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जिन्दल स्टील एंड पावर को गोल्डन पीकॉक सीएसआर अवार्ड

जिन्दल स्टील एंड पावर को गोल्डन पीकॉक सीएसआर अवार्ड

15-Jan-2023
जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली देश की अग्रणी स्टील कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) को सीएसआर दायित्वों के उत्कृष्ट निर्वहन के लिए प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक अवार्ड – 2022 से सम्मानित किया गया है। मुंबई में कंपनी सामाजिक दायित्व विषय पर आयोजित 17वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने जेएसपी को यह सम्मान प्रदान किया, जिसे कंपनी के प्रेसिडेंट और सीएसआर प्रमुख प्रशांत कुमार होता ने ग्रहण किया। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स (आईओडी) के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सुरिंदर नाथ और प्रधान सलाहकार श्री देशदीपक वर्मा आईएएस (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित थे। सीएसआर के क्षेत्र में समर्पित सेवाओं के लिए जेएसपी को यह दूसरा गोल्डन पीकॉक अवार्ड प्राप्त हुआ है। जिन्दल स्टील एंड पावर ने शालू जिन्दल के नेतृत्व में जेएसपी फाउंडेशन द्वारा अपने प्लांट के आसपास और देश के विभिन्न स्थानों पर लोगों के जीवन में बदलाव लाने के जो उल्लेखनीय प्रयास किये हैं, उसके फलस्वरूप ही यह प्रतिष्ठित सम्मान उसे प्रदान किया गया है। इस सम्मान के लिए जेएसपी का चयन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एम.एन. वेंकटचलैया की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल ने किया। गोल्डन पीकॉक अवार्ड के लिए निर्णायक मंडल और इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स का धन्यवाद करते हुए जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा, "इस सम्मान से लोगों की सेवा के लिए हम और अधिक उत्साहित हुए हैं। सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति हमारी जवाबदेही अब और बढ़ गई है। हम संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (यूएनएसडीजी) के 17 में से 16 मानदंडों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं और देश में मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में सुधार के लिए समस्त क्षेत्रों में संचालित अपने कार्यक्रमों में तेजी ला रहे हैं।” गौरतलब है कि जेएसपी फाउंडेशन ने समुदायों और सरकारों से साझेदारी कर अपनी सेवाओं के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री से भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री से भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात

