आमचो हल्बी -शहिद शिरोमणि भूमिया राजा गैंदसिंह

आमचो हल्बी -शहिद शिरोमणि भूमिया राजा गैंदसिंह

02-Oct-2018
जय मां दन्तेश्वरी 196 साल ले होयसे परलकोट मंडई (जातरा) हल्बा समाज चो गौरव छत्तीसगढ़ चोे पहला बाऊ चो द्वारा पखांजूर ले 50 किलोमीटर दूर सितरम लग परलकोट में देव मेला सन् 1824 ले शुरू करला जो आज बल फागुन तिहार ले रंगपचमी तक हर साल मड़ई (जातरा ) होयसे । ऐके दखतो काजे हर साल हजारो लोग मन ऐसोत। तुमके मय आमचो हल्बा समाज चो गौरव गाथा बाटे नयसे जहां अंगे्रजी हुकुमत ले छुटकारा करतो काजे आमचो भारत देश के गुलामी चो शकरी ले निकरातो काजे परलकोट चो भूमिया राजा हल्बा समाज चो गौरव गैदसिंह बाऊ सन् 1824 में अंग्रेज मन संग लड़ाई शुरू करून आजादी चो लड़ाई शुरू करला आरू मड़ई के बले शुरू करला। मड़ई के कसन शुरू करला उनके जानतो काज मय तुमके परलकोट चो दर्शन करायसे तुमी एहा अरू जाना पखांजूर ले 50 किमी. दूर सितरम ले 02 फर्लाग दूर में परलकोट आसे जे चारों बाट ले डोंगरी चो बीच में आसे पहली गोटक डोंगरी ऊपर शहीद गैदसिंह बाऊ चो राजमहल रहे अभी हुन खण्डहर चो रूप में अवशेष आसे डोंगरी चो खाले आया दन्तेश्वरी चो अरू बाबा माड़िया मांेगराज अरू शिव मंदिर आसे बाबा माडिया मांेगराज बस्तर चो कोनी कोन्टा माड़ चो आराध्य देवी आरू प्रमुख शक्तिपीठ चो रूप मे गढ़ परलकोट सितरम आस- पास चो गांव में धार्मिक आस्था चो केन्द्र आसे , इतरोय नोहोय ये आपलो विलक्षण धार्मिक , सांस्कृतिक अरू बहुरंगी जनजातिय विशेषता चो कारण पूरा राज्य में आपलो पहचान बनावला पखांजूर ले 50 किलोमीटर दुर परलकोट सितरम जातो काजे कच्चा मारग आसे । कोटरी नंदी के नाहकून भारी डेबरी बाट जातो मारग चो आसपास सायगन रान (जंगल) दखतो काजे खूबे संुदर लागेसे। जातो बीता मन चो मन के खुबे सुन्दर लागेसे । परलकोट क्षेत्र बले डोंगरी संग हरा भरा क्षेत्र आसे । मोगराज बाबा चो ठान जोन डोंगरी चो खाले आसे हुन डोंगरी दूसरा डोंगरी ले ऊपर आसे शरद तेचो ऊपर भाग चो मैदान में राजा गैदसिंह चो जूना नियाव (सभास्थल) ठान आसे ये डोंगरी चो पश्चिम दिशा (डूबती दिशा) में गोटोक नान्ही तरैय (तालाब) आसे बाबा माड़िया मोगराज चो गूडीं लग मन के खुश करतो , उमंग भरतो बीती आया दन्तेश्वरी आसे जहां अमरलेक यात्रा चो थकान अपने आप दूर परायसे। गढ़ देव बाबा माड़िया मोंगराज चो स्थापना चो संबंध में कई ठन मान्यता आसे तबले सबचो गोठ, राय गोटोक आसे। होनी मान्यता चो अनुसार प्राचीन काल में परलकोट कांकेर रियासत चो दुसरा राजधानी रहे। एंचो स्थापना समय कौन राजा रहे येके तो कोन्ही सांगुक निसकत मांतर लोगमन बलसोत कि होन समय बस्तर रियासत चो पिला राजा कोन्ही वंशज शासनाधिपति