आमचो हल्बी -शहिद शिरोमणि भूमिया राजा गैंदसिंह

आमचो हल्बी -शहिद शिरोमणि भूमिया राजा गैंदसिंह

02-Oct-2018
जय मां दन्तेश्वरी 196 साल ले होयसे परलकोट मंडई (जातरा) हल्बा समाज चो गौरव छत्तीसगढ़ चोे पहला बाऊ चो द्वारा पखांजूर ले 50 किलोमीटर दूर सितरम लग परलकोट में देव मेला सन् 1824 ले शुरू करला जो आज बल फागुन तिहार ले रंगपचमी तक हर साल मड़ई (जातरा ) होयसे । ऐके दखतो काजे हर साल हजारो लोग मन ऐसोत। तुमके मय आमचो हल्बा समाज चो गौरव गाथा बाटे नयसे जहां अंगे्रजी हुकुमत ले छुटकारा करतो काजे आमचो भारत देश के गुलामी चो शकरी ले निकरातो काजे परलकोट चो भूमिया राजा हल्बा समाज चो गौरव गैदसिंह बाऊ सन् 1824 में अंग्रेज मन संग लड़ाई शुरू करून आजादी चो लड़ाई शुरू करला आरू मड़ई के बले शुरू करला। मड़ई के कसन शुरू करला उनके जानतो काज मय तुमके परलकोट चो दर्शन करायसे तुमी एहा अरू जाना पखांजूर ले 50 किमी. दूर सितरम ले 02 फर्लाग दूर में परलकोट आसे जे चारों बाट ले डोंगरी चो बीच में आसे पहली गोटक डोंगरी ऊपर शहीद गैदसिंह बाऊ चो राजमहल रहे अभी हुन खण्डहर चो रूप में अवशेष आसे डोंगरी चो खाले आया दन्तेश्वरी चो अरू बाबा माड़िया मांेगराज अरू शिव मंदिर आसे बाबा माडिया मांेगराज बस्तर चो कोनी कोन्टा माड़ चो आराध्य देवी आरू प्रमुख शक्तिपीठ चो रूप मे गढ़ परलकोट सितरम आस- पास चो गांव में धार्मिक आस्था चो केन्द्र आसे , इतरोय नोहोय ये आपलो विलक्षण धार्मिक , सांस्कृतिक अरू बहुरंगी जनजातिय विशेषता चो कारण पूरा राज्य में आपलो पहचान बनावला पखांजूर ले 50 किलोमीटर दुर परलकोट सितरम जातो काजे कच्चा मारग आसे । कोटरी नंदी के नाहकून भारी डेबरी बाट जातो मारग चो आसपास सायगन रान (जंगल) दखतो काजे खूबे संुदर लागेसे। जातो बीता मन चो मन के खुबे सुन्दर लागेसे । परलकोट क्षेत्र बले डोंगरी संग हरा भरा क्षेत्र आसे । मोगराज बाबा चो ठान जोन डोंगरी चो खाले आसे हुन डोंगरी दूसरा डोंगरी ले ऊपर आसे शरद तेचो ऊपर भाग चो मैदान में राजा गैदसिंह चो जूना नियाव (सभास्थल) ठान आसे ये डोंगरी चो पश्चिम दिशा (डूबती दिशा) में गोटोक नान्ही तरैय (तालाब) आसे बाबा माड़िया मोगराज चो गूडीं लग मन के खुश करतो , उमंग भरतो बीती आया दन्तेश्वरी आसे जहां अमरलेक यात्रा चो थकान अपने आप दूर परायसे। गढ़ देव बाबा माड़िया मोंगराज चो स्थापना चो संबंध में कई ठन मान्यता आसे तबले सबचो गोठ, राय गोटोक आसे। होनी मान्यता चो अनुसार प्राचीन काल में परलकोट कांकेर रियासत चो दुसरा राजधानी रहे। एंचो स्थापना समय कौन राजा रहे येके तो कोन्ही सांगुक निसकत मांतर लोगमन बलसोत कि होन समय बस्तर रियासत चो पिला राजा कोन्ही वंशज शासनाधिपति रहोत। माघ महिना भुमिया राजा गैंदसिंह बाऊ चो राज में सब हरिक मन में रहोत। माघ महिना 1824 में परलकोट में हल्बा परिवार देहारी बरग चो रानोबाई बिहान बेरा में नंदी में पानी भरूक गेली। पानी भरतो समय रानोबाई चो नजर पानी