छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 6 मार्च। जिला मुख्यालय स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल तिलसिवां में स्कूली बच्चों से रंगाई-पुताई कराने के मामले ने प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। घटना की मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट एक्स में निंदा किए जाने तथा मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी ने विद्यालय की प्राचार्या विधु शर्मा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह डीएवी जनकपुर के प्राचार्य सुनील महाजन को तिलसिवां विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
बताया जाता है कि बच्चों से रंगाई-पुताई कराने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के बयान दर्ज किए, जिसमें मामला करीब तीन वर्ष पुराना पाया गया। जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय में शिक्षकों और स्टाफ के बीच गुटबाजी की स्थिति भी बनी हुई है। एक पक्ष की प्राचार्या से अनबन के चलते कुछ अभिभावकों के माध्यम से शिकायत कराए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं कार्यालयीन स्टाफ द्वारा हिसाब-किताब में गड़बड़ी के एक मामले की जांच भी चल रही है, जिसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
स्कूल में बने विवाद और गुटबाजी का असर विद्यार्थियों और संस्थान की छवि पर पड़ रहा था। डीएवी मैनेजिंग कमेटी द्वारा प्राचार्या को हटाए जाने के बाद अब विवाद थमने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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सूरजपुर, 6 मार्च। जिला मुख्यालय स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल तिलसिवां में स्कूली बच्चों से रंगाई-पुताई कराने के मामले ने प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। घटना की मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट एक्स में निंदा किए जाने तथा मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी ने विद्यालय की प्राचार्या विधु शर्मा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह डीएवी जनकपुर के प्राचार्य सुनील महाजन को तिलसिवां विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
बताया जाता है कि बच्चों से रंगाई-पुताई कराने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के बयान दर्ज किए, जिसमें मामला करीब तीन वर्ष पुराना पाया गया। जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय में शिक्षकों और स्टाफ के बीच गुटबाजी की स्थिति भी बनी हुई है। एक पक्ष की प्राचार्या से अनबन के चलते कुछ अभिभावकों के माध्यम से शिकायत कराए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं कार्यालयीन स्टाफ द्वारा हिसाब-किताब में गड़बड़ी के एक मामले की जांच भी चल रही है, जिसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
स्कूल में बने विवाद और गुटबाजी का असर विद्यार्थियों और संस्थान की छवि पर पड़ रहा था। डीएवी मैनेजिंग कमेटी द्वारा प्राचार्या को हटाए जाने के बाद अब विवाद थमने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।