राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार

राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार

06-May-2021
राम वन गमन पर्यटन परिपथ के काॅन्सेप्ट प्लान तइयार छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग ह तइयार करिस 137.45 रूपिया के काॅन्सेप्ट प्लान श्राम राम वन गमन पर्यटन परिपथ म विकसित करे जाही चयनित नौ स्थान मुख्यंमत्री श्री भूपेस बघेल ह केन्द्रीय पर्यटन राजमंत्री श्री प्रहलाद पटेल ला चिट्टी लिख के उनला छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ ला विकसित करे बर तइयार किए गे हे काॅन्सप्ट प्लान ला केन्द्र सरकार के स्वदेस दर्सन योजना के तहत स्वीकृति प्रदान करे के आग्रह करे गिस। छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करे बर छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग कोति ले 09 स्थान के चिन्हा करके 137करोड45 लाख रूपिया के लागत के कान्सेप्ट प्लान तइयार करे गे हे। केन्द्र सरकार के स्वदेस दर्सन योजना के अंतर्गत पर्यटन के चयनित परियोजना मन में पर्यटक मन के सुविधा बर विष्वस्तरीय अधोसरंचना विकसित करे के प्रावधान हें। मुख्यमंत्री ह केन्द्रीय पर्यटन राजमंत्री ल चिट्टी म लिख के छत्तीगढ़ के इतिहास प्राचीन होए के साथ प्रसस्त तको हे । ़़त्रेतायुग म छत्तीसगढ़ के प्राचीन नाम दक्षिन कोसल अउ दण्डकारनय के रूप् म विरूयात रहिस। दण्डकारनय म भगवान श्रीराम के वन मगन यात्रा के पुष्टि वाल्मीकि रामायन म हे। सोधकर्ता ले प्राप्त जानकारी,सोध लेख अउ पुस्तक के अनुसार प्रभु श्रीराम के डहार ले अपन वनवास काल के 14 बघ्छर म से लगभग 10 बच्छर स ेले भी ज्यादा समय छत्तीसगढ़ म गुजारिस जिखर जानकारी इंहा के लोकगीत म देखे जा सकत हे। श्री बघेल ह कहिन कि प्रभु श्रीराम क उत्तर भारत ले छत्तीसगढ़ म प्रवेस के बाद आने -आने स्थान म चैमासा दीन काटत दक्षिन पथ तको कहे जात रिहीस। छत्तीसगढ़ म कोरिया जिला के बावाई नदी ले होकर सीतामढ़ी हरचैका स्थान म प्रभु श्रीराम ह छत्तीसगढ़ म प्रवेस करिन । ये दौरान उन मन 75 स्थान के भ्रमन करत सुकमा जिला के रामाराम ले दक्षिन भारत म प्रवेस करिन। अतका स्थान म 51 स्थान अइसे हे। जिंहा प्रभु श्रीराम ह भ्रमन के दौरान रूक रूक के समय बिताए रिहीस। जेखर जानकारी सोधकरता मन के सोध आलेख ले होथे । छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले राम वन गमन पथ के पर्यटन के नगर ले विकास के योजना म काम करे जात हें। जेखर उद्देष्य राज म आने वाला पर्यटक,आगन्तुक के संग संग देस अउ राज के लोगन ल भी राम वन गमन मार्ग अउ स्थान ले परिचित कराना ये ऐतिहासिक स्थान के भ्रमन के संगे संग पर्यटक मन ला उच्च स्तर के सुविधा भी उपलब्ध कराना हें। मुख्यमंत्री ह चिट्टी म लिखे हे कि छत्तीसगढ़ म राम वन गमन पर्यटन परिपथ ला विकसित करे के उद्देष्य ले पहिली चरम म 9 स्थान के चिन्हा करे गिस इन स्थान म सीमामढ़ी-हरचैका (कोरिया) ,रामगढ़ अम्बिकापुर ,सिवरीनारयन (जाजगींर चापा),तुरतुरिया (बलौदाबाजार),सिहावा-सत्तऋषि आश्रम (घमतरी),जगदलपुर (बस्तर),रामारासम (सुकमा) सामिल हे। राम वन गमन पर्यटन परिपथ म प्रस्तावित 9 स्थान ला लेवत हुए पर्यटन विभाग डहार ले एक काॅन्सेप्ट प्लान तइयार करे गे हे। जेखर लागत 137.45 करोड़ रूपिया हे। राम वन गमन पर्यटन परिपथ बर राज सासन कोति ले साल 2019-20 म 5 करोड रूपिया रासि अउ साल 2020-21 म 10 करोड़ रूपिया रासि के प्रावधान बजट म करे गिस। कुल रासि 15 करोड़ रूपिया राज सासन स्वीकृत करे हे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ह केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री श्री पटेल ले छत्तीसगढ म राम बन गमन पर्यटन परिपथ विससित करे ले काॅन्सेप्ट प्लान ला स्वीकृति बर आग्रह करिन।

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