छत्तीसगढ़िया मन के बिकास करइया  - भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़िया मन के बिकास करइया - भूपेश बघेल

15-May-2021
छत्तिसगढ़ बिधानसभा म 24 दिसम्बर के चर्चा के बाद ध्वनिमत ले 2 हजार 387 करोड़ रुपया के अनुपूरक बजट पारित करे गिस। दूसरा अनुपूरक के बाद अब प्रदेस के 2020-21 के मुख्य बजट 9 हजार 101 करोड़ रुपया हो गेय। 2020-21 के मुख्य बजट एक लाख 2 हजार 907 करोड़ रुपया रहिस। पहिली अनुपूरक 3 हजार 807 करोड़ रुपया रहिस। बिधानसभा म चर्चा के जवाब देत मुख्यमंतरी भूपेश बघेल कहिन कि प्रदेस सरकार ईमानदारी के साथ धान खरीदी करत हे। किसान ल कोनो प्रकार के परेसानी नई होत हे। बोरा के जउन कमी हे ओला दुर करे के प्रयास होत हे। मुख्यमंतरी कहिन कि हमर प्राथमिकता प्रदेस के गरीब, किसान, मजदूर, महिला अऊ युवा हवय। भूपेस कहिन कि हमन कर्ज ले हन किसान के कर्ज माफी बर, धान खरीदी बर अऊ लोगन के सहायता बर। पहिली के सरकार स्काई वॉक, एक्सप्रेस-वे, मोबाइल खरीदी अऊ नवा राजधानी बर कर्ज लेय रहिन। फेर येकर ले प्रदेस के लोगन ल काहि फायदा नई होइस। मुख्यमंतरी ह नवा तहसील के मांग ऊपर कहिन कि राज्य सरकार ह 24 नवा तहसील बनाय हे। अऊ भविस्य म जब भी नवा तहसील बनाय जाहि त जनप्रतिनिधि मन के मांग ल धियान म राखे जाहि। केंद्र सरकार करिन प्रसंसा मुख्यमंतरी कहिन कि राज्य सरकार ह आम लोगन ल जउन सुविधा उपलब्ध कराय कराइस, ओखर प्रसंसा भारत सरकार अऊ नीति आयोग घलो करिन। कोरोना काल म प्रदेस म 22 हजार ले ज्यादा एकांतवास बनाय गिस। गरीब ल 35 किलो चाउर 3 महीना फोकट म देय गिस। मध्यान्ह भोजन के सूखा रासन लइका मन के घर पहुंचाय गिस। भूपेश बघेल बताइन कि प्रदेस के कई धान खरीदी केंद्र के दौरा करिन। उन्हा भीड़ भाड़ नई रहिस अऊ बेवस्था बढ़िया रहिस। नवा सरकार बने के पहिली प्रदेस म 1900 धान खरीदी केंद्र रहिस, जेन ल पहिली चरन म बढ़ा के 2000 करे गिस। अब 2300 केंद्र म धान खरीदी होत हे। मुख्यमंतरी कहिन कि मोला छत्तिसगढ़ के संस्कृति ऊपर गरब हे, छत्तीसगढ़िया होय के अभिमान हे। नरवा,गरवा, घुरवा,बारी योजना ऊपर कहिन कि नरवा प्रोजेक्ट ल भारत सरकार ह सूरजपुर अऊ बिलासपुर जिला ल पूरा देस म पहला पुरस्कार दिन। गोधन न्याय योजना म अब तक 32 लाख किविंटल ले ज्यादा गोबर के खरीदी हो गेय हे। अऊ पसुपालक ल 64 करोड़ रुपया के भुकतान हो चुके हे। अम्बिकापुर के वर्मी कम्पोस्ट करईया महिला समूह एक बड़का कंपनी के संग 16 रुपया किलो कीमत म बेचे के एमओयू करिस। कहिन कि गोबर हमर बर पवितरा वस्तु हरय। आज भी घर के चूल्हा अऊ पूजा स्थल के लिपाई गोबर ले कर जाथे। गोबर ल हमन अर्थ बेवस्था ले जोड़े हन। छत्तीसगढ़िया मन के बिकास करइया - भूपेश बघेल गोबर ल अर्थबेवस्था ले जोड़ेन

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