रहोत। माघ महिना भुमिया राजा गैंदसिंह बाऊ चो राज में सब हरिक मन में रहोत। माघ महिना 1824 में परलकोट में हल्बा परिवार देहारी बरग चो रानोबाई बिहान बेरा में नंदी में पानी भरूक गेली। पानी भरतो समय रानोबाई चो नजर पानी में चमकली अचानक गोटोक सुंदर लकड़ी चो मुरती चमकते रानोबाई लग अमरली तेके दखुन भारी रानोबाई डरली अरू आपलो मुनीस ओया देहारी लग परावते अमरली। अरू होन चमत्कार के सांगली। रानो चो गोठ के सुनुन भारी ओया बल डरलो। दुनो झन गांव में पटेल, गायता, के सांगला। गायता, रानोबाई, ओया देहारी संग गांव चो जमाय बिरादर मन सलाह होउन भारी राजा गैंदसिंह चो महल में जाउन भारी राजा के सांगला। जमाय चो गोठ के सुनुन राजा परलकोट में मुनादी करावला 84 परगना चो मांझी, गायता, मुखिया, समाज प्रमुख लोग मन संग नंदी में गेला। जमाय लोगमन राजा संग दखला गोटोक लकड़ी चो सुंदर मुरती रहे। फेर राजा मांझी, गायता मन के सांगला कि चाउर लाली संग विनती करून जांच करा। जांच करून भारी जमाय गायता, मांझी मन एक राय बनावला। अरू गढ़ चो परगना , भूमकाल के सांगला कि नंदी ले चमत्कारिक सुंदर माड़ चो देव माड़ीया मोंगराज इलासोत अरू आपलो काजे ठउर खोजसोत । जमाय गायता मांझी, मुखिया मन राजा के सांगला कि देव माड़ीया मोंगराज इलासोत अरू आपलो काजे ठउर खोजसोत। राजा आया दंतेश्वरी के राय मांगतो काजे मांझी गायता के सांगला। जमाय गायता मांझी, मुखिया मन देव माड़ीया मोंगराज चो स्थापना करतो काजे आया दंतेश्वरी के राय मांगला। 84 परगना चो लोगमन ऐके मान्यता दिला अरू रीति-नीति संग अरजी बिनती करून भातीन बाबा माडीया मोंगराज चो स्थापना करला अरू मडई(जातरा) बनावला तब ले अभी तक ले हर साल भागून महीना ले धूम -धाम ले गढ़ देवी मां दन्तेश्वरी चो आसीस ले 84 परगना चो मन माडीया मोंगराज के देव चो रूप में इथा स्थापना करला अरू ऐचो विलक्षण शक्ति ,संस्कृति के दरशन करतो काजे दूर-दूर ले परलकोट चो मड़ई (जातरा) दखूक एसोत । आज कल परलकोट चो राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल खण्डहर चो रूप में पड़लीसे जहां 20 जनवरी सन 1825 चो राजा गैंदसिंह बाऊ के अंग्रेज मन फांसी दिला। अरू दन्तेश्वरी माता चो मंदिर गिरूक होलीसे। मंदिर लगे माडीया मोंगराज गुडी सीतला माता चो गुड़ी आसे। आज परलकोट में कई हजार फलदार रूख मन आसत। राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल , बलिदान स्थल , चो संरक्षण करतो काजे सबके सहयोग करूक लागुआय। परलकोट चो राजा शहीद गैंदसिंह बाऊ चो महल के पर्यटन स्थल घोषित करतो काजे शासन के मांग करूक लागेदे। लिखतो बिता कृश्णपाल राणा अध्यक्ष युवा प्रकोश्ट (18गढ़ महासभा)

leave a comment