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स्वास्थ्य और पोषण की डेल्टा रैंकिंग में आकांक्षी जिला सुकमा देश में प्रथम

स्वास्थ्य और पोषण की डेल्टा रैंकिंग में आकांक्षी जिला सुकमा देश में प्रथम

03-Dec-2022
स्वास्थ्य और पोषण गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार प्रदान करने की दर 99.14 प्रतिशत ग्रामोद्योग ग्रामोद्योग नीति आयोग द्वारा अक्टूबर माह में जारी आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में सुकमा जिले ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। आकांक्षी जिला सुकमा को अक्टूबर माह के लिए स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में देश में प्रथम रैंक मिला है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने इस बेहतर प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सभी आकांक्षी जिले लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामोद्योग गौरतलब है कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों से निश्चित ही जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी मापदण्डों में स्थिति बेहतर हुई है। जिले में गर्भवती महिलाओं की एएनसी रजिस्ट्रेशन में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं संस्थागत प्रसव में जिले में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, वर्तमान स्थिति में 90 प्रतिशत संस्थागत प्रसव किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत जिले के आंगनबाड़ियों में गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार प्रदान करने की दर 99.14 प्रतिशत है। इसी तरह जिले में टीबी के मरीजों की पहचान में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं टीबी मरीजों के सफल इलाज में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में मिला तीसरा स्थान जिला प्रशासन द्वारा जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, मूलभूत सुविधाओं के विकास, कौशल विकास, जल संसाधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप नीति आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में सुकमा जिला को तीसरा स्थान मिला है, जो कि जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी किए जा रहे बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है और सुकमा जिलेवासी इससे लाभांवित हो रहे हैं।
शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं:भूपेश बघेल

शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं:भूपेश बघेल

15-Nov-2022

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, यह जानने आया हूँ

 


मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, यह जानने आया हूँ। हम लोग योजनायें बनाते हैं इनका जमीनी क्रियान्वयन कैसा है यह देखने आप लोगों के बीच आया हूँ।

पंथी नृत्य से आप लोगों ने स्वागत किया। फिर करी लड्डू से तौला। आपके स्नेह से अभिभूत हूँ।

किसानों की ऋणमाफी से अपनी बात शुरू करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना से किसानों को हमने लाभान्वित किया। गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत हमारे यहां है।कोदो कुटकी हम लोग खरीद रहे हैं।

इस साल फसल काफी अच्छी है,
घुमका में मैंने देखा कि मुरूम वाली भूमि है फिर भी भरपूर फसल है।

जेएसपी फाउंडेशन का

जेएसपी फाउंडेशन का "प्रोजेक्ट आशियाना"

15-Nov-2022

जेएसपी फाउंडेशन 500 से अधिक परिवारों के घर का सपना पूरा करेगा
 
“प्रोजेक्ट आशियाना”  आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सहयोग करना हमारी प्राथमिकताः शालू जिन्दल

 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) के सीएसआर दायित्वों का निर्वहन कर रहे जेएसपी फाउंडेशन ने 500 से अधिक परिवारों के अपने घर का सपना पूरा करने का संकल्प लिया है। इसके लिए “प्रोजेक्ट आशियाना” शुरू किया गया है, जिसके पहले चरण में 529 परिवारों को छत मुहैया कराई जाएगी। 
           ओडिशा के अंगुल, बड़बिल, टेंसा, भुबनेश्वर, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और नई दिल्ली में आयोजित एक हाइब्रिड कार्यक्रम में परियोजना का शुभारंभ करते हुए जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने कहा, 'अपना घर हर परिवार का सपना होता है। लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पास अपना घर नहीं है। लोगों के इस दुख को समझते हुए जेएसपी फाउंडेशन “प्रोजेक्ट आशियाना” के माध्यम से उनका सहयोग करने के लिए आगे आया है ताकि उनके जीवन में गुणात्मक सुधार आए। 
“प्रोजेक्ट आशियाना” के तहत 13 राज्यों के कुल 529 परिवारों को वित्तीय सहायता के लिए चुना गया है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें वित्तीय अनुदान के लिए पुष्टि-पत्र प्रदान किये गए हैं। इस परियोजना के अंतर्गत चयनित परिवारों को फाउंडेशन के मूल्यांकन के आधार पर घर के निर्माण और शौचालय, पेयजल एवं विद्युतीकरण जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए ढाई लाख रुपये प्रदान किये जाएंगे।

