अनुपस्थित रहने पर पटवारी निलंबित

केशकाल, 25 मार्च। कोंडागांव जिले में लापरवाही और बिना सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) केशकाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पटवारी हल्का क्रमांक 17 टेंगसा, तहसील बड़ेराजपुर के पटवारी रघुनाथ नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख है कि रघुनाथ नेताम 10 मार्च 2026 से 24 मार्च 2026 तक बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अपने कार्य से अनुपस्थित पाए गए। साथ ही पूर्व में भी उनकी अनुपस्थिति की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। तहसीलदार बड़ेराजपुर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी उन्होंने प्रस्तुत नहीं किया। इसके अलावा 20 मार्च को ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे के दौरान भी वे अनुपस्थित पाए गए, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। आय, जाति, निवास, डिजिटल किसान किताब, जनगणना एवं लैंड बैंक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराने तथा कार्य के प्रति लापरवाही बरतने का भी आरोप है। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बड़ेराजपुर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

अनुपस्थित रहने पर पटवारी निलंबित
केशकाल, 25 मार्च। कोंडागांव जिले में लापरवाही और बिना सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) केशकाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पटवारी हल्का क्रमांक 17 टेंगसा, तहसील बड़ेराजपुर के पटवारी रघुनाथ नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख है कि रघुनाथ नेताम 10 मार्च 2026 से 24 मार्च 2026 तक बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अपने कार्य से अनुपस्थित पाए गए। साथ ही पूर्व में भी उनकी अनुपस्थिति की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। तहसीलदार बड़ेराजपुर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी उन्होंने प्रस्तुत नहीं किया। इसके अलावा 20 मार्च को ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे के दौरान भी वे अनुपस्थित पाए गए, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। आय, जाति, निवास, डिजिटल किसान किताब, जनगणना एवं लैंड बैंक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराने तथा कार्य के प्रति लापरवाही बरतने का भी आरोप है। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बड़ेराजपुर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।