शाजापुर में नवंबर में रिकॉर्ड ठंड:न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री, पश्चिमी विक्षोभ का असर

शाजापुर में इस बार नवंबर में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस की जा रही है। सोमवार रात को सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री रहा। लगातार गिरते तापमान के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते उत्तर भारत से ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसका असर शाजापुर सहित पूरे मालवा क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 24 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान में और कमी की संभावना जताई है। मंगलवार सुबह नगर के बाहरी इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और लोगों को आवाजाही में सावधानी बरतनी पड़ी। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि, दोपहर में धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन हवाओं में ठंडक बरकरार रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार ठंड ने एक माह पहले ही दस्तक दे दी है। बदलते मौसम के बीच नागरिकों ने अब हीटर, रूम वॉर्मर और गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।

शाजापुर में नवंबर में रिकॉर्ड ठंड:न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री, पश्चिमी विक्षोभ का असर
शाजापुर में इस बार नवंबर में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस की जा रही है। सोमवार रात को सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री रहा। लगातार गिरते तापमान के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते उत्तर भारत से ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसका असर शाजापुर सहित पूरे मालवा क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 24 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान में और कमी की संभावना जताई है। मंगलवार सुबह नगर के बाहरी इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और लोगों को आवाजाही में सावधानी बरतनी पड़ी। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि, दोपहर में धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन हवाओं में ठंडक बरकरार रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार ठंड ने एक माह पहले ही दस्तक दे दी है। बदलते मौसम के बीच नागरिकों ने अब हीटर, रूम वॉर्मर और गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।