बोधघाट परियोजना ले होहि बस्तर के बिकास

बोधघाट परियोजना ले होहि बस्तर के बिकास

06-Jun-2021

बोधघाट परियोजना ले होहि बस्तर के बिकास

बोधघाट बहुउद्देस्यीय सिंचाई परियोजना बस्तर के बिकास के नवा अध्याय लिखहि। इंदरावती नदिया के पानी ल बस्तरवासी के सदुउपयोग बर बोधघाट सिंचई परियोजना के निरमान जरूरी हे। मुख्यमंतरी भूपेश बघेल के ये मानना हे कि बस्तर के बिकास के इतिहास म बोधघाट पोरजेक्ट अब तक के एक अइसे पोरजेक्ट हरय, जेखर लाभ सिरिफ बस्तर के लोगन ल मिलहि। बस्तर अंचल के जीवनदायिनी इंदरवती नदिया के मातरा 11 टीएमसी पानी उपयोग के हक बस्तर के लोगन ल मिलत हे, जबकि इंदरावती नदिया के 300 टीएमसी पानी उपर बस्तर के हक हे। बोधघाट सिंचई परियोजना के निरमान ले इंदरावती म 30 गुना पानी के वृद्धि होहि, येखर ले बस्तरवासी के खुसहाली अउ समरिधि बढ़हि।     
राज्य सरकार ह बोधघाट बहुउद्देसीय सिंचई परियोजना के पुराना स्वरूप ल परिवरतित करके येला बस्तरवासी के बेहतरी बर तइयार करत हे। 40 बछर ले लंबित ये परियोजना पुरव म हाईड्रल पोरजेक्ट के रूप म तइयार करे गेय रहिस। जेला भूपेश सरकार ह बस्तर लोगन के भावना ल धियान म रखत हुए येला सिंचई परियोजना के रूप म परिवरतित करिस। इंदरावती नदिया ले बस्तर के हिस्सा के पानी जउन वरतमान म बिना रोकटोक के परवाहित होत हे। ये परियोजना के निरमान ले बस्तर अंचल म सिंचई होहि। ये परियोजना के निरमान ले तीन लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर म सिंचई और लमसम 300 मेगावाट बिद्युत उत्पादन होहि, जउन बस्तर के खुसहाली अउ समिरिधि के नवा इतिहास लिखहि। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, बीजापुर अउ सुकमा जइसे नक्सलवाद ले परभावित जिला म अब बंदुक के जगह फसल उगहि। खेत लहलहाहि। धरती महतारी चादर ओढ़ खुसहालि के गीत गाहि। इहां के जनजीवन मुसकुराहि। किसान के कंधा म नागर अउ हाथ म रापा अउ कुदारी होहि। 
बस्तरवासी के समरिधि के सपना ल साकार करे के बीड़ा उठाय मुख्यमंतरी भूपेश बघेल ह कोरोना जइसे महामारी अउ आरथिक संकट के ये बिसम परिस्थिति म घलो बोधघाट सिंचई परियोजना के काम ल उही हउसला के संग आगु बढ़ाहि, जइसा वोहा कोरोना ले पहिली बिधानसभा के बजट सतरा म कहे रहिस। मुख्यमंतरी के ये प्रतिबद्धता, छत्तिसगढ़ के बिकास अउ इहां के लोगन म खुसहालि लाहि।


मुख्यमंतरी भूपेश बघेल के परयास के उल्लेख करना घलो जरूरी हे, जउन ह ये सिंचई परियोजना के काम ल आगु बढ़ाय बर केंदरीय जल संसाधन मंतरी ल बार-बार पतरा लिखिन, अउ कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले ये परियोजना के महत्ता बताइस। जेखर सेती केंद्र ह ये पोरजेक्ट ल मंजुरी दिलाय म बड़का भुमिका निभाइस। मुख्यमंतरी के परयास के ही ये परतिफल हे कि केनदरीय जल आयोग ह 40 बछर ले लंबित ये पोरजेक्ट के फिजिबल मानत अपन मंजुरी दिस। बोधघाट बहुउद्देस्यीय सिंचई परियोजना के मंजुरी मिलत हे येकर सरवेक्छन अउ डीपीआर तइयार के काम सुरू कर देय गिस हे। इहां ये बताना जरूरी हे कि पहिलि बोधघाट परियोजना म सिरिफ दंतेवाड़ा अउ बीजापुर जिला सामिल रहिस। ये दुनो जिला म ये परियोजना के माध्यम ले खरिफ, रबी अउ गिरिस्म काल फसल बर कुल 2 लाख 65 हजार 580 हेक्टेयर क्षेतरा म सिंचई प्रस्तावित रहिस, फेर मुख्यमंतरी ह ये परियोजना के माध्यम ले सुकमा जिला के किसान ल सिंचई बर पानी देय के मंसा जताइस। येकर बाद जल संसाधन बिभाग ह सुकमा जिला के घलो ये पोरजेक्ट म सामिल करिस। सुकमा जिला के खरिफ, रबी अउ गिरिस्म काल फसल बर कुल एक लाख हेक्टेयर म पानी मिलहि। ये परकार देखा जाय त ये सिंचई परियोजना के माध्यम ले अब ये तीनों जिला म कुल 3 लाख 65 हजार 580 हेक्टेयर रकबे म सिंचई बर पानी के पुरति परस्तावित हे। 
बस्तर के जीवनदायिनी इंदरावती नदिया म परस्तावित बोधघाट सिंचई परियोजना के कुल लागत 22 हजार 655 करोड़ रुपया हे। बोधघाट सिंचई परियोजना बर राज्य सरकार ह हाईड्रल पावर के बजाय अब येला सिंचई के पारथमिकता म सामिल करिस। बोधघाट परियोजना म लमसम 145 किलोमीटर लंबई के दायीं तट नहर बनहि। येकर संग ही 250 ले जादा साखा नहर होहि। येमा एक छोर के माइनर सीधा सुकमा जिला तक जुड़हि, दूसर छोर बीजापुर जिला तक जाहि। परियोजना म जादा छेतरा सुकमा जिला म आत हे। येकर जादा फायदा राज्य के अंतिम छोर ल मिलहि। बोधघाट परियोजना के दायरा, वरतमान म छत्तिसगढ़ के महानदी मुख्य नहर अउ हसदेव बांगो ले बड़का हो जाहि। 
बोधघाट परियोजना ले परभावित परिवार के बेहतर पुनरवास बर राज्य सरकार संवेदनसील अउ परतिबध हे। मुख्यमंतरी भूपेश बघेल के कहना हे कि ये पोरजेक्ट बर पुनरवास के अच्छा नीति बस्तरवासी के भावना अउ ओखर सुझाव के अनुसार तइयार करे जाहि अउ हरहाल म येखर लाभ मिलहि।


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