में चमकली अचानक गोटोक सुंदर लकड़ी चो मुरती चमकते रानोबाई लग अमरली तेके दखुन भारी रानोबाई डरली अरू आपलो मुनीस ओया देहारी लग परावते अमरली। अरू होन चमत्कार के सांगली। रानो चो गोठ के सुनुन भारी ओया बल डरलो। दुनो झन गांव में पटेल, गायता, के सांगला। गायता, रानोबाई, ओया देहारी संग गांव चो जमाय बिरादर मन सलाह होउन भारी राजा गैंदसिंह चो महल में जाउन भारी राजा के सांगला। जमाय चो गोठ के सुनुन राजा परलकोट में मुनादी करावला 84 परगना चो मांझी, गायता, मुखिया, समाज प्रमुख लोग मन संग नंदी में गेला। जमाय लोगमन राजा संग दखला गोटोक लकड़ी चो सुंदर मुरती रहे। फेर राजा मांझी, गायता मन के सांगला कि चाउर लाली संग विनती करून जांच करा। जांच करून भारी जमाय गायता, मांझी मन एक राय बनावला। अरू गढ़ चो परगना , भूमकाल के सांगला कि नंदी ले चमत्कारिक सुंदर माड़ चो देव माड़ीया मोंगराज इलासोत अरू आपलो काजे ठउर खोजसोत । जमाय गायता मांझी, मुखिया मन राजा के सांगला कि देव माड़ीया मोंगराज इलासोत अरू आपलो काजे ठउर खोजसोत। राजा आया दंतेश्वरी के राय मांगतो काजे मांझी गायता के सांगला। जमाय गायता मांझी, मुखिया मन देव माड़ीया मोंगराज चो स्थापना करतो काजे आया दंतेश्वरी के राय मांगला। 84 परगना चो लोगमन ऐके मान्यता दिला अरू रीति-नीति संग अरजी बिनती करून भातीन बाबा माडीया मोंगराज चो स्थापना करला अरू मडई(जातरा) बनावला तब ले अभी तक ले हर साल भागून महीना ले धूम -धाम ले गढ़ देवी मां दन्तेश्वरी चो आसीस ले 84 परगना चो मन माडीया मोंगराज के देव चो रूप में इथा स्थापना करला अरू ऐचो विलक्षण शक्ति ,संस्कृति के दरशन करतो काजे दूर-दूर ले परलकोट चो मड़ई (जातरा) दखूक एसोत । आज कल परलकोट चो राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल खण्डहर चो रूप में पड़लीसे जहां 20 जनवरी सन 1825 चो राजा गैंदसिंह बाऊ के अंग्रेज मन फांसी दिला। अरू दन्तेश्वरी माता चो मंदिर गिरूक होलीसे। मंदिर लगे माडीया मोंगराज गुडी सीतला माता चो गुड़ी आसे। आज परलकोट में कई हजार फलदार रूख मन आसत। राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल , बलिदान स्थल , चो संरक्षण करतो काजे सबके सहयोग करूक लागुआय। परलकोट चो राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल के पर्यटन स्थल घोषित करतो काजे शासन के मांग करूक लागेदे। लिखतो बिता कृश्णपाल राणा अध्यक्ष युवा प्रकोश्ट (18गढ़ महासभा)
सावन के बादर पानी दे -कविता

सावन के बादर पानी दे -कविता

12-Sep-2018
