयार हो गया। दस्तावेजों से पता चली सच्चाई शादी के लिए दस्तावेज जमा करने पर युवती को पता चला कि अरमान सिंह असल में नसीर अहमद है। आधार कार्ड, पैन कार्ड और मार्कशीट सभी में उसका असली नाम लिखा था। पीड़िता ने बताया कि नसीर ने शादी के बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर नसीर और उसके परिवार ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी युवती ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद नसीर और उसके परिवार ने उसे मार-पीट शुरू कर दी, भूखा-प्यासा रखा और आखिरकार घर से निकाल दिया। पीड़िता ने तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन किया। इसके बाद नसीर ने जान से मारने की धमकी दी और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने लगा। दिव्यांग बेटी की जिम्मेदारी माता-पिता उठा रहे हैं युवती और नसीर की एक बेटी है, जो दिव्यांग है। वह देख नहीं सकती है। उसका पालन-पोषण युवती के माता-पिता कर रहे हैं और अब तक का इलाज भी उन्होंने ही कराया। जबलपुर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि इस केस का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए।
जबलपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर के गोहलपुर में रहने वाले नसीर अहमद ने अरमान सिंह के नाम से गोरखपुर की एक युवती से दोस्ती की। जैसे ही दोनों के बीच प्रेम संबंध गहरे हुए और युवती ने विवाह की इच्छा जताई, तब दस्तावेजों से सामने आया कि अरमान बनकर दोस्ती करने वाला युवक असल में नसीर अहमद है। पीड़िता ने जबलपुर एएसपी से शिकायत की है कि नसीर उसे परेशान कर जान से मारने की धमकी दे रहा है और उसे जबरन अपने साथ रखने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, वह धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा है। एएसपी ने गोरखपुर थाना प्रभारी को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती गोरखपुर की 31 वर्षीय युवती ने करीब तीन साल पहले सोशल मीडिया के जरिए गोहलपुर के 38 वर्षीय नसीर अहमद से दोस्ती की। बातचीत के दौरान नसीर ने अपना नाम अरमान सिंह बताया और कहा कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। दोनों ने नंबर साझा किया और नियमित रूप से मिलने लगे। जैसे ही दोस्ती गहरी हुई, युवती ने अरमान से शादी की बात की, तो उसने शुरुआत में इनकार किया। फिर वह कोर्ट मैरिज करने के लिए तैयार हो गया। दस्तावेजों से पता चली सच्चाई शादी के लिए दस्तावेज जमा करने पर युवती को पता चला कि अरमान सिंह असल में नसीर अहमद है। आधार कार्ड, पैन कार्ड और मार्कशीट सभी में उसका असली नाम लिखा था। पीड़िता ने बताया कि नसीर ने शादी के बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर नसीर और उसके परिवार ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी युवती ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद नसीर और उसके परिवार ने उसे मार-पीट शुरू कर दी, भूखा-प्यासा रखा और आखिरकार घर से निकाल दिया। पीड़िता ने तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन किया। इसके बाद नसीर ने जान से मारने की धमकी दी और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने लगा। दिव्यांग बेटी की जिम्मेदारी माता-पिता उठा रहे हैं युवती और नसीर की एक बेटी है, जो दिव्यांग है। वह देख नहीं सकती है। उसका पालन-पोषण युवती के माता-पिता कर रहे हैं और अब तक का इलाज भी उन्होंने ही कराया। जबलपुर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि इस केस का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए।