तेज सप्रू ने 'रजाकार' में अपनी भूमिका पर की खुलकर बात

मुंबई, 31 मार्च । त्रिदेव, पाप को जला कर राख कर दूंगा, अंदाज, मोहरा जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले अभिनेता तेज सप्रू फिल्म रजाकार में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभा रहे हैं। अभिनेता ने कहा कि यह भूमिका एक अभिनेता के रूप में दर्शकों की उनके प्रति धारणा को बदल देगी। कई नेगेटिव रोल करने के बाद, उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका में कदम रखा है जिसने आधुनिक भारत को आकार दिया है। रजाकार एक पीरियड ड्रामा है और भारत के विभाजन के बाद की कहानी को सामने लाती है। तेलुगु और कन्नड़ में रिलीज होने के बाद यह फिल्म हिंदी और मराठी में रिलीज के लिए तैयार है। अभिनेता ने आईएएनएस से बात की और कहा कि विभाजन के बाद, निज़ाम क्षेत्र भारत में नहीं था, और फिल्म भारत में निज़ाम क्षेत्र को शामिल करने की घटनाओं को प्रकाश में लाती है। तेज ने आईएएनएस को बताया, रजाकर फिलहाल थोड़े विवाद में फंसी हुई है। कहानी उस समय की है जब बंटवारे के एक साल बाद भी निज़ाम का इलाका भारत का हिस्सा नहीं था। यह पाकिस्तान या तुर्की जा सकता था। निज़ाम क्षेत्र को भारत में शामिल करने के पीछे एक व्यक्ति ने अपनी पूरी ताकत लगा दी और वह थे सरदार वल्लभ भाई पटेल। मुझे पर्दे पर सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाने का मौका मिला है। अब तक आपने ज्यादातर मुझे नेगेटिव भूमिकाओं में देखा है लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद आपकी धारणा बदल जाएगी। फिल्म से जुड़े विवाद के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, रजाकार निज़ाम के सैनिक थे और बहुत क्रूर थे। वे महिलाओं से बलात्कार करते थे, लोगों की हत्या करते थे या उनका धर्म परिवर्तन कराते थे। फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है, इसलिए मुझे विवाद का कारण समझ नहीं आ रहा है। (आईएएनएस)

तेज सप्रू ने 'रजाकार' में अपनी भूमिका पर की खुलकर बात
मुंबई, 31 मार्च । त्रिदेव, पाप को जला कर राख कर दूंगा, अंदाज, मोहरा जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले अभिनेता तेज सप्रू फिल्म रजाकार में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभा रहे हैं। अभिनेता ने कहा कि यह भूमिका एक अभिनेता के रूप में दर्शकों की उनके प्रति धारणा को बदल देगी। कई नेगेटिव रोल करने के बाद, उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका में कदम रखा है जिसने आधुनिक भारत को आकार दिया है। रजाकार एक पीरियड ड्रामा है और भारत के विभाजन के बाद की कहानी को सामने लाती है। तेलुगु और कन्नड़ में रिलीज होने के बाद यह फिल्म हिंदी और मराठी में रिलीज के लिए तैयार है। अभिनेता ने आईएएनएस से बात की और कहा कि विभाजन के बाद, निज़ाम क्षेत्र भारत में नहीं था, और फिल्म भारत में निज़ाम क्षेत्र को शामिल करने की घटनाओं को प्रकाश में लाती है। तेज ने आईएएनएस को बताया, रजाकर फिलहाल थोड़े विवाद में फंसी हुई है। कहानी उस समय की है जब बंटवारे के एक साल बाद भी निज़ाम का इलाका भारत का हिस्सा नहीं था। यह पाकिस्तान या तुर्की जा सकता था। निज़ाम क्षेत्र को भारत में शामिल करने के पीछे एक व्यक्ति ने अपनी पूरी ताकत लगा दी और वह थे सरदार वल्लभ भाई पटेल। मुझे पर्दे पर सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाने का मौका मिला है। अब तक आपने ज्यादातर मुझे नेगेटिव भूमिकाओं में देखा है लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद आपकी धारणा बदल जाएगी। फिल्म से जुड़े विवाद के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, रजाकार निज़ाम के सैनिक थे और बहुत क्रूर थे। वे महिलाओं से बलात्कार करते थे, लोगों की हत्या करते थे या उनका धर्म परिवर्तन कराते थे। फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है, इसलिए मुझे विवाद का कारण समझ नहीं आ रहा है। (आईएएनएस)