15-Jan-2023
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के डायरेक्टर जनरल ने लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र सहित अन्य योजनाओं की सराहना की र मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून के भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जंगल में हम इमारती लकड़ी के बजाय फलदार वृक्ष अधिक से अधिक संख्या में लगाए इससे वहां के निवासियों को रोजगार मिलेगा, आय बढ़ेगी और जंगल की रक्षा भी होगी। इससे पलायन भी रूकेगा और शहरों में आबादी का बोझ कम होगा।  मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि आप सभी से युवा अधिकारियों से काफी उम्मीदें है, हमें विश्वास है कि आप इनमें खरे उतरेंगे। आप लोगों ने जो हमारी सरकार की प्रमुख योजनाओं का अध्ययन किया है, उसे देश के अन्य हिस्सों में क्रियान्वित करने का प्रयास करेंगे।   इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून के डायरेक्टर जनरल श्री भारत ज्योति ने छत्तीसगढ़ की लघु वनोपज की प्रसंस्करण प्रक्रिया और उससे जुड़ी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह अनूठी योजना है इससे वनवासियों के जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में भी इसे अपनाएं जाने का सुझाव दिया।   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे पूर्वज भी जंगलों में निवास करते थे और पुराने राजा-महाराजा भी वृद्धावस्था में जंगलों की चले जाते थे और उनकी सारी आवश्यकताए जंगलों से पूर्ति हो जाती थी क्योंकि जंगल में सभी संसाधन उपलब्ध हो जाती थी। मगर बाद में ऐसी परिस्थितियां बनी की हम जंगलों की कटाई करने लगे और जब वृक्षारोपण किया तो, इमारती लकड़ियों का ही अधिक से अधिक रोपण किया और उन्हें कटाते रहे। फलस्वरूप कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। बघेल ने कहा कि हमनें तय किया कि हम प्रदेश में अधिक से अधिक फलदार वृक्ष का रोपण करेंगे और अब तक करीब 22 लाख फलदार वृक्ष लगाए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में करीब 36 हजार नाले हैं यहां तक हिमालाय की तराई के बाद सबसे अधिक जल स़़़़़़्त्रोत हमारे छत्तीसगढ़ में है। उसके बाद भी यहां सूखे की समस्या की सामना करना पड़ता था। हमनें नरवा योजना के तहत् जल स्त्रोतों को रिचार्ज किया। इससे जल स्तर में बेहतर सुधार आया। जंगलों में रहने वालों लोगों की पानी की समस्या दूर हुई और उन्हें फलदार वृक्ष से फल मिलने लगे और उन्हें आमदनी भी हुई। साथ ही हमें मानव-हाथी द्वंद्व की समस्या को कम करने में भी मद्द मिली। प्रशिक्षु अधिकारियों ने लिया मिलेट्स व्यंजनो का आनंद  मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से पूछा कि उन्हें मिलेट्स से बने खादय पदार्थ का स्वाद कैसा लगा। तो उन्होंने कहा बहुत बढ़िया। साथ ही प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी लघु वनोपज प्रसंस्करण और नरवा योजना की भी सराहना की। उन्होंने आज धमतरी जिले के दुगली में लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र का भ्रमण किया। इस दौरान लघु वनोपज से बने खाद्य पदार्थों का स्वाद भी चखा। इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय शुक्ला और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
तातापानी को राम वनगमन परिपथ से जोड़ने की घोषणा

तातापानी को राम वनगमन परिपथ से जोड़ने की घोषणा

15-Jan-2023
राम वनगमन पथ से जुड़ेगी तातापानी स्थित रामचौरा पहाड़ी: मुख्यमंत्री बघेल राम वनगमन पथ से जुड़ेगी तातापानी स्थित रामचौरा पहाड़ी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तातापानी महोत्समकर-संक्रांति और तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए बधाई मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज तातापानी महोत्सव में शामिल हुए. यहां उपस्थित आम जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को मकर-संक्रांति और तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए बधाई दी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बलरामपुर रामानुजगंज जिले की जनता को 1003 करोड़ रूपए के 1707 विकास कार्यों की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तातापानी महोत्सव बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ का भी गौरव है। तातापानी को राम वनगमन परिपथ से जोड़ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने तातापानी के एतिहासिक महत्व और स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए तातापानी रामचौरा पहाड़ी को राम वनगमन पथ से जोड़ने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में धान खरीदी का काम बहुत जोरशोर से चल रहा है। अब तक प्रदेश में 97 लाख टन से ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है और इसकी एवज में इस वर्ष अभी तक 20 हजार करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 को हमने मिलेट मिशन वर्ष घोषित किया है ताकि मिलेट्स को बढ़ावा दिया जा सके. विशेष संरक्षित पिछड़ी जनजातियों ने किया मुख्यमंत्री का सम्मान विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए योजनाओं का निर्माण और इसका लाभ सभी तक पहुंचाने के लिए सरगुजा संभाग में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया. सम्मान किए जाने पर भूपेश बघेल भाव विभोर हुए और इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री ने उनको धन्यवाद ज्ञापित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सूर्य आज से उत्तरायण हो रहे हैं और मैं भगवान सूर्य से प्रार्थना करता हूं कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि ऐसे ही दिन दुगनी, रात चौगुनी बढ़ती रहे. तातापानी में मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर बड़ी घोषणाएं करते हुए 25 करोड़ रूपए की लागत से कुसमी लावा जलाशय योजना का निर्माण,30 करोड़ की लागत से भूमका व्यपर्तन योजना के निर्माण, कुसमी में व्यवहार न्यायालय की स्थापना, चांदो में सहकारी बैंक की शाखा खोलने , गौरलाटा को पर्यटन केंद्र के रूप विकसित करने, नगर पंचायत कुसमी में गौरव पथ के निर्माण, तातापानी महोत्सव को ट्रस्ट बनाने, बलरामपुर में गौरव पथ के निर्माण , परसपाल से चलगली, चलगली से भगवानपुर होते हुए मोरन, जनक मोड़ से रामनगर तक सड़क निर्माण कराने की घोषणा की. इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव व सामरी विधायक चिन्तामणीयि महाराज, सरगुज़ा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पत सिंह,अपेक्स बैंक के संचालक श्री अजय बंसल ,कलेक्टर श्री विजय दयाराम के,पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे.
मिलेट मिशन योजनां