सावन बर कविताएं सावन के बादर पानी दे सावन के बादर पानी दे 1/ छत्तीसगढ़ ला खुषहाली दे। पानी दे जिनगानी दे सावन के... पोथी पतरा पातर हे काबर सागर के कोख सिरागे काबर आकाष अंगना सूना हे काबर गरमी अडियल पसरे हे काबर धुर्रा गुलछर्रा उड़ावत हे काबर बिजरावत उधम मचावत हे काबर रहि-रहि के वो गुर्रावत हे काबर दगाबाज आबाद हो गे काबर? उम्मीद हमर गहरी हे बाधे आसाढ़ के बादर ह बोदरागे सावन के बादर... पानी दे हरियाली दे 2/ बैसाख के साख के धाक जमें हे लू अउ पसीना के सगाई रचत हे जेठ तपिस दहेज चाहिस फ्रिज कूलर पंखा भी मांगिस झर झर झरिस पसीना के झरना तरसेन हम हासिस वो हसीना सूना आकाष बिजरावत हे आसा के आसरा सिरावत हे बीज पीक भी सुखावत हे जम्मो बादर अब पतरागे सावन के... पानी दे खेत पुकारत हे पानी दे 3/ बादर ला पूछ वो काबर रिसागे का गलती वो हमर बता दे कइसे मनावन तरकीब सुझा दे करनी हमार का छूत लगे हे नाराजगी के कारण समझा दे बिजली के चमक देख घरो घर बिजली उूपर कहां लुकागे दादुर पपीहा गीत नइ गावथे झिगुरा के राग न केकरा नाचथे बाट जोहत मन पथरा गे सावन के बादर... माफी दे अउ पानी दे 4/ खेत पुकारथे पानी दे किसान गोहरावत हे पानी दे तरिया मांगत हे पानी दे मेचका गिगियावत हे पानी दे नदिया सुखावत हे पानी दे छाता बरसाती रोवत हे पानी दे ओरछा छानी खिसियाव हे पानी दे आकाष पुकारत हे पानी दे धरती पियासी हे पानी दे सावन के बादर... 5/ सावन के बादर पानी दे हर हाथ जुरे हे पानी दे सब माथा नवे हे पानी दे चित्रोत्पला मांगत हे पानी दे अरपा पैरी ला पानी दे षिवनाथ पुकारत हे पानी दे तेल जोक ला पानी दे सोढुर सुखावत हे पानी दे इंद्रा खारून ला पानी दे केलो माड गोहरावत हे पानी दे पानी दे हमला पानी दे सावन के... 6/ हे बरखा रानीे अब पानी दे सागर सुत बादर पानी दे ष्यामल तन मेघा पानी दे हे मेह के दाता पानी दे भुइंया महतारी ला पानी दे माटी के किरिया ते पानी दे छत्तीसगढ़ ला खुषहाली दे सवन के बादर पानी दे पानी दे अब पानी दे...
आमचो हल्बी-आमचो समाज

आमचो हल्बी-आमचो समाज

11-Sep-2018
आमचो समाज मोचो युवा साथिमन समाज के युवा मन ले खुबे आषा विष्वास उम्मीद आसे हमनके होन विष्वास के बनाऊन राखूक लागेदे। एचोकाचे सकारात्मक मन बनाऊन भारी आपन चो सोच के आपलो सपना के ऊपर सगाउक पढे़दे। विकास चो गति मे खुबे (विषाल) सोच संग पूरे जाऊक लागेदे। नया पीढी चो विकास करतोर काजे आपन चो समाज चो व्यवस्था, संस्कृति के जानुक लागु आए जेन समाज मे आमी जनम धरलुंसे मांतर होन समाज चो कर्ज और फर्ज आमके निभाऊन लागेदे। खंडिक सोंचून देखा आमचो समाज चो कितरो लोग आर्थिक रूप ले सम्पन आसोत कितरो लोग षिक्षित अंरू प्रगतिषील बिचारधारा मे आगे आसोत। आमी दुसर समाज संग जब तुलना करूंसे तो आमचो समाज के समझतो चो कोषिष मे कितरोय साल लागु आए । नषा अरू दुसर समाज चो बहकावा मे आमी खुबे जल्दी जावसे ये आमचो सबमे बडी कमजोरी आए। आमके लडाई झगडा के छोडुन भारी चिंतन षील बिचार ले समाज चो प्रगति चो बारे में रोज प्रत्यन्तषील बनतो जरूर आसे। आमी जसन सोचुंआ उसने बनुंआ आमचो बडे सोंच अनुसार करम बेल ऊंचा होतोर आय। यदि आमी नकारात्मक भाव आमचो मन में आनुंआ तो आमीचो मन दुशित होऊ आय। अरू आमी कोनी भी काम मे सफल होऊक निसकुं। मै मांफी मांगेसे पर ऐ गोठ सत्ते आय की आमी आपलो ज्यादा समय एक दुसर चो चारी चुगली