हाथों से उखडऩे लगी पीएम जन-मन योजना की सडक़, विधायक के निर्देश पर शुरू हुई तोडफ़ोड़
हाथों से उखडऩे लगी पीएम जन-मन योजना की सडक़, विधायक के निर्देश पर शुरू हुई तोडफ़ोड़
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,7 मई। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत निर्मित सडक़ की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। स्थिति यह है कि नई बनी डामरीकृत सडक़ की परत हाथों से ही उखडऩे लगी। ग्रामीणों द्वारा सडक़ की परत उखाडऩे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और विभाग सक्रिय हो गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित सब इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच कराने और घटिया सडक़ को तोडक़र दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए। विभाग ने गुरुवार से खराब हिस्सों को उखाडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी घटिया निर्माण दिखाई देने पर तत्काल शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जानकारी के अनुसार मैनपाट ब्लॉक के कदनई से लोटाभवना तक करीब 2.50 किलोमीटर लंबी सडक़ प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से बनाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। बारिश के बीच डामरीकरण कर दिया गया, जबकि सडक़ की सतह की समुचित सफाई और कॉम्पेक्शन भी नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ पर डामर की परत बेहद पतली बिछाई गई है, जिसे आसानी से हाथों से हटाया जा सकता है। कई जगहों पर डामर उखडऩे के बाद नीचे मिट्टी और डब्ल्यूबीएम की परत दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने बिना इमल्शन डाले सीधे डामर बिछाने का भी आरोप लगाया है, जिससे पहली बारिश में सडक़ खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा पेटी कांट्रेक्टरों को सौंप दिया गया, जिसके कारण मनमाने ढंग से काम कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मैनपाट क्षेत्र की 14 सडक़ों में इसी प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,7 मई। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत निर्मित सडक़ की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। स्थिति यह है कि नई बनी डामरीकृत सडक़ की परत हाथों से ही उखडऩे लगी। ग्रामीणों द्वारा सडक़ की परत उखाडऩे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और विभाग सक्रिय हो गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित सब इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच कराने और घटिया सडक़ को तोडक़र दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए। विभाग ने गुरुवार से खराब हिस्सों को उखाडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी घटिया निर्माण दिखाई देने पर तत्काल शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जानकारी के अनुसार मैनपाट ब्लॉक के कदनई से लोटाभवना तक करीब 2.50 किलोमीटर लंबी सडक़ प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से बनाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। बारिश के बीच डामरीकरण कर दिया गया, जबकि सडक़ की सतह की समुचित सफाई और कॉम्पेक्शन भी नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ पर डामर की परत बेहद पतली बिछाई गई है, जिसे आसानी से हाथों से हटाया जा सकता है। कई जगहों पर डामर उखडऩे के बाद नीचे मिट्टी और डब्ल्यूबीएम की परत दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने बिना इमल्शन डाले सीधे डामर बिछाने का भी आरोप लगाया है, जिससे पहली बारिश में सडक़ खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा पेटी कांट्रेक्टरों को सौंप दिया गया, जिसके कारण मनमाने ढंग से काम कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मैनपाट क्षेत्र की 14 सडक़ों में इसी प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं।