धार में पारा 6.5 डिग्री पहुंचा, शीतलहर से ठिठुरा शहर:कोहरे के बीच स्कूल जा रहे बच्चे, चने की फसल खराब होने का डर

धार में शीतलहर ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित किया है। सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से यहां तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री और रविवार को 9.2 डिग्री था। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। प्रशासन ने स्कूलों का समय बदला है, लेकिन छुट्टी नहीं दी है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं। ठंड से राहत पाने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लिया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चने की फसल को नुकसान की आशंका अत्यधिक ठंड का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। किसान सुरेश सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि लगातार गिरते तापमान के कारण चना फसल को नुकसान पहुंच सकता है। छात्रा बोली- 10 दिन की छुट्टी मिले जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे किया है, लेकिन अवकाश घोषित नहीं किया है। छठी कक्षा की छात्रा दीपिका चौहान ने बताया कि इतनी कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कम से कम 10 दिन की छुट्टी की मांग की है। दूसरे जिलों में छुट्टी, धार में नहीं छात्रा और स्थानीय लोगों का कहना है कि अन्य जिलों में ठंड के कारण छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जब आसपास के जिलों में शीतलहर के कारण स्कूल बंद हैं, तो धार में भी छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन को अवकाश पर निर्णय लेना चाहिए।

धार में पारा 6.5 डिग्री पहुंचा, शीतलहर से ठिठुरा शहर:कोहरे के बीच स्कूल जा रहे बच्चे, चने की फसल खराब होने का डर
धार में शीतलहर ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित किया है। सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से यहां तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री और रविवार को 9.2 डिग्री था। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। प्रशासन ने स्कूलों का समय बदला है, लेकिन छुट्टी नहीं दी है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं। ठंड से राहत पाने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लिया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चने की फसल को नुकसान की आशंका अत्यधिक ठंड का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। किसान सुरेश सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि लगातार गिरते तापमान के कारण चना फसल को नुकसान पहुंच सकता है। छात्रा बोली- 10 दिन की छुट्टी मिले जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे किया है, लेकिन अवकाश घोषित नहीं किया है। छठी कक्षा की छात्रा दीपिका चौहान ने बताया कि इतनी कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कम से कम 10 दिन की छुट्टी की मांग की है। दूसरे जिलों में छुट्टी, धार में नहीं छात्रा और स्थानीय लोगों का कहना है कि अन्य जिलों में ठंड के कारण छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जब आसपास के जिलों में शीतलहर के कारण स्कूल बंद हैं, तो धार में भी छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन को अवकाश पर निर्णय लेना चाहिए।