उपभोक्ताओं को जल्द न्याय मिले - न्यायमूति गौतम चौरड़िया

उपभोक्ताओं को जल्द न्याय मिले - न्यायमूति गौतम चौरड़िया

15-Nov-2022

                                 राज्य स्तरीय उपभोक्ता सहायता एवं परामर्श केन्द्र का हुआ शुभारंभ

                                           आम उपभोक्ता  पार्वती साहू के हाथों किया गया उद्घाटन

                                आम लोगों को मिलेगा उपभोक्ता से जुड़े मामलों में निःशुल्क परामर्श, मार्गदर्शन

 

राज्य स्तरीय उपभोक्ता सहायता एवं परामर्श केन्द्र का हुआ शुभारंभ

छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं राज्य विधिक प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में राजधानी के पंडरी में स्थित आयोग के कार्यालय में राज्य स्तरीय उपभोक्ता सहायता एवं परामर्श केन्द्र का शुभारंभ किया। इस केन्द्र का उद्घाटन आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  गौतम चौरड़िया और खाद्य विभाग के सचिव टोपश्वर वर्मा की उपस्थिति में आम उपभोक्ता  पावर्ती साहू द्वारा किया गया।
                इस अवसर पर उपभोक्ता हितों के संवर्धन एवं जागरूकता विषय पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति चौरड़िया ने कहा है कि इस केन्द्र के माध्यम से उपभोक्ताओं को उचित मार्गदर्शन परामर्श मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता विषय से जुड़े कानूनों और प्रक्रियाओं को सरलीकरण किए जाने की आवश्यकता है, जिससे आम उपभोक्ता अपनी बात को यहां रख सके। हमारा उद्देश्य है कि एक उपभोक्ता को उचित समय में, जल्द न्याय मिले। चौरड़िया ने कहा कि ’उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश ने कहा है कि हमारा काम आम लोगों को राहत देना है। यह ध्यान रखे की हमसे जुड़ी जो भी संस्थाएं हैं, तकलीफ देने का यंत्र न बन जाए’। हमारे काम में सेवाभाव होना चाहिए ताकि आम नागरिकों को राहत एवं न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि शासन के सहयोग से जल्द से जल्द राज्य एवं जिला स्तर पर रिक्त पदों को पूर्ण किया जाए।

आम उपभोक्ता श्रीमती पार्वती साहू के हाथों किया गया उद्घाटन
                   खाद्य विभाग के सचिव ने  टोपेश्वर वर्मा बताया कि उपभोक्ता आयोग में आवश्यकतानुसार सभी संसाधनों को परिपूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक कार्पस फण्ड की स्थापना की जा रही है, जिसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार का संयुक्त अंशदान होगा। इस राशि से प्राप्त ब्याज का उपयोग उपभोक्ता कानून के जागरूकता अभियान में किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के रजिस्ट्रार उदयलक्ष्मी सिंह परमार ने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को उपभोक्ता मामले से संबंधित निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा। साथ ही यदि कोई उपभोक्ता को किसी अधिवक्ता की आवश्यकता है और यदि किसी प्रकार शुल्क देने में असमर्थ हो तो उसे केन्द्र के माध्यम से सहायता दी जाएगी।
                    परमार ने बताया कि अब आम उपभोक्ता न्यायालय के अलावा मध्यस्थों के माध्यम से अपने प्रकरणों का निपटारा कर सकेंगे। इन मध्यस्थ समूह में सेवानिवृत्ति न्यायधीश विधिवेत्ता तथा सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हैं। कार्यक्रम में उपभोक्ता जागरूकता अभियान से जुड़े ब्रोशर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायधीश श्री हेमंत श्राफ, विशेष न्यायधीश  हरेन्द्र सिंह टेकाम, जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव  प्रवीण मिश्रा, जिला बार काउंसिल के उपाध्यक्ष  सौरभ शुक्ला, अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव  हितेन्द्र तिवारी, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य  रविकांत जायसवाल और छत्तीसगढ़ प्रांत की उपाध्यक्ष डॉ. शोभा पंडित, आयोग के सभी सदस्यगण तथा अधिवक्तागण उपस्थित थे।

संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं : संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत

संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं : संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत

12-Nov-2022
 

छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के मध्य समझौते से राज्य में संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत की उपस्थिति में कल नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद आईसीसीआर के मध्य समझौता हुआ। 

छत्तीसगढ़ सरकार और आईसीसीआर के बीच हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य आईसीसीआर और राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में संस्कृति और पर्यटन विषयक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार सुदृढ़ अधोसंरचनाओं के निर्माण के साथ ही अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को विकसित करना है।

इस समझौते से विभिन्न देशों के प्रतिभागी कलाकारों की प्रस्तुति छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक और पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों हो सकेगी। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के कला समूहों की प्रदर्शनी, कला शिविरों, संगोष्ठी, सम्मेलन प्रदर्शनकारी कलाओं की कार्यशाला आदि का आयोजन विदेशों में आयोजित हो सकेंगे,  इससे छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। 

राजीव गांधी किसान न्याय  योजना

राजीव गांधी किसान न्याय  योजना

20-Aug-2022
छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलता रहेगा ‘राजीव गांधी किसान न्याय  योजना का लाभ: मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल  मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से की बातचीत  किसान न्याय योजना से मिले लाभ की ली जानकारी   मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश के किसानों ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर विश्वास व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ के किसानों को इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। योजना बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने आज किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के तहत राशि अंतरण के कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के किसानों से वर्चुअल माध्यम से हुई चर्चा के बाद यह बात कही।  किसानों ने मुख्यमंत्री से यह आग्रह किया था कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से उन्हें आर्थिक लाभ हो रहा है। यह योजना चलती रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़, सुगंधित धान तथा खरीफ की अन्य फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 3 वर्ष तक 10 हजार प्रति एकड़ के मान से राशि दी जाएगी। इस योजना का किसानों को अधिक-से-अधिक संख्या में लाभ लेना चाहिए। किसानों ने कहा कि बीज निगम में पंजीयन कराने के बाद सुगंधित धान बेचने पर उन्हें अच्छा फायदा हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले के धान एवं अन्य फसल लेने वाले किसान सर्वश्री श्याम लाल यादव और सुगंधित धान की खेती करने वाले राम नाग, दुर्ग जिले के पाटन के धान की खेती करने वाले किसान योगेश साहू और महेन्द्र कुमार वर्मा, बेमेतरा में धान की खेती करने वाले बहाल राम वर्मा और ऋषि वर्मा तथा राजनांदगांव के सुगंधित धान की खेती करने वाले राजकुमार और संजय से बात की। दंतेवाड़ा के किसान श्री श्याम लाल यादव ने कहा कि वे 20 एकड़ में खेती करते हैं। धान, मक्का, कोदो और रागी की फसल लेते हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए 45 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं, उन्हें 18 लाख रूपए का वर्मी कम्पोस्ट बेचा है और मछली बेचकर 3 लाख 20 हजार रूपए की कमाई की है। श्याम लाल गौठान समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि गौठान में वर्मी कम्पोस्ट के साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन, मछली पालन, मशरूम और सब्जी की खेती समूहों द्वारा की जा रही है।  दंतेवाड़ा के ही श्री नाग ने बताया कि वे तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती करते हैं। बेमेतरा के श्री बहाल राम वर्मा ने बताया कि उन्हें किसान न्याय योजना में पहली और दूसरी किश्त में दो बार 36 हजार 500 रूपए की राशि मिली है। उन्होंने बताया कि खेती के लिए ट्रेक्टर और अपने कॉलेज जाने वाले बेटे के लिए स्कूटी खरीदा है। अनेक किसानों ने बताया कि वे पहले से ही वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन कर उसका उपयोग खेती में कर रहे हैं। दुर्ग जिले के योगेश साहू ने बताया कि 27 एकड़ में वे सब्जी की खेती कर रहे है, इसमें 56 हजार रूपए का फायदा हुआ है। 8 एकड़ में वे जैविक खेती कर और भाटा-तोराई, ब्रोकली की फसल ले रहे हैं। सी-मार्ट में भाटा की कीमत 50 रूपए प्रति किलो मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के लिए उन्होंने सर्टिफिकेशन कराया है, उनके पास 30 देशी गाय हैं। वे गो-मूत्र एकत्रकर वे कीटनाशक भी तैयार करते हैं। दुर्ग पाटन के ही श्री महेन्द्र वर्मा ने बताया कि 14 एकड़ में खेती करते हैं और उन्हें दोनों किश्तों में हर बार 31 हजार 500 रूपए मिले हैं। मोहन लाल यादव 30 एकड़ में खेती करते हैं, इस बार 8 एकड़ में हाईब्रिड टमाटर लगा रहे हैं। राजनांदगांव के श्री राजकुमार साहू ने बताया कि वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सुगंधित धान सीजी-देवभोग की खेती किए हैं, जिसमें 22 से 23 क्विंटल का उत्पादन हुआ। बीज निगम में उन्होंने पंजीयन कराया था, जिससे उन्हें 44 हजार 700 रूपए मिले हैं। श्री संजय कुमार वैष्णव ने बताया कि उन्होंने 5 एकड़ में सुगंधित धान बासमती की खेती की। 70 क्विंटल धान बेचा और उन्हें दो लाख 10 हजार रूपए की राशि मिली।  अयोध्या में 1200 एकड़ में बोया गया है सुगंधित धान ‘सीजी-देवभोग‘      मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा विकसित की गई सुगंधित धान की किस्म ‘सीजी-देवभोग‘ अयोध्या में 1200 एकड़ में बोया गया है। कृषि विश्वविद्यालय की सफलता पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं
ऊर्जा संरक्षण में मिसाल क्रेडा:आलोक कटियार