गीरातो काजे जलन मे बीताऊंसे होनीच कारन आमचो बीचार मे खुबे गंदगी भरेसे। आमचो ऐही नकारात्मक सोच चो कारण लोग मन हामचो ले दुर होसत आमी दिन भर काम करून जीतरो निथकुन उपरो तो आमी खंडिक भर मे दुसर चो चारी चुगली, क्रोध चिंता करलो मे थकुंसे। गोटोक जमाना असन रहे कि गांव चो मुखिया, पटेल, गायता चो घर मे रोज मनुक मन खुबे ऐते रला। जरूर तेमन चो ऊपर कुछ बात रहे तेमनचो प्रति विष्वास रहे। तेमनचो गोठ में मिठास रहे। होनमन समाज चो बिरादर मन काजे आदर्ष रेहोत आपलो प्रतिश्ठ, मान सम्मान चो लाज रखोत। जमा बिरादर मन चो हर परिस्थिति मे बिना कंही भेदभाव ले सब समस्या मन चो समाधान करोत। कायकाज की तेमन लोगमन संग मन से दिल से निःस्वार्थ भाव से जुड़ते राला। पर आज असन विष्वास काए काज सहाय। एके आमके चिंतन करतो आय कि आमचो प्रति आज लोग मन कायकाज विष्वास निकरोत, कायकाज आमी आज आदर्ष बनुक निसकुं। आमचो जिम्मेदारी कहां तक आसे कायजनन, बिहाव, मरनी काम चो संचालन तक ही आम चो काम आय काय। मातर आमचो जीवन इथाय ले रली काय। आम चो असल काम तो संस्कार रीति नियम के संचालन चो साथ साथ आपलो संपाए विकास करवन भारी आपलो परिवार, समाज चो जमाय बिरादर मन चो संर्वगीर्ण विकास मे साथ देतो आए। मन मे रलो मइल के दुर करतोर आए समाज मे कुछ गंदगी, असमाजिक लोग मन चो द्ववारा फैलावलोत तेको थेबतो आए। जनकल्याणकारी योजना मन के सांगतोर आय जोन मन पिछडला से तेमन के पुरे आनतोर काज, षिक्षा, स्वास्थय, रोजगार, स्वरोजगार, व्यवसाय, आधुनिक खेती मन के सांगतोर आय अरू जमाय बिरादर मन संग मन से दिल से जुडतो आए। घर के बडे होलो में जरूरी नोहोय कि सब सगा मन आमचो घर मे एथे। घरवाला मन चो दिल, मन बडे होतोर आय ता तेमन चो घर मे जमाय सगा एथे। जीवन में आपलो गोटोक लक्ष्य बनातोर आय, अरू ते लक्ष्य के धरतो काज समय के संगाऊन भारी सकारात्मक सोच संग अवसर के जाऊक देतोर नोहेय। आपलो परिवार के हरिक बनातोर बले खुबे बडे जिम्मेदारी आय। पहली घर मे जमाय लोग मन एक संग मिलुन भारी काम करते रहोत। जेवनकरोत जेचोक खुबे बडे महत्व रहे। कौन कितरो जेवनकरसोत कसन करसत ऐके देखुन भारी घर चो सियान आपलो परिवार चो लोगमन चो हालचाल अनुषासन के समझत। और जेनबले समस्या रेहे होनके दुर करोत। पर आज घर मे जमाय लोग एक संग जेवन निकरोत आपले परिवार चो संस्कार अनुषासन ऐमे दखुक मिरेसे। पडतो लिखतो असली षिक्षा नोहोय असल षिक्षा तो एक दुसर चो विकास में सहयोग करतो, सदाचार, सदविचार, संस्कारवान, सभ्यता चो रक्षा करतोर अनुषासित रहुन भारी आपलो परिवार अरू समाज मे हरिक मन ले षुखी जीवन जीवतो काज आपलो योगदान देतो आय। आपलो जीवन मे सबले बडे अपराध कांचोय आंखी मे आंसु तुमचो वजह से होलेक अरू जीवन चो सबले बडे उपलब्धी कोन्हीचो आंखी मे आंसु चुमचो काजे होतोर आय। होनचोय काजे जमाय बिरादर मन संग हरिक मन ले जुडुन भारी हमेषा सकारात्मक भाव संग खुद बले हरिक मन रहुन भारी समाज चो बिरादर मन के सुख बांटतोर आय। अरू एक दुसर के सहयोग करतोर आय। लिखतो बिता कृश्णपाल राणा अध्यक्ष युवा प्रकोश्ट
