आंवराडबरी में प्रशासन की तर्ज पर सरपंच ने ली बैठक, कहा-ग्रामीणों की सुविधा अनुसार काम करेंगे

छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 23 जून। जिस तरह राजधानी अथवा जिला मुख्यालय में विभागीय सचिव, कलेक्टर व सीईओ बैठकें लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व प्रगति की समीक्षा करते हैं। ठीक उसी तर्ज पर बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत आंवराडबरी में सरपंच दुलारी मुकुंद सिन्हा की अध्यक्षता में मेरी पंचायत-मेरी पहचान कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े पंचायत में पदस्थ सरकारी कर्मियों के साथ सरकारी योजनाओं की पंचायत क्षेत्र में प्रगति पर चर्चा कर समीक्षा की गई। इस अनोखी पहल की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। बैठक में सभी ने प्रमुखता से अपने-अपने विभागों की जानकारी विस्तार पूर्वक दी और पंचायत क्षेत्र में लोगों के सुविधा अनुसार काम करते रहने का भरोसा भी दिलाया। इस दौरान सरकारी योजनाओं से लेकर चिकित्सा, शिक्षा, राशन, पेयजल, स्वच्छता, गांव की विकास और समस्याओं के निराकरण संहित लोगों से जुड़े मुलभुत के प्रत्येक जरूरी बातों पर चर्चा हुई। इस आयोजन के माध्यम से शासकीय विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ समीप के पड़ोसी पंचायतों के सरपंच व उप सरपंचों की उपस्थिति भी रही। मेरी पंचायत-मेरी पहचान कार्यक्रम को लेकर सरपंच दुलारी मुकुंद सिन्हा ने कहा कि ज्यादातर देखा जाता है कि गांवों में जो भी समस्या आती है उसके निराकरण के लिए गांवों के लोग शासन-प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने जिला व ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाते हैं। जिससे उनका समय और पैसा भी बर्बाद होता है। इसे देखते हुए हमने पंचायत भवन में ही सभी विभागों के अधिकारियों को बुला कर ग्रामीणों को कार्यों और उनकी समस्याओं को सुना। सरपंच ने उपस्थित ग्रामीणों को पंचायत क्षेत्र के सभी समस्याओं को प्रस्तावित कर शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

आंवराडबरी में प्रशासन की तर्ज पर सरपंच ने ली बैठक, कहा-ग्रामीणों की सुविधा अनुसार काम करेंगे
छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 23 जून। जिस तरह राजधानी अथवा जिला मुख्यालय में विभागीय सचिव, कलेक्टर व सीईओ बैठकें लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व प्रगति की समीक्षा करते हैं। ठीक उसी तर्ज पर बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत आंवराडबरी में सरपंच दुलारी मुकुंद सिन्हा की अध्यक्षता में मेरी पंचायत-मेरी पहचान कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े पंचायत में पदस्थ सरकारी कर्मियों के साथ सरकारी योजनाओं की पंचायत क्षेत्र में प्रगति पर चर्चा कर समीक्षा की गई। इस अनोखी पहल की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। बैठक में सभी ने प्रमुखता से अपने-अपने विभागों की जानकारी विस्तार पूर्वक दी और पंचायत क्षेत्र में लोगों के सुविधा अनुसार काम करते रहने का भरोसा भी दिलाया। इस दौरान सरकारी योजनाओं से लेकर चिकित्सा, शिक्षा, राशन, पेयजल, स्वच्छता, गांव की विकास और समस्याओं के निराकरण संहित लोगों से जुड़े मुलभुत के प्रत्येक जरूरी बातों पर चर्चा हुई। इस आयोजन के माध्यम से शासकीय विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ समीप के पड़ोसी पंचायतों के सरपंच व उप सरपंचों की उपस्थिति भी रही। मेरी पंचायत-मेरी पहचान कार्यक्रम को लेकर सरपंच दुलारी मुकुंद सिन्हा ने कहा कि ज्यादातर देखा जाता है कि गांवों में जो भी समस्या आती है उसके निराकरण के लिए गांवों के लोग शासन-प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने जिला व ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाते हैं। जिससे उनका समय और पैसा भी बर्बाद होता है। इसे देखते हुए हमने पंचायत भवन में ही सभी विभागों के अधिकारियों को बुला कर ग्रामीणों को कार्यों और उनकी समस्याओं को सुना। सरपंच ने उपस्थित ग्रामीणों को पंचायत क्षेत्र के सभी समस्याओं को प्रस्तावित कर शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।