मिलेट मिशन योजनां

14-Jan-2023
 मिलेट मिशन योजनांतर्गत शिविर लगा कर रागी बीज का निःशुल्क वितरण किया गया   कलेक्टर के निर्देशन व जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम व उपसंचालक कृषि प्रदीप एक्का के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड में मिलेट मिशन योजनांतर्गत रागी बीज का वितरण निशुल्क शिविर लगा कर किया जा रहा हैं, इसी क्रम में विकासखंड प्रतापपुर के सोनगरा सेंटर के चयनित ग्राम श्यामनगर में , बंशीपुर सेंटर के बंशीपुर ग्राम में, दुर्ती सेंटर के मरहठा ग्राम में क्रमश 90 एकर के लिए निशुल्क रागी बीज (मड़िया ) का वितरण लगभग 100 किसानों को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अभिषेक सिंह के द्वारा 3 दिन में लगातार शिविर लगाकर किया गया। उक्त योजना के बारे में कृषि विस्तार अधिकारी अभिषेक सिंह जी ने बताया की माननी य मुख्यमंत्री व शासन के निर्देशानुसार मिलेट मिशन की शुरुवात पूरे छत्तीसगढ़ में की गयी है, जिसके तहत किसानों को पुराने समय जो कोदो, कुटकी, रागी, की खेती किया करते थे, जो अब हाइब्रिड धान के युग में विलुप्त सा होता जा रहा है, जिसके कारण अब सभी लोग विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित होते जा रहे हैं, उनसे बचने के लिए अब पुरी तरह से वर्मी कम्पोस्ट व मिलेट के उपयोग से ही नियंत्रण हो सकता है, इसलिए किसानों को बीज उपलब्ध करा कर सभी को इसका उत्पादन करने की सलाह दी जा रही हैं, साथ ही किसानों को इससे दोहरा लाभ भी है, जिसके तहत मिलेट खरीदी भी वनोपज समिति के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर की जानी है , जिससे इनके उत्पादन का एक अच्छा लाभांश भी प्राप्त हो सकता है, अतः सभी को इस खेती को अपनाने की सलाह दी जा रही है, साथ ही ग्राम पंचायत के पारा मोहल्लो के दीवारों पर नारा लिखवा कर भी प्रोतसाहित किया जा रहा हैं, निश्चित रूप से निकट भविष्य में एक अच्छा लाभ इस योजना का देखने को मिलेगा, उक्त सभी ग्राम पंचायतो के वितरण शिविर में मंत्री प्रतिनिधि श् सिंहदेव जी, रविन्द्र सिंह जी, बनवारी लाल गुप्ता जी, तारा चंद सोनहा सरपंच श्यामनगर, गुलाब सिंह बंशीपुर, व सत्तीपारा सरपंच, रामायण गुप्ता, अनुविभागीय अधिकारी कृषि  संदीप सिन्हा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी  नरेन्द्र रक्सेल,  शिव शंकर यादव, कृषि विकास अधिकारी अचल राजवाड़े व भारी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहें।
छत्तीसगढ़ में और बढ़ेगा बिजली का उत्पादन

छत्तीसगढ़ में और बढ़ेगा बिजली का उत्पादन

21-Dec-2022
न्याय के चार साल छत्तीसगढ़ में ऊर्जा उत्पादन के इतिहास में एक मील का पत्थर और स्थापित हो गया जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 अगस्त को 1320 मेगावाट के नए पॉवर प्लांट लगाने का निर्णय लिया। वास्तव में यह छत्तीसगढ़ को बरसों बरस तक जीरो पॉवर कट स्टेट बनाए रखने की दिशा में ऐतिहासिक फैसला है। यह निर्णय इसलिये भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक संयंत्र होगा। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ स्टेट जनरेशन कंपनी के स्वयं की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 4300 मेगावाट हो जाएगी। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसे जीरो पॉवर कट के रूप में जाना जाता है। यहां उपभोक्ताओं को 24ग7 बिजली आपूर्ति हो रही है। किसी भी प्रदेश की तरक्की का सबसे बड़ा सूचक वहां के ऊर्जा की खपत को माना जाता है। छत्तीसगढ़ में ऊर्जा की खपत तेजी से बढ़ रही है। राज्य स्थापना के समय जहां प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 300 यूनिट थी, वह आज बढ़कर 2044 यूनिट पहुंच चुकी है। भविष्य में ऊर्जा की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिये हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद पॉवर जनरेशन कंपनी के कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट के दो सुपर क्रिटिकल नवीन विद्युत उत्पादन संयंत्र लगाने की कार्ययोजना बनाने पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इस संयंत्र के निर्माण में 12915 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित है। इन दोनों इकाइयों को वित्तीय वर्ष 2029 और 2030 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। राज्य स्थापना के बाद पहली बार इतनी क्षमता का विद्युत संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शिता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ की धरती में अकूत खनिज संसाधन हैं। कोयले के भंडार मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर है। इन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग देशभर के पॉवर प्लांट में हो रहा है। परन्तु इसका लाभ इस धरती के निवासियों को नहीं मिल पाता है। अगर यहां के खनिज संसाधनों से संबंधित उद्योग यहीं स्थापित होते हैं तो यहीं के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की केबिनेट ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दूसरा बड़ा फैसला पानी से बिजली बनाने के क्षेत्र में लिया है। केबिनेट में छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पंप स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2022 को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में जो जल विद्युत संयंत्र हैं, उनमें बांध में बारिश के पानी को एकत्रित किया जाता है और उसे टरबाइन में बहाकर बिजली पैदा की जाती है। इस पुराने तकनीक में पानी का इस्तेमाल केवल एकबार ही किया जाता है। वर्तमान में नई पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजना तैयार की गई है, जिसमें एक ही पानी का इस्तेमाल कई बार किया जा सकेगा। इस तकनीक में बांध के ऊपर एक और स्टोरेज टैंक बनाया जाता है। दिन के समय सौर ऊर्जा से मिली सस्ती बिजली से इस टैंक में पानी स्टोरेज किया जाएगा और रात में उसे टरबाइन में गिराकर बिजली पैदा की जाएगी। यह पानी फिर से बांध में एकत्रित कर लिया जाएगा। इस तरह एक ही पानी का बार-बार इस्तेमाल किया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी ने प्रदेश में ऐसे पांच स्थानों पर पंप स्टोरेज जल विद्युत गृह की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना बना रही है। इन पांच स्थानों पर 7700 मेगावाट बिजली पैदा हो सकेगी। डीपीआर बनाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी वैपकास (वाटर एंड पॉवर कंसल्टेंसी सर्विसेस लिमिटेड) के साथ 29 नवंबर को एमओयू किया गया है। राज्य में पम्प स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना हेतु निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 6 सितम्बर को आयोजित केबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पंप स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2022 का अनुमोदन किया गया। इन दोनों फैसलों से यहां के निवासियों के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। संयंत्र की स्थापना से लेकर उसके संचालन के लिये जहां हजारों लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। इस संयंत्र की स्थापना अत्याधुनिक तकनीक से की जाएगी, जिसमें बहुत कम प्रदूषण होगा। इससे भविष्य में ऊर्जा की बढ़ती मांग पूरी हो सकेगी। इस फैसले से प्रदेश में उद्योग से लेकर कृषि क्षेत्र में प्रगति के नए पंख लगेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीव्र गति मिलेगी। यह फैसला आने वाले बरसों में छत्तीसगढ़ के लिये मील का पत्थर होगा। आलेख-गोविंद पटेल, प्रबंधक (जनसम्पर्क), छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कम्पनी
भारतीय होने का अहसास होने में नवीन जिन्दल की अहम भूमिका

भारतीय होने का अहसास होने में नवीन जिन्दल की अहम भूमिका

19-Dec-2022
क्या आप वस्त्रों पर तिरंगा लगा सकते हैं? तिरंगा धारण कर गर्वान्वित हैं तो यह हक आपको नवीन जिन्दल ने दिलाया 20 दिसंबर 2005 को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निरोधक कानून-1971 में संशोधन के बाद हमें कमर से ऊपर वस्त्रों में तिरंगा धारण करने का अधिकार मिला – कैप, हेल्मेट, शर्ट-टीशर्ट, कोट-ब्लेजर और हाथ-बाजुओं-कंधों पर तिरंगा धारण कर आप ऑफिस या किसी सार्वजनिक स्थल पर जाकर गर्वान्वित महसूस करते हैं, बड़ी-बड़ी सभाओं और कार्यक्रमों में जाकर खुद के भारतीय होने का अहसास दिलाते हैं तो वस्त्रों पर कमर से ऊपर तिरंगा धारण करने का यह अधिकार हमें दिलाया जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल ने। 20 दिसंबर 2005 को श्री नवीन जिन्दल के प्रयासों से राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निरोधक कानून-1971 में संशोधन के बाद हमें यह अधिकार मिला। आम आदमी को घर या अन्य स्थान पर 365 दिन झंडा लगाने के अधिकार को दिलाने के बाद जब जिन्दल एक सांसद के रूप में संसद की कार्यवाही में भाग लेने गए तब उन्होंने अपनी जैकेट पर तिरंगा लैपल पिन लगाया हुआ था। तब उन्हें ये बताया गया कि राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निरोधक कानून-1971 के अनुसार कोई भी सांसद वस्त्रों पर झंडा नहीं लगा सकता। उसके बाद नवीन जिन्दल ने संसद में प्रस्ताव पारित करवाया, जिसके बाद सदन की कार्यवाहियों में तिरंगा लगाकर भाग लेने की इजाजत सांसदों को मिल गई। इसी तरह उन्होंने आम नागरिकों को भी कमर से ऊपर के परिधान पर तिरंगा लगाने की इजाजत दिलाने की लड़ाई लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप 20 दिसंबर 2005 को राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निरोधक (संशोधन) कानून के माध्यम से कमर से ऊपर तिरंगा धारण करने का अधिकार देशवासियों को मिल गया, जो भारतीय लोकतंत्र का संदेश पूरी दुनिया में फैलाने में कारगर साबित हो रहा है। कुरुक्षेत्र से दो बार सांसद, पोलो एवं निशानेबाजी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, समर्पित समाजसेवी, “स्वस्थ-शिक्षित समाज” और “मिशन जीरो हंगर” के प्रणेता नवीन जिन्दल देश के पवित्रतम प्रतीक तिरंगे में निहित संदेशों को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य के प्रति सदैव समर्पित हैं। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी मेजर जनरल (रिटायर्ड) अशीम कोहली ने बताया कि तिरंगे को लोकतांत्रिक बनाने की जंग फतेह करने के बाद नवीन जिन्दल ने कमर से ऊपर तिरंगा धारण कर देशभक्ति प्रदर्शित करने का अधिकार लोगों को दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने सांसद के रूप में 2004 में तत्कालीन लोकसभाध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के समक्ष संसद में तिरंगा प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी, जिसे 15वीं लोकसभा की अध्यक्ष मीरा कुमार ने मंजूरी दे दी और जिसके बाद सांसद तिरंगा लैपल पिन लगाकर संसद में जाने लगे। इससे पहले कुछ भी धारण करने की इजाजत उन्हें नहीं थी। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सीईओ ने कहा कि इसी तरह 20 दिसंबर 2005 को राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निरोधक (संशोधन) कानून के तहत देशवासियों को कमर से ऊपर तिरंगा धारण करने की अनुमति मिल गई। यह कानून लोगों में तिरंगा के माध्यम से देशभक्ति का प्रचार करने में बेहद कारगर साबित हुआ। आज राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक समेत तमाम कार्यक्रमों में कमर से ऊपर तिरंगा धारण कर लोग देश के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन गर्व और सम्मान के साथ कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देशवासी साल के 365 दिन तिरंगे के माध्यम से देशभक्ति का प्रदर्शन कर राष्ट्र के विकास में योगदान करने की प्रेरणा लेते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ गौरव दिवस

छत्तीसगढ़ गौरव दिवस

19-Dec-2022
मुख्यमंत्री ने ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आज सवेरे यहां कलेक्टोरेट चौक स्थित ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उन्हें नमन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। छत्तीसगढ़ गौरव दिवस गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज 17 दिसंबर को पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस मनाया जा रहा है। नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, कलेक्टर रायपुर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ गौरव दिवस सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण किया। आज गौरव दिवस पर पंडित रविशंकर शुक्ला वार्ड के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य आकाश तिवारी ने 5 टन सब्जियों का लंगर अंबेडकर चौक पर प्रारंभ किया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किया। मुख्यमंत्री ने आमजनों कोे सब्जियां जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी, भाटा, लौकी आदि सब्जियां वितरित की। इस अवसर पर श्री गिरीश दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
न्याय के चार साल

न्याय के चार साल

19-Dec-2022
मुख्यमंत्री ने ’न्याय के चार साल’ एवं ’न्याय के रास्ते-सबके वास्ते’ पुस्तकों का किया विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों ’न्याय के चार साल’ एवं ’न्याय के रास्ते-सबके वास्ते’ का विमोचन किया। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय विनोद वर्मा और राजेश तिवारी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव डी.डी.सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन और अंकित आनंद, जनसंपर्क सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, जनसंपर्क आयुक्त दीपांशु काबरा और संचालक जनसंपर्क सौमिल रंजन चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। ’न्याय के चार साल’ पुस्तक राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों और जनहितकारी फैसलों पर केन्द्रित है। इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजना के साथ अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी शामिल है। इसी प्रकार ’न्याय के रास्ते-सबके वास्ते’ पुस्तक शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पर केन्द्रित है। इस पुस्तक में योजना का नाम, उद्देश्य, शर्त, पात्रता, प्रावधान एवं सम्पर्क सूत्र की जानकारी दी गई है, ताकि इसको पढ़कर लोग संबंधित विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर योजना का लाभ उठा सके और अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सके। छत्तीसगढ़ सरकार के न्याय के संकल्प को जन-जन पहुंचाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा इन पुस्तिकों का प्रकाशन किया गया है, ताकि लोगों को शासन के सभी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी हो, और वे उनका लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सके।
 जेएसपी ने स्टील उत्पादन के  खास उपकरण भेजे नाइजीरिया