आमचो हल्बी-रान हक चो अधिनियम 2006

आमचो हल्बी-रान हक चो अधिनियम 2006

02-Oct-2018
रान हक, हक चो अधिनियम, अनुसूचित जनजाति आउर सवाय रान ने रतो लोग। (रान चो कह चो मान्यता) नियम 2006 थ्त्। 2006 थ्वतमेज त्पहीज ।बज रान चो हक, हक चो अधिनियम आदिवासी जनजाति लोग आउर सपाय रान ने रतो लोग (रान चो हक चो मान्यता) नियम 2006 1. अधिनियम आऊर नियम चो कयला ले जानकारी रान बाट चो सपाय रतो लोग के अच्छा ले समक्ष ये वो। 2. अधिनियम 2006 चो अनुसार ने 2006 ने नियम बनाला, चो जानकारी लाईन-1, अच्छा ले समक्ष येवो। 3. रान चो बचाव, अलग-अलग पशु, चो बचाव, खातो पितो चो जबाबदारी रान चो सपाय लोग आऊर समुह के अच्छा ले समक्षातोर आय। 4. (अ) 13 दिसम्बर 2005 ले आगे चो रान भूय ने रतो रान भूय चो उपयोग बेड़ा काजे करतो लोग मन के एक लाहन के हक कागत दिला की नई। (ब) रान बाट ले, एक लाइन चो रूप ने रान के नुकसान नी करून रान के बचातोर आउर आपलो जीवन काजे रान के बचातो काजे उपाय सांगतो राय। 2. सपाय चो रान जो हक:- आपलो रान, बचालो रान, आगे ले रहतो रान आउर राष्ट्रीय रान चो हक काजे नियम आसे। रान चो हक मांगतो चो उपाय आसन आये:- 1. ग्राम सभा थाने गाँव, रान हक काजे समिति बनाउन पारा चो सपाय मतदाता मिलुन अपलो गांव चो रान हक चो समिति बना दे। 2. खुले बड़े रान होली जाले, खुबे लोग रान चो हक काजे समिति बनातोर आय। 3. जिला स्तर ने ‘‘जिला रान हक समिति‘‘ बनातोर आये। जोनरान हक चो मांग काजे सहमति करो। 3. रान हक चो काम काजे असन करतो आय:- 1. समपाय रान हक चो धारा - 3.1 ;ंद्ध ले ;उद्ध सपाय रान के बचातो हक धारा 3.1 ;पद्ध 2. गांव चो सरकारी विकास योजना चो काम काजे जरूरत अनुसार रान भुय के सोपतो हक धारा 3.2 3. खुबे आगे ले हक बनाउन सगालो धारा 3.1 ;इद्ध 4. आगे चो रूक चो अलावा आउर सपाय रान चो मालिकाना हक- बचातोर बिकतोर नाहले आउर के देवोर धारा-3.1 ;बद्ध 5. मुडा, नदि ले मछरी धरतो, खातो जीव सगातो, पोसलो पशु चरातो आउर घूंमतू जात के रान उपयोग चो कह-धारा 3.1 ;कद्ध 6. अनुसुचित जन जाती चो बसतो सपाय लोग ले मालिकाना हक मिरतो काजे-धारा-3.1 ;बद्ध 7. रान गांव मन के राजस्व गांव ने बदलतो काजे हक-धारा 3.1 ;ीद्ध 8. सपाय लोग रान बचातो काजे फेर बनातो, उपाय, बचाव, आउर, हनुचो प्रबंध करतो हक-धारा 3.1 ;पद्ध 9. दुसर, दुसर जैव चो उपयोग आउर आलो पुराना बुद्धी ले मालिक हक-धारा-3.1 ;ाद्ध ये सपाय चो नियम, उपबन्ध चो लाभ काजे काम काज काजे भौतिक सर्वेक्षण उपलब्धीर चो सत्यापन आउर काम काज चो कमी चो कारण के जानतोर आय। संबंधित के झटके लाभ अमरातो काजे झटके प्रयास करतोर आय। ये नियम चो प्रचार - प्रसार प्रशासन समाज आउर लाभ कमातो निवासी चो (शासन, जिला, उप खण्ड आउर पंचायत स्तर ने) अलग-अलग होली बनाउन काम के चालू करतोर जरूरी आय।
आमचो हल्बी-पंचायत उपबंध अधिनियम 1996

