कटनी में मजदूर को आया ₹90 हजार का बिजली बिल:कलेक्टर से जांच की गुहार लगाई; बोला- तीन साल से बंद घर में कैसे आई इतनी बिल

कटनी जिले के बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के देवरी हटाई गांव में बिजली विभाग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर के तीन साल से बंद पड़े मकान का बिजली विभाग ने ₹90,035 का बिल भेज दिया है। इस घटना से मजदूर परिवार सदमे में है। पीड़ित मजदूर बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा और कलेक्टर के नाम लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पिछले 3 साल से मकान बंद देवरी हटाई गांव निवासी गुल्ला पिता सुमेरा कुम्हार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से अपने मूल निवास पर नहीं रह रहे थे। इस अवधि में उनका घर बंद था और वे अपनी बेटी के यहां हथपुरी गांव में रह रहे थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग ने बिना किसी बिजली उपयोग के उनके नाम पर ₹90,035 का बिल जारी कर दिया। गुल्ला कुम्हार ने यह भी बताया कि विभाग ने इस बिल के साथ कुर्की (संपत्ति जब्त) करने का नोटिस भी भेजा है, जिससे उनका परिवार दहशत में है। कलेक्टर से बिल के जांच की मांग की शिकायतकर्ता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जब घर पर कोई नहीं रह रहा था और बिजली का उपयोग हुआ ही नहीं, तो विभाग ने इतनी बड़ी रकम का बिल कैसे भेज दिया। उन्होंने अपनी सीमित आय का हवाला देते हुए कहा कि एक मजदूर होने के नाते वे इतनी बड़ी राशि का बिल नहीं चुका सकते। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि इस मनमाने बिल की तत्काल जांच के आदेश दिए जाएं। गुल्ला कुम्हार ने आग्रह किया है कि मीटर की वास्तविक रीडिंग की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि तीन साल से बंद पड़े मकान में ₹90 हजार का बिल किस आधार पर भेजा गया है।

कटनी में मजदूर को आया ₹90 हजार का बिजली बिल:कलेक्टर से जांच की गुहार लगाई; बोला- तीन साल से बंद घर में कैसे आई इतनी बिल
कटनी जिले के बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के देवरी हटाई गांव में बिजली विभाग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर के तीन साल से बंद पड़े मकान का बिजली विभाग ने ₹90,035 का बिल भेज दिया है। इस घटना से मजदूर परिवार सदमे में है। पीड़ित मजदूर बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा और कलेक्टर के नाम लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पिछले 3 साल से मकान बंद देवरी हटाई गांव निवासी गुल्ला पिता सुमेरा कुम्हार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से अपने मूल निवास पर नहीं रह रहे थे। इस अवधि में उनका घर बंद था और वे अपनी बेटी के यहां हथपुरी गांव में रह रहे थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग ने बिना किसी बिजली उपयोग के उनके नाम पर ₹90,035 का बिल जारी कर दिया। गुल्ला कुम्हार ने यह भी बताया कि विभाग ने इस बिल के साथ कुर्की (संपत्ति जब्त) करने का नोटिस भी भेजा है, जिससे उनका परिवार दहशत में है। कलेक्टर से बिल के जांच की मांग की शिकायतकर्ता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जब घर पर कोई नहीं रह रहा था और बिजली का उपयोग हुआ ही नहीं, तो विभाग ने इतनी बड़ी रकम का बिल कैसे भेज दिया। उन्होंने अपनी सीमित आय का हवाला देते हुए कहा कि एक मजदूर होने के नाते वे इतनी बड़ी राशि का बिल नहीं चुका सकते। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि इस मनमाने बिल की तत्काल जांच के आदेश दिए जाएं। गुल्ला कुम्हार ने आग्रह किया है कि मीटर की वास्तविक रीडिंग की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि तीन साल से बंद पड़े मकान में ₹90 हजार का बिल किस आधार पर भेजा गया है।