सिवनी में भारतीय सेना के टी-55 टैंक का लोकार्पण:3 युद्धों में निभाई अहम भूमिका; मातृशक्ति संगठन के आयोजन में शहीद परिवारों का सम्मान

सिवनी में भारतीय सेना से प्राप्त टी-55 टैंक का लोकार्पण 26 नवंबर को शौर्य चौक पर बड़े सम्मान के साथ किया गया। मातृ शक्ति संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां एक दिन पहले से चल रही थीं। संगठन की अध्यक्ष सीमा चौहान ने बताया कि यह आयोजन जिले के लिए गौरव का क्षण है। राष्ट्रगान के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। इस दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया गया। सिवनी कलेक्टर शीतला पटले ने कहा कि जिले में टी-55 टैंक की स्थापना सम्मान और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने मातृभक्ति संगठन की पहल की प्रशंसा की। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा कि टैंक का अनावरण सेना के शौर्य की याद दिलाता है, क्योंकि साधन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने साधक। 17 ऑपरेशन और 3 युद्धों में निभाई थी अहम भूमिका मातृभक्ति संगठन की अध्यक्ष सीमा चौहान ने बताया कि यह टी-55 टैंक केवल सिवनी नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की शान बन गया है। उन्होंने बताया कि टैंक ने 17 ऑपरेशन और 3 युद्धों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस टैंक का निर्माण सोवियत संघ में हुआ था और यह वर्ष 2011 तक भारतीय सेना की सेवा में रहा। 1971 के भारत-पाक युद्ध सहित ऑपरेशन ट्राइडेंट, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन विजय और ऑपरेशन पराक्रम में भी इसने अहम भूमिका निभाई थी। लोकार्पण में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल लोकार्पण समारोह में ढाना सागर स्थित कमांडेंट एनसीओ एकेडमी के ब्रिगेडियर ललित शर्मा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर सिवनी कलेक्टर शीतला पटले, एसपी सुनील मेहता, रिटायर्ड कर्नल अमरेन्द्र कुमार दास, रिटायर्ड कर्नल रामसिंह, विधायक दिनेश राय और पूर्व जिला अध्यक्ष सुजीत जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ‘शौर्य का सम्मान’ कार्यक्रम हुआ लोकार्पण के बाद शाम को मातृ शक्ति संगठन ने शुक्रवारी में ‘शौर्य का सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया, जो देर रात तक चला। इस वार्षिक आयोजन में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन पराक्रम में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शहीद परिवारों को मंच पर विशेष सम्मान दिया गया। सिवनी तक ऐसे पहुंचा टी-55 टैंक जिला प्रशासन और मातृशक्ति संगठन के प्रयासों के बाद दिल्ली स्थित भारतीय सेना मुख्यालय ने सिवनी को यह टैंक देने की अनुमति दी थी। इसके बाद यह टैंक पुणे की खड़की छावनी से 28 अप्रैल 2024 को सिवनी लाया गया था। अब यह शौर्य चौक पर जिले की शान के रूप में स्थापित किया गया है। देखें आयोजन की तस्वीरें

सिवनी में भारतीय सेना के टी-55 टैंक का लोकार्पण:3 युद्धों में निभाई अहम भूमिका; मातृशक्ति संगठन के आयोजन में शहीद परिवारों का सम्मान
सिवनी में भारतीय सेना से प्राप्त टी-55 टैंक का लोकार्पण 26 नवंबर को शौर्य चौक पर बड़े सम्मान के साथ किया गया। मातृ शक्ति संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां एक दिन पहले से चल रही थीं। संगठन की अध्यक्ष सीमा चौहान ने बताया कि यह आयोजन जिले के लिए गौरव का क्षण है। राष्ट्रगान के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। इस दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया गया। सिवनी कलेक्टर शीतला पटले ने कहा कि जिले में टी-55 टैंक की स्थापना सम्मान और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने मातृभक्ति संगठन की पहल की प्रशंसा की। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा कि टैंक का अनावरण सेना के शौर्य की याद दिलाता है, क्योंकि साधन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने साधक। 17 ऑपरेशन और 3 युद्धों में निभाई थी अहम भूमिका मातृभक्ति संगठन की अध्यक्ष सीमा चौहान ने बताया कि यह टी-55 टैंक केवल सिवनी नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की शान बन गया है। उन्होंने बताया कि टैंक ने 17 ऑपरेशन और 3 युद्धों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस टैंक का निर्माण सोवियत संघ में हुआ था और यह वर्ष 2011 तक भारतीय सेना की सेवा में रहा। 1971 के भारत-पाक युद्ध सहित ऑपरेशन ट्राइडेंट, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन विजय और ऑपरेशन पराक्रम में भी इसने अहम भूमिका निभाई थी। लोकार्पण में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल लोकार्पण समारोह में ढाना सागर स्थित कमांडेंट एनसीओ एकेडमी के ब्रिगेडियर ललित शर्मा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर सिवनी कलेक्टर शीतला पटले, एसपी सुनील मेहता, रिटायर्ड कर्नल अमरेन्द्र कुमार दास, रिटायर्ड कर्नल रामसिंह, विधायक दिनेश राय और पूर्व जिला अध्यक्ष सुजीत जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ‘शौर्य का सम्मान’ कार्यक्रम हुआ लोकार्पण के बाद शाम को मातृ शक्ति संगठन ने शुक्रवारी में ‘शौर्य का सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया, जो देर रात तक चला। इस वार्षिक आयोजन में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन पराक्रम में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शहीद परिवारों को मंच पर विशेष सम्मान दिया गया। सिवनी तक ऐसे पहुंचा टी-55 टैंक जिला प्रशासन और मातृशक्ति संगठन के प्रयासों के बाद दिल्ली स्थित भारतीय सेना मुख्यालय ने सिवनी को यह टैंक देने की अनुमति दी थी। इसके बाद यह टैंक पुणे की खड़की छावनी से 28 अप्रैल 2024 को सिवनी लाया गया था। अब यह शौर्य चौक पर जिले की शान के रूप में स्थापित किया गया है। देखें आयोजन की तस्वीरें