आमचो हल्बी-पंचायत उपबंध अधिनियम 1996

10-Sep-2018
पंचायत-उपबंध (अनुसुचित क्षेत्र चो जानकारी) अधिनियम 1996 1. ये नियम चो असली नाव पंचायत उपबंध (अनुसुचित क्षेत्र चो जानकारी) अधिनियम 1996 आए। 2. ये नियम ने, जब ले, जन तक ले संदर्भ ले आउर अपेक्षा नी होवो- आदिवासी जमा ले असन अनुसुचित जगा चो जानकारी आसे जोन नियम के अनुच्छेद 244 चो खण्ड (1) ने लिखली से। 3. पंचायत ले संबंधीत अधिनियम चो भाग 9 ने उपबंध चो असन अपवाद आउर उपांतरण आसे, जोन चो उपबंध धारा 4 ने कटला सोत अनुसुचित जगा चो लाईन करला सोत। 4. संविधान चो भाग 9 ने कुछ गोठ ले होली जाले, कोनी राज्य चो विधान मंडल, आउर भाग चो अधिन असन कोनी विधि नी बनावत। जोन। निम्नलिखित मन ले कोचय सग असंगत होवो मतलब - (क) पंचायत ने कोनी राज्य विधान जोन बनाउआन रूढ़ी जन्थ, विधि, सामाजीक आउर धार्मिक पदतियों आउर सामुदायिक संपदा चो पंरपरागत प्रबंध पद्धति चो अनुरूप होउआय। (ख) गांव साधारण घर या घर मन चो समुह या नानी गांव या नानी गांवमन के समुह ले मिलून भाती बनुआय। जहां सपाय मिलनू जुलून रहोत आउर परंपरा या रूढ़ी चो अनुसार आपलो कामधाम चो प्रबंध होवो। (ग) हर गावं ने एक ग्राम सभा होतो जो असन आदमी ले मिलून बनेदे जोन चो नाव ग्राव स्थर ने पंचायत काजे निर्णय नाम वालि ने आसे। (घ) घर ग्राम सभा, जनसंधारण चो परंपरा आउर रूढ़ी, जोन चो संस्कृति पहचान, सामुदायिक संपदा आउर क्षगड़ा के निपटातो काजे सही तरह ले जांच पड़ताल करून समक्ष होयदे। (ङ) हर एक ग्राम सभा:- 1. सामाजिक आऊर आर्थिक विकास काजे योजना, कार्यक्रम आऊर परियोजना चो अनुमोदन, ऐचो ले आगे चो गांव स्तर पर पंचायत बाटले योजना, कार्यक्रम आऊर परियोजना काम काज काजे एबे। करूवाय। 2. गरिबी उन्मूलन आउर दूसरा कार्यक्रम चो अधीन हिताधिकारी चो रूप नें लोगमन के जानतो या चयन काजे जबाबदारी होवो। (च) गांव स्तर चो हर पंचायत ले ये अपेक्षा करूआत की ग्राम सभा चो खंड (ङ) ने लिखली से योजनाओं, कार्यक्रमों आऊर परियोजना काजे हून पंचायत द्वारा निधियों चो उपयोग काजे प्रमाण मिरो। (छ) हर एक पंचायत ने अनुसूचित जगा चो आरक्षण, हुन पंचायत ने हून पंचायत चो जनसंख्या चो अनुपात ने होऊआत जोन काजे संविधान चो भाग चो अधिन देतो राय बललासोन। परंतु अनुसुचित जनजाति काजे आरक्षण, ठान चो कुल संख्या ले आधा ले कम नि रहो। (ज) राज्य सरकार असन अनुसुचित जनजाति चो लोग मन काजे जोन चो मध्यवर्ती स्तर ने पंचायत ने या जिला स्तर ने पंचायत ने प्रतिनिधी नी रहो। मानतर नाम छून पंचायत ने निर्वाचन कस्न कुल सदस्य ले दसका भाग ले अधिक नी रहो। (झ) ग्राम सभा या सपाय स्तर ने पंचायत ले विकास परियोजना काजे अनुसुचित क्षेत्र ने भुय बनातो ले आगे आउर अनुसूचित क्षेत्र में असन परियोजना चो प्रभारी लोगमन के फेर ले व्यवस्था या फेर ले वास करले ने आगे परामर्श करूक हायेदे, अनुसुचित क्षेत्र ने परियोजना चो वास्तविक योजना आऊर छूनचों काम काज राज्य स्तर में