घर में फंदे पर लटकी मिली महिला:अस्पताल लाते समय मौत; घर में बच्चों के साथ अकेली थी मां
घर में फंदे पर लटकी मिली महिला:अस्पताल लाते समय मौत; घर में बच्चों के साथ अकेली थी मां
जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के दमदमा चक्क गांव में शनिवार रात में एक महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने बताया कि वह रस्सी से बनाए गए फंदे पर लटकी पाई गई थी, जिसकी मौत अस्पताल लाते समय हो गई। जानकारी के मुताबिक सीमा कटारिया (32) का विवाह 14 वर्ष पहले हुआ था। उसका मायका भी इसी गांव में है। शनिवार रात गांव में एक जन्मदिन का कार्यक्रम था। जिसमें सीमा(मृतक) का पति गया हुआ था। महिला ने अपने तीनों बच्चों को खाना खिलाकर दालान में सुला दिया। रात में जब पति लौटा तो बच्चे बाहर सो रहे थे, कमरे की कुंडी अन्दर से बंद थी। उसने दरवाजा खटखटाया तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। पति ने कब्जा उठाकर दरवाजा खोला तो अंदर फंदे पर महिला लटकी हुई थी। उसने पास में पड़े हंसिया से रस्सी काटी और महिला को फंदे से उतारकर परिवार जनों की सहायता से बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाने लगा। तब उसकी सांसे चल रही थीं। किंतु अस्पताल से दो किलोमीटर पहले गीलारोपा के नजदीक महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि पति पत्नी के बीच कोई विवाद नहीं था और न ही महिला को अन्य किसी तरह की शिकायत थी। यदि यह आत्महत्या है तो उसने इस तरह का कदम क्यों उठाया। कोई समझ नहीं पा रहा है। उधर, बहादुरपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम का विवेचना में ले लिया है। डेडबॉडी का पोस्टमार्टम किया गया। अव्यवस्थाओं के बीच बना शव गृह बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शव गृह अस्पताल के पिछले हिस्से में कचरे के ढेरों के बीच बना हुआ है। इस शव गृह में बिजली सप्लाई भी नहीं है। जिससे रात भर अंधेरा पसरा रहता है। महिला के रिश्तेदार पंजाब कटारिया ने बताया कि रात में ग्यारह बजे अस्पताल आ गए थे। उसके बाद शव गृह में शव रखवाने के बाद वहीं बैठकर लकड़ियों को जलाकर उजाला किया और रात काटी। शव गृह के इर्द गिर्द जहां कचरे के ढेर हैं, वहीं झाड़ियां खड़ी हुई है।
जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के दमदमा चक्क गांव में शनिवार रात में एक महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने बताया कि वह रस्सी से बनाए गए फंदे पर लटकी पाई गई थी, जिसकी मौत अस्पताल लाते समय हो गई। जानकारी के मुताबिक सीमा कटारिया (32) का विवाह 14 वर्ष पहले हुआ था। उसका मायका भी इसी गांव में है। शनिवार रात गांव में एक जन्मदिन का कार्यक्रम था। जिसमें सीमा(मृतक) का पति गया हुआ था। महिला ने अपने तीनों बच्चों को खाना खिलाकर दालान में सुला दिया। रात में जब पति लौटा तो बच्चे बाहर सो रहे थे, कमरे की कुंडी अन्दर से बंद थी। उसने दरवाजा खटखटाया तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। पति ने कब्जा उठाकर दरवाजा खोला तो अंदर फंदे पर महिला लटकी हुई थी। उसने पास में पड़े हंसिया से रस्सी काटी और महिला को फंदे से उतारकर परिवार जनों की सहायता से बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाने लगा। तब उसकी सांसे चल रही थीं। किंतु अस्पताल से दो किलोमीटर पहले गीलारोपा के नजदीक महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि पति पत्नी के बीच कोई विवाद नहीं था और न ही महिला को अन्य किसी तरह की शिकायत थी। यदि यह आत्महत्या है तो उसने इस तरह का कदम क्यों उठाया। कोई समझ नहीं पा रहा है। उधर, बहादुरपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम का विवेचना में ले लिया है। डेडबॉडी का पोस्टमार्टम किया गया। अव्यवस्थाओं के बीच बना शव गृह बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शव गृह अस्पताल के पिछले हिस्से में कचरे के ढेरों के बीच बना हुआ है। इस शव गृह में बिजली सप्लाई भी नहीं है। जिससे रात भर अंधेरा पसरा रहता है। महिला के रिश्तेदार पंजाब कटारिया ने बताया कि रात में ग्यारह बजे अस्पताल आ गए थे। उसके बाद शव गृह में शव रखवाने के बाद वहीं बैठकर लकड़ियों को जलाकर उजाला किया और रात काटी। शव गृह के इर्द गिर्द जहां कचरे के ढेर हैं, वहीं झाड़ियां खड़ी हुई है।