जेएसपी ने स्टील उत्पादन के खास उपकरण भेजे नाइजीरिया

03-Dec-2022
जेएसपी ने स्टील उत्पादन के लिए खास उपकरण नाइजीरिया भेजे • मात्र दो महीने में 18 एयर ट्यूब, 2 फीड ट्यूब और 1 कोल बर्नर पाइप का निर्माण कर मशीनरी डिवीजन-रायपुर ने बनाया कीर्तिमान • डीआरआई प्लांट के माध्यम से स्टील उत्पादन में कारगर हैं ये उपकरण • देश में मशीनरी डिवीजन के उत्पादों की भारी मांग, उपरोक्त उत्पादों का पहली बार निर्यात* – जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) के मशीनरी डिवीजन ने नाइजरिया की एक नामी-गिरामी कंपनी के डीआरआई प्लांट को पहली बार एयर इंजेक्शन ट्यूब का निर्यात कर मेक इन इंडिया मिशन में एक नया अध्याय जोड़ा है। जिन उपकरणों का निर्यात किया गया है, उनमें 18 एयर ट्यूब, 2 फीड ट्यूब और 1 कोल बर्नर पाइप शामिल हैं। मात्र दो महीने में इनका निर्माण कर मशीनरी डिवीजन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गौरतलब है कि लोहा-इस्पात उत्पादन की दृष्टि से देश में इन उत्पादों की भारी मांग है। मशीनरी डिवीजन के बिजनेस यूनिट हेड नीलेश टी. शाह ने इस उपलब्धि पर कहा कि “एयर इंजेक्शन एवं रेडियेंट ट्यूब के उत्पादन में जेएसपी की विशेषज्ञता का लोहा माना जाता है। हमारे इन उपकरणों की घरेलू बाजार में काफी मांग है। हमने पहली बार नाइजीरिया की एक अग्रणी लोहा-इस्पात कंपनी के डीआरआई प्लांट के लिए इन उपकरणों का निर्यात किया है। हमें खुशी है कि ट्यूब और उपकरणों का यह निर्यात “विश्व के लिए मेक इन इंडिया” की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। यह सफलता हमें टीम जेएसपी के समर्पित प्रयास और हमारे चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मिली है।” एयर इंजेक्शन ट्यूब डीआरआई किल्न के अंदर उच्च तापमान पर हवा प्रवेश कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जबकि डीआरआई किल्न में ही चार्ज मिश्रण डालने के लिए फीड ट्यूब का उपयोग किया जाता है। यह घर्षण और तापरोधी है। कोयला बर्नर पाइप डीआरआई किल्न आउटलेट में हवा प्रवेश कराने के काम आती है, जो तापरोधी भी है। रायपुर का मशीनरी डिवीजन घरेलू बाजार में ऊपर उल्लिखित सभी उपकरणों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है और अब स्टील बनाने के लिए विविध उत्पादों को विश्व बाजार में प्रस्तुत करने के लिए अपेक्षाकृत अधिक तत्पर है।
मुख्यमंत्री बघेल को बाबा गुरु घासीदास जयंती मेला सारंगढ़ में शामिल होने का न्योता

मुख्यमंत्री बघेल को बाबा गुरु घासीदास जयंती मेला सारंगढ़ में शामिल होने का न्योता

03-Dec-2022
 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक  उत्तरी गणपत जांगड़े के नेतृत्व में सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यंमत्री को सारंगढ़ में आगामी 18, 19 एवं 20 दिसम्बर को आयोजित होने वाले बाबा गुरु घासीदास जयंती मेला में शामिल होने का न्योता दिया। सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष देव नारायण वर्मा ने मुख्यमंत्री  बघेल को बताया कि सारंगढ़ में प्रतिवर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर इस मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर गणपत जांगड़े, नन्दराम सुमन, खगेश्वर रात्रे, शैल कुमार अजगल्ले, रमेश कोसले सहित अनेक लोग उपस्थित थे

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