समन्वित होय दे। (ञ) अनुसुचित क्षेत्र में लघु जल निकायों चो योजना आउर प्रबंध सपाय स्तर नें पंचायत के सौपतोराय। (ट) ग्राम सभा या सपाय स्तर ने पंचायत चो सिफारिश के अनुसुचित क्षेत्र में गोंड़ा खनिज काजे आगे जांच अनुमति या खोदतो काजे पट्टा दिलो नाहलो आगे आज्ञापत्र बनातोर आय। (ठ) नीलामी काजे गौण खनिज के समु उपयोग काजे रियायत देतो काजे ग्राम सभा या सपाय स्तर ले पंचायत ने आगे सिफारिस के आज्ञापत्र बनातोर आय। (ड़) अनुसुचित क्षेत्र ने पंचायत चो शक्ति आउट अधिकार काजे जो छूनके शासन चो संस्था चो रूप ने कृत्य निश्चित करूआत कि सपाय स्तर ने पंचायत आउर ग्राम सभा के विनिदिष्ट रूप ने प्रदाय करतोर आय। 1. निवेष बदलतो काजे या काई मातसो बीती के बिकतो आउर पिवतो के विनियमित या निबंधित करतो शक्ति। 2. गौण रान उपच चो मालिक होतो। 3. अनुसुचित क्षेत्र ने भुई के दुसरा रोग ले बचातो काजे आउर कोनी अनुसुचित जनजाति के कोनी दुसरा रोग भुई के बचातो काजे अच्छा काम करतो काजे शक्ति। 4. गांव चो हाट के कई बाले नाम ले जानतोर होगे, प्रबंध करतो शक्ति। 5. अनुसुचित जनजाति लोग के धन उधार देरा बेटा नियंत्रण करतो शक्ति। 6. सपाय सामाजिक जगा ने संस्था आउर काम करतो लोग के नियंत्रण करतो शक्ति। 7. रतो जगा योजना आउट योजना काजे जहां जनजाति काजे उपयोजना होवो। स्त्रोतो के नियंत्रण करतो शक्ति:- (ढ़) असन राज्य विधान ने, जो पंचायत के असन शक्ति आउर अधिकार देवोत जोन शासन चो संस्था चो रूप ने कृत्य करतो काजे समर्थ बनातो काजे जरूरी होवो। यह निश्चित करतो काजे रजोपाय अन्तविष्ट होवो कि उच्चतर स्तर ने पंचायत निन्म स्तर ने कोनी पंचायत के या ग्राम सभा चो शक्ति आउर अधिकार हाथ ने नी धरोत। (ण) राज्य विधान मण्डल अनुसुचित क्षेत्र ने जिला स्तर ने पंचायत में प्रशासनिक संस्था के परिकल्पना करतो चो छठी अनुसुचित चो पेटर्न चो अनुसरण करतो चो प्रयास करूवाय। 5. ये अधिनियम द्वारा करलो उपबाद आउट रूपांतरण चो सगे संविधान चो भाग 9 ने कोनी गोढ चो होले बले हुन तारिख के अच्छा आगे, जोन के राष्ट्रपति चो अनुमति सही अधिनियम ले मीरूआय, अनुसुचित क्षेत्र ने प्रवृत्त पंचायत चो अनुमती ये अधिनियम ले मीरूआय, अनुसुचित क्षेत्र ने क्षेत्र में प्रवृत्त पंचायत ले संबंध को नी विधि चो कोनी उपबंध, जो असन उपवाद आउर उपांतरण संगे भाग-1 चो उपबंध ले जानकारी आये तब तक प्रकृत बनु रहेदे जब तक हुनके कोानी सक्षम विधान मण्डल या दुसरा सक्षम अधिकारी संशोधित या निरसन नी कराते या हुन तारिख ले जोन के राष्ट्रपति चो अनुमति ये अधिनियम के मीरूतोर आय। एक साल नी सरे। मानतर असन तारिख चो ठीक आगे विद्यमान सपाय पंचायत आप लो अवधी चो सरलो तक बनु रहुआय जब तक कि हुनके उनचो ले आगे चो राज्य चो विधान सभा द्वारा या कोनी असन राज्य चो दशा ने जोन चो विधान परिषद आसे, हुन राज्य के विधान मण्डल चो प्रत्येक सदन चो द्वारा थे आशय के पारित कोनी संकल्प द्वारा विघटित नी करू देवोत।