ऊर्जा संरक्षण में मिसाल क्रेडा:आलोक कटियार

08-Jul-2022
माननीय मुख्यमंत्री जी की पहल पर छत्तीसगढ़ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में हो रहा अग्रसर छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापित औद्योगिक संस्थानों द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है क्रेडा के अथक प्रयास से छत्तीसगढ़ राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी (DEE) के परफार्म एचीव एण्ड ट्रेड (PAT)परियोजना अंतर्गत Cyele-1 & 2 मे कुल 44 औद्योगिक संस्थानों ने भाग लेकर संयुक्त रूप से राज्य में लगभग 2.198 मिलियन टन ऑफ ऑयल इक्यूईमेलेट (MTOE) ऊर्जा की बचत की है PATपरियोजना के Cycle-1 & 2 में कुल 06 सेक्टर (एल्यूमिनियम आयरन एण्ड स्टील, धर्मल पॉवर प्लांट,सीमेंट, डिस्कॉम एवं रेलवे) के उद्योगों द्वारा ऊर्जा की बचत की गई है। उक्त परियोजना के अंतर्गत ऊर्जा की बचत में महाराष्ट्र राज्य मे प्रथम एवं छत्तीसगढ़ राज्य ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।माननीय मुख्यमंत्रीजी की पहल पर उपरोक्त उपलब्धि को अन्यउद्योगों से साझा करने की दृष्टि से आलोककटियार,मुख्य ,कार्यपालनअधिकारी, (क्रेडा) की अध्यक्षता में दिनांक 08.07.2022 को रायपुर में वर्कशॉप एवं प्रेस कॉन्फ्रेन्स का आयोजन किया गया। उक्त वर्कशॉप मेंएल्यूमिनियम, आयरन एण्ड स्टील, धर्मल पॉवर प्लांट एवं सीमेंट उद्योगों के प्रतिनिधि एवं प्रिन्ट मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। श्री कटियार द्वारा राज्य में हुई 2.198 मिलियन टन ऑफ ऑयल इक्यूईवेलेंट (MTOB) ऊर्जा की बचत की जानकारी अन्य औद्योगिक प्रतिनिधियों एवं प्रेस कर्मियों से साझा की गई। वर्कशॉप में उपस्थित आयरन एण्ड स्टील, थर्मल पॉवर प्लांट एवं सीमेंट उद्योगौं के प्रतिनिधियों द्वारा भी अपने संस्थानों में ऊर्जा की बचत हेतु किए गए प्रयासों एवं अपनाए गए तकनीकों के बारे में बताया गया राज्य में हुई ऊर्जा की बचत से लगभग 1280 मेगा वाट के थर्मल पावर प्लांट की आवश्यकता को कम किया गया जिसमें राज्य के कार्बन उत्सर्जन में लगभग 6.67मिलियन टन की कमी आई परफॉर्म एचीव एंड ट्रेड पीएटी परियोजना अंतर्गत जिन उद्योगों संस्थानों द्वारा अपने लक्ष्य से अधिक ऊर्जा की बचत की है वह उद्योग संस्थानों को एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट इएससी से पुरस्कृत किया गया है छत्तीसगढ़ राज्य स्थापित औद्योगिक संस्थानों को कुल 1010.699 एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी BEE के माध्यम से प्राप्त हुई है
गउठान ल आजीविका केंद्र के रूप म विकसित करव : टी एस सिंहदेव

गउठान ल आजीविका केंद्र के रूप म विकसित करव : टी एस सिंहदेव

26-May-2021
गउठान ल आजीविका केंद्र के रूप म विकसित करव : टी एस सिंहदेव
 
रायपुर। पंचायत अऊ ग्रामीन बिकास मंतरी टीएस सिंहदेव ह ठाकुर प्यारेलाल पंचायत अऊ ग्रामीन बिकास संस्थान निमोरा म बिभागीय काम-काज के समीक्छा करिन। इंहा कहिन कि गोधन न्याय योजना छत्तिसगढ़ सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाला योजना हरय। येकर क्रियान्वयन बर कृसि बिभाग नोडल अधिकारी हे। सब्बो बिभागों के प्रयास ले ये योजना ल सफल बनाना हे। सिंहदेव कहिन कि गउठान के आजीविका केंद्र के रूप म बिकसित करे जाहि। गोधन न्याय योजना ल लागू करे बर पंचायत अऊ ग्रामीन विकास विभाग के सहभागिता होना चाहि। गउठान ल स्वावलंबी बनाय बर, जादा वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन बढ़ाय बर, स्व सहायता समूह ल सक्रिय करे बर, किसान अऊ समुदाय ल जोड़े के निरदेस दिस। 
मंत्री सिंहदेव कहिन कि पंचायत अऊ ग्रामीन विकास विभाग के अधिकारी कृसि विभाग के जिला अधिकारी ले सहयोग लेके गउठान के गतिविधि म अऊ अधिक सुधार लावव, गोबर ले निर्मित उत्पाद ल बढ़ावव अऊ मांग के अनुरूप वर्मी कंपोस्ट के आपूर्ति कृसि, उद्यानिकी, वन अऊ सहरी विकास विभाग ल देवव। बइठक म कृसि उत्पादन आयुक्त अऊ सचिव डॉ एम गीता ह गउठान के स्थिति अऊ उहां संचालित गतिविधि, वर्मी कंपोस्ट निरमान के प्रस्तुतिकरन करके जानकारी दिन। डॉ गीता ह बइठक म उपस्थित अधिकारी मन ल कहिन कि वोमन गउठान के नियमित निरीक्षन करव, गउठान म गोबर खरीदी सुभ होवय, समूह के महिला मन ल जादा लाभ होवय। अधिकारी मन कहिन कि समूह ल देय गेय गोबर अऊ भुगतान के जानकारी राखहु। 
बइठक म महात्मा गांधी रास्टीय ग्रामीन रोजगार गारंटी योजना के तहत काम के लक्छय अअऊ 100 दिन रोजगार उपलब्ध कराय बर अऊ वन अधिकार पट्टा धारक परिवार मन ल 150 दिन रोजगार उपलब्ध कराय बर, धान संग्रहन चबूतरा, पंचायत भवन, गउठान, चारागाह विकास, नरवा उपचार अऊ समय म मजदूरी भुगतान के जिलेवार समीक्छा करे गिस। बइठक म प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रूफ कास्ट स्तर वाला लोगन बर घर बनाय के संबंध म चरचा करिस। बइठक म सचिव पंचायत अऊ ग्रामीन विकास आर प्रसन्ना, आयुक्त मनरेगा मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, ठाकुर प्यारेलाल पंचायत अऊ ग्रामीन विकास संस्थान के संचालक  पीसी मिश्रा, प्रमुख अभियंता ग्रामीन यांत्रिकी सेवा एसएन श्रीवास्तव, ग्रामीन सड़क विकास अभिकरन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक कटियार सहित सब्बो जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहिन।
देस म ओडीएफप्लस म अगुवा छत्तीसगढ़

देस म ओडीएफप्लस म अगुवा छत्तीसगढ़

15-May-2021
देस म ओडीएफप्लस म अगुवा छत्तीसगढ़ देस के ईकलौता ओडीएफप्लस प्लस राज म अगुवा छत्तीसगढ़।छत्तीसगढ़ राम के अंबिकापुर सहर ओडीएमप्लस राज म अगुवा हे। सरकार ह कचरा प्रबंधन बर सहर मन के रेटिंग जारी करत कहिस की छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सहर अउ म.प्र.के इंदौर संग छःसहर ला ‘कूड़ा मुक्त पांच सितारा सहर’ घोसित करेगे हे। केन्द्र ह कहिस कि कोविड-19 महामारी ले निपटे बर स्वच्छ भारत मिसन ‘सबले बडे ताकत हे । छत्तीसगढ़ के भेलाई नगर ला ‘ तीन सितारा कूड़ा मुक्त रेटिंग‘मिलीस हे। आवासस अउ सहरी मामला के केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ह कूड़ा मुक्त सहर के स्टार रेटिंग के परिणाम के घोसना करिन । कुल 141 सहर के रंेटिग होईस हे। जेनमा 6 के पंाच सितारा, 65 ला तीन सितारा अउ 70 ला एक सितारा मिले हे। अंबिकापुर अउ इंदौर के अलावा गुजरात के राजकोट अउ सूरत,कर्नाटक के मॅसूर अउ महाराष्ट्र के नवी मुंबई ला भी पांच सितारा रेंटिग मिलीस। देस म अगुवा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ राज के अंबिकापुर सहर पुरा म देस ओडीएफप्लस म अगुवा हें । अगुवा होए के मुख्य कारन- - देस के पहिली डोर टू डोर कचरा संग्रहन करने वाला पहला सहर बनीस। - स्वच्छता दीदिमन के समूह बना के एसएलआरएम ला आत्मनिर्भर बनाईस। - कचरा प्रबंधन करके देस के पहला कचरा डंप मुक्त सहर बनीस। -पुराना कचरा डंपिन्ग यार्ड ला स्वच्छता पार्क म बलदने वाला पहिली सहर -खुला मा सौच मुक्त होने वाला पहला निगम। -प्लास्टिक कचरा निपटान बर देस के पहली गार्बेज कैफे खोले गिस। - सबो सार्वजनिक स्थान के सौन्दर्यीकरन।
राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार

राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार

06-May-2021
राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग ह तइयार करिस 137.45 रूपिया के काॅन्सेप्ट प्लान श्राम राम वन गमन पर्यटन परिपथ म विकसित करे जाही चयनित नौ स्थान मुख्यंमत्री श्री भूपेस बघेल ह केन्द्रीय पर्यटन राजमंत्री श्री प्रहलाद पटेल ला चिट्टी लिख के उनला छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ ला विकसित करे बर तइयार किए गे हे काॅन्सप्ट प्लान ला केन्द्र सरकार के स्वदेस दर्सन योजना के तहत स्वीकृति प्रदान करे के आग्रह करे गिस। छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करे बर छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग कोति ले 09 स्थान के चिन्हा करके 137करोड45 लाख रूपिया के लागत के कान्सेप्ट प्लान तइयार करे गे हे। केन्द्र सरकार के स्वदेस दर्सन योजना के अंतर्गत पर्यटन के चयनित परियोजना मन में पर्यटक मन के सुविधा बर विष्वस्तरीय अधोसरंचना विकसित करे के प्रावधान हें। मुख्यमंत्री ह केन्द्रीय पर्यटन राजमंत्री ल चिट्टी म लिख के छत्तीगढ़ के इतिहास प्राचीन होए के साथ प्रसस्त तको हे । ़़त्रेतायुग म छत्तीसगढ़ के प्राचीन नाम दक्षिन कोसल अउ दण्डकारनय के रूप् म विरूयात रहिस। दण्डकारनय म भगवान श्रीराम के वन मगन यात्रा के पुष्टि वाल्मीकि रामायन म हे। सोधकर्ता ले प्राप्त जानकारी,सोध लेख अउ पुस्तक के अनुसार प्रभु श्रीराम के डहार ले अपन वनवास काल के 14 बघ्छर म से लगभग 10 बच्छर स ेले भी ज्यादा समय छत्तीसगढ़ म गुजारिस जिखर जानकारी इंहा के लोकगीत म देखे जा सकत हे। श्री बघेल ह कहिन कि प्रभु श्रीराम क उत्तर भारत ले छत्तीसगढ़ म प्रवेस के बाद आने -आने स्थान म चैमासा दीन काटत दक्षिन पथ तको कहे जात रिहीस। छत्तीसगढ़ म कोरिया जिला के बावाई नदी ले होकर सीतामढ़ी हरचैका स्थान म प्रभु श्रीराम ह छत्तीसगढ़ म प्रवेस करिन । ये दौरान उन मन 75 स्थान के भ्रमन करत सुकमा जिला के रामाराम ले दक्षिन भारत म प्रवेस करिन। अतका स्थान म 51 स्थान अइसे हे। जिंहा प्रभु श्रीराम ह भ्रमन के दौरान रूक रूक के समय बिताए रिहीस। जेखर जानकारी सोधकरता मन के सोध आलेख ले होथे । छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले राम वन गमन पथ के पर्यटन के नगर ले विकास के योजना म काम करे जात हें। जेखर उद्देष्य राज म आने वाला पर्यटक,आगन्तुक के संग संग देस अउ राज के लोगन ल भी राम वन गमन मार्ग अउ स्थान ले परिचित कराना ये ऐतिहासिक स्थान के भ्रमन के संगे संग पर्यटक मन ला उच्च स्तर के सुविधा भी उपलब्ध कराना हें। मुख्यमंत्री ह चिट्टी म लिखे हे कि छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ ला विकसित करे के उद्देष्य ले पहिली चरम म 9 स्थान के चिन्हा करे गिस इन स्थान म सीमामढ़ी-हरचैका (कोरिया) ,रामगढ़ अम्बिकापुर ,सिवरीनारयन (जाजगींर चापा),तुरतुरिया (बलौदाबाजार),सिहावा-सत्तऋषि आश्रम (घमतरी),जगदलपुर (बस्तर),रामारासम (सुकमा) सामिल हे। राम वन गमन पर्यटन परिपथ म प्रस्तावित 9 स्थान ला लेवत हुए पर्यटन विभाग डहार ले एक काॅन्सेप्ट प्लान तइयार करे गे हे। जेखर लागत 137.45 करोड़ रूपिया हे। राम वन गमन पर्यटन परिपथ बर राज सासन कोति ले साल 2019-20 म 5 करोड रूपिया रासि अउ साल 2020-21 म 10 करोड़ रूपिया रासि के प्रावधान बजट म करे गिस। कुल रासि 15 करोड़ रूपिया राज सासन स्वीकृत करे हे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ह केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री श्री पटेल ले छत्तीसगढ म राम बन गमन पर्यटन परिपथ विससित करे ले काॅन्सेप्ट प्लान ला स्वीकृति बर आग